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अधिकारियों की लापरवाही से सरकारी योजनाएं हो रही फेल
Updated Sat, 10 Feb 2018 11:41 PM IST
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अधिकारियों की लापरवाही से सरकारी योजनाएं हो रही फेल
सहारनपुर। आईआईए के चैप्टर चेयरमैन कृष्ण राजीव सिंघल ने कहा कि जिले में लघु उद्योग पूरी तरह से बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाएं तो लघु उद्योगों के हितों के लिए हैं लेकिन सरकारी विभागों के अधिकारियों द्वारा उन योजनाओं को मूर्तरूप नहीं दिया जाता। इसके चलते सभी योजनाएं फेल हो जाती हैं, लघु उद्योगों को उनका कोई भी लाभ नहीं मिल पाता।
चर्च कंपाउंड स्थित एक सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कृष्ण राजीव सिंघल ने कहा कि उद्योगों में छापेमारी कर उद्यमियों को मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार करने के साथ ही उनकी जवाबदेही को भी सुनिश्चित करनी चाहिए। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामजी सुनेजा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी नई औद्योगिक नीति-2017 में प्रदेश के पश्चिमांचल के लघु उद्योगों की अनदेखी की गयी है। जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश को पर्याप्त सुविधाएं दी गई हैं। हालांकि प्रदेश सरकार को सबसे ज्यादा रेवेन्यू वेस्ट यूपी के लघु कारोबारियों से ही जाता है। लघु उद्यमियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए सिंगल विंडो का प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 21 से 22 फरवरी तक आयोजित होने वाले यूपी समिट में जिले के उद्यमी 740 करोड़ रुपये इंवेस्टमेंट करने जा रहे हैं। सहायक आयुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी, आरएस रावत, अशोक गांधी, अनूप खन्ना, आरके धवन, सरदार हरजीत सिंह, सतीश अरोड़ा, संजय जैन, योगेश कुमार, पंकज गोयल, सुनील सैनी, अनिल अग्रवाल, पंकज गुप्ता, दिनेश सिंघल, परमजीत सिंह, सुरेन्द्र मोहन कालरा, गौरांग अरोडा, मनजीत सिंह अरोडा, राजेश सपरा, ओंकार सिंह, सिद्धार्थ धवन, संदीप कपूर, सुनील कपूर, अशोक गुलाटी, नन्द किशोर तलवार, नवीन ठक्कर, राहुल गुप्ता, संजय गुप्ता, आरके सिंह, रविकांत शर्मा, संदीप कुमार आदि रहे।
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सहारनपुर। आईआईए के चैप्टर चेयरमैन कृष्ण राजीव सिंघल ने कहा कि जिले में लघु उद्योग पूरी तरह से बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाएं तो लघु उद्योगों के हितों के लिए हैं लेकिन सरकारी विभागों के अधिकारियों द्वारा उन योजनाओं को मूर्तरूप नहीं दिया जाता। इसके चलते सभी योजनाएं फेल हो जाती हैं, लघु उद्योगों को उनका कोई भी लाभ नहीं मिल पाता।
चर्च कंपाउंड स्थित एक सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कृष्ण राजीव सिंघल ने कहा कि उद्योगों में छापेमारी कर उद्यमियों को मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार करने के साथ ही उनकी जवाबदेही को भी सुनिश्चित करनी चाहिए। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामजी सुनेजा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी नई औद्योगिक नीति-2017 में प्रदेश के पश्चिमांचल के लघु उद्योगों की अनदेखी की गयी है। जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश को पर्याप्त सुविधाएं दी गई हैं। हालांकि प्रदेश सरकार को सबसे ज्यादा रेवेन्यू वेस्ट यूपी के लघु कारोबारियों से ही जाता है। लघु उद्यमियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए सिंगल विंडो का प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 21 से 22 फरवरी तक आयोजित होने वाले यूपी समिट में जिले के उद्यमी 740 करोड़ रुपये इंवेस्टमेंट करने जा रहे हैं। सहायक आयुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी, आरएस रावत, अशोक गांधी, अनूप खन्ना, आरके धवन, सरदार हरजीत सिंह, सतीश अरोड़ा, संजय जैन, योगेश कुमार, पंकज गोयल, सुनील सैनी, अनिल अग्रवाल, पंकज गुप्ता, दिनेश सिंघल, परमजीत सिंह, सुरेन्द्र मोहन कालरा, गौरांग अरोडा, मनजीत सिंह अरोडा, राजेश सपरा, ओंकार सिंह, सिद्धार्थ धवन, संदीप कपूर, सुनील कपूर, अशोक गुलाटी, नन्द किशोर तलवार, नवीन ठक्कर, राहुल गुप्ता, संजय गुप्ता, आरके सिंह, रविकांत शर्मा, संदीप कुमार आदि रहे।
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