{"_id":"5a3ff5a34f1c1b3c3d8bfc36","slug":"181514141091-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेद ही विश्व शांति का आधार: सत्यव्रत--","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेद ही विश्व शांति का आधार: सत्यव्रत--
Updated Mon, 25 Dec 2017 12:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। आचार्य सत्यव्रत ने कहा कि वेद ही विश्वशांति का आधार है। वेद ईश्वर का ज्ञान है, जो सृष्टि के आरंभ में मनुष्य के कल्याण के लिए दिया गया। मनुष्य को जीवन जीने का ज्ञान वेद देते हैं।
आर्य समाज हकीकतनगर के प्रांगण में चल रहे ऋग्वेद परायण यज्ञ एवं वेद कथा के मौके पर उन्होंने कहा कि ईश्वर का स्वरूप वेद में सर्व व्यापक है। 33 प्रकार देवता होते हैं, जिनका मुख अग्नि होता है। अग्नि में आहुति देने से सब देवता खाते हैं। भजनोपदेशक उपवेद आर्य ने कहा कि अमर हुतात्मा स्वामी श्रद्धानंद एक महान शिक्षा शास्त्री थे। उन्होंने अपना जीवन पावन और पवित्र बनाया। हमें उनके जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए। ऋग्वेद परायण यज्ञ में प्रियव्रत शास्त्री, सुमन, मनोरमा ने वैदिक ऋचाओं का पाठन किया। राजेंद्र चौहान, प्रधान विवेक, प्रदीप आर्य, देवेंद्र आर्य, वेद प्रकाश, अगद सिंह, डा. पीके गुप्ता, सोमदत्त, रीता, सुधीर शर्मा, चंद्रभान आर्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
आर्य समाज हकीकतनगर के प्रांगण में चल रहे ऋग्वेद परायण यज्ञ एवं वेद कथा के मौके पर उन्होंने कहा कि ईश्वर का स्वरूप वेद में सर्व व्यापक है। 33 प्रकार देवता होते हैं, जिनका मुख अग्नि होता है। अग्नि में आहुति देने से सब देवता खाते हैं। भजनोपदेशक उपवेद आर्य ने कहा कि अमर हुतात्मा स्वामी श्रद्धानंद एक महान शिक्षा शास्त्री थे। उन्होंने अपना जीवन पावन और पवित्र बनाया। हमें उनके जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए। ऋग्वेद परायण यज्ञ में प्रियव्रत शास्त्री, सुमन, मनोरमा ने वैदिक ऋचाओं का पाठन किया। राजेंद्र चौहान, प्रधान विवेक, प्रदीप आर्य, देवेंद्र आर्य, वेद प्रकाश, अगद सिंह, डा. पीके गुप्ता, सोमदत्त, रीता, सुधीर शर्मा, चंद्रभान आर्य मौजूद रहे।
विज्ञापन