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पोर्टल में अटकी सैंकड़ों लोगों की पेंशन
Updated Sun, 11 Mar 2018 11:56 PM IST
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सहारनपुर। पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर 45 दिन में आवेदनकर्ता के खाते में वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन पहुंचाने का नियम धराशायी होता दिखा रहा है। सैकड़ों लोगों की पेंशन पोर्टल में अटकी पड़ी है, जिन्हें लखनऊ से अप्रूवल नहीं मिल रहा है।
पिछले दिनों शासन ने विकलांग, वृद्धा और विधवा पेंशन की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी थी। इसके तहत आवेदनकर्ता को ऑनलाइन पंजीकरण कराकर दस्तावेज समाज कल्याण विभाग में जमा कराने हैं। नियम यह है कि पेंशन सरकारी तंत्र की जांच के बाद 45 दिन में आवेदनकर्ता के खाते में पेंशन पहुंचानी है। संबंधित अधिकारियों को 45 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट लगानी है। मगर, जनपद में सैकड़ों लोगों की पेंशन पोर्टल में ही अटक गई है। पंजीकरण कराने के दो माह बाद भी उनको पेंशन नहीं मिल पाई है। ऐसे सैकड़ों लोग हैं, जिनको पेंशन देने के लिए लखनऊ से अप्रूवल नहीं मिल रहा है। पोर्टल पर इन लोगों के खातों की जांच ही अभी तक नहीं हो पाई है। इस कारण लोग समाज कल्याण विभाग कार्यालय के चक्कर काटकर थक चुके हैं।
उधर, मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन का कहना है कि शासन ने पेंशन प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। लखनऊ से रिपोर्ट लगने के बाद ही जिला स्तर पर जांच कर आवेदनकर्ता को पेंशन मिलेगी, जिन लोगों के फार्म लंबित पड़े हैं, उनके लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।
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पिछले दिनों शासन ने विकलांग, वृद्धा और विधवा पेंशन की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी थी। इसके तहत आवेदनकर्ता को ऑनलाइन पंजीकरण कराकर दस्तावेज समाज कल्याण विभाग में जमा कराने हैं। नियम यह है कि पेंशन सरकारी तंत्र की जांच के बाद 45 दिन में आवेदनकर्ता के खाते में पेंशन पहुंचानी है। संबंधित अधिकारियों को 45 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट लगानी है। मगर, जनपद में सैकड़ों लोगों की पेंशन पोर्टल में ही अटक गई है। पंजीकरण कराने के दो माह बाद भी उनको पेंशन नहीं मिल पाई है। ऐसे सैकड़ों लोग हैं, जिनको पेंशन देने के लिए लखनऊ से अप्रूवल नहीं मिल रहा है। पोर्टल पर इन लोगों के खातों की जांच ही अभी तक नहीं हो पाई है। इस कारण लोग समाज कल्याण विभाग कार्यालय के चक्कर काटकर थक चुके हैं।
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उधर, मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन का कहना है कि शासन ने पेंशन प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। लखनऊ से रिपोर्ट लगने के बाद ही जिला स्तर पर जांच कर आवेदनकर्ता को पेंशन मिलेगी, जिन लोगों के फार्म लंबित पड़े हैं, उनके लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।
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