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भूमि से कब्जा न हटना बना रेलवे के फ्रेट कोरिडोर में रोड़ा
Updated Sat, 24 Nov 2018 12:19 AM IST
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सहारनपुर। रेलवे फ्रेट कॉरिडोर की राह अभी आसान नजर नहीं आ रही है। अभी तक रेलवे द्वारा अधिग्रहीत की गई पूरी भूमि पर कब्जा ही नहीं मिल पा रहा है। प्रशासन ने डेढ़ किमी भूमि पर कब्जा दिला दिया है, लेकिन अभी कई किलोमीटर भूमि रेलवे को दिलाई जानी है, जबकि किसान रेलवे अधिकारियों पर भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं और मुजफ्फरनगर के बराबर मुआवजा मांगा जा रहा है। सहारनपुर में डेडीकेटेड रेलवे फ्रेट कॉरिडोर निर्माण के लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सहारनपुर रेलवे स्टेशन के पास भूमि चिह्नित कर ली गई है। जो भी निर्मित भवन आड़े आ रहे हैं उनको नोटिस भेजकर खाली कराया जा रहा है। यहां तक की कचहरी पुल को भी ऊंचा किए जाने की प्रक्रिया के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फिर भी फ्रेट कॉरिडोर के लिए रास्ता आसान नजर नहीं आ रहा है। मालगाड़ियों के लिए अलग से बनने वाली रेलवे लाइन फ्रेट कॉरिडोर के लिए वर्ष 2011 में ही भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया था, लेकिन उस समय तय किए गए मुआवजे से अब किसान संतुष्ट नहीं हैं। जिस कारण विरोध के सुर भी सामने आ रहे हैं।
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डेढ़ किमी भूमि कराई कब्जामुक्त
उप जिलाधिकारी परमानंद झा का कहना है कि रेलवे फ्रेट कॉरिडोर के लिए भूमि कब्जामुक्त कराई जानी है। ग्राम सुमरी ख्वाजा, लखनौती समेत कई गांवों की भूमि कब्जामुक्त होनी है। सुमरी ख्वाजा में 16 किसानों की भूमि है। जिसमें से लगभग डेढ़ किलोमीटर की भूमि किसानों से कब्जे से मुक्त करा दी है। अभी कुछ भूमि और मुक्त करानी है। लखनौती में भी लगभग तीन किलोमीटर की भूमि कब्जामुक्त कराई जानी है। इस भूमि को कब्जामुक्त कराकर रेलवे फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण कर रहे अधिकारियों को कब्जा दिलाया जाएगा। इसमें प्रशासन को काफी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए पीएसी की मांग की गई है।
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वह तो सिर्फ सही मुआवजा की मांग कर रहे हैं
ग्राम सुमरी ख्वाजा के लोग कब्जा देने से इंकार नहीं कर रहे हैं, सिर्फ सही मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने रेलवे के अधिकारियों पर पक्षपात करने का आरोप लगाया।
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गांव के जोगेंद्र का कहना है कि उन्हें जमीन देने में कोई दिक्कत नहीं है और न ही कोई विरोध करना चाहते हैं, लेकिन उनके साथ पक्षपात किया जा रहा है। मुजफ्फरनगर के किसानों को जो मुआवजा दिया जा रहा है, उन्हें भी वहीं मुआवजा दिया जाए। नौरता का कहना है कि जमीन तो पहले ही दे चुके, लेकिन जिस समय जमीन दी गई थी, मुआवजा भी उसी समय दिया जाना चाहिए था। तो फिर कोई दिक्कत ही नहीं थी। राजकुमार का कहना है कि मुजफ्फरनगर के किसानों की जमीन और उनकी जमीन एक जैसी है तो मुआवजा अलग-अलग क्यों दिया जा रहा है। उन्हें भी वही मुआवजा दिया जाए। कालूराम कहते हैं कि काम कोई नहीं रोकना चाहता, लेकिन अपना अधिकार तो चाहिए। हमारी जमीन का हमें काफी कम मुआवजा दिया जा रहा है। इसके लिए ही मांग की जा रही है।
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- कार्य तेजी से चल रहा है
फ्रेट कॉरिडोर के अधिकारियों का कहना है कि कार्य काफी तेजी से चल रहा है। कुछ गांवों में भूमि पर अभी रेलवे को कब्जा नहीं मिल पाया है।
एक सप्ताह में पूरी भूमि कब्जामुक्त कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है। सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर कार्य शुरू कराया जा रहा है।
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डेढ़ किमी भूमि कराई कब्जामुक्त
उप जिलाधिकारी परमानंद झा का कहना है कि रेलवे फ्रेट कॉरिडोर के लिए भूमि कब्जामुक्त कराई जानी है। ग्राम सुमरी ख्वाजा, लखनौती समेत कई गांवों की भूमि कब्जामुक्त होनी है। सुमरी ख्वाजा में 16 किसानों की भूमि है। जिसमें से लगभग डेढ़ किलोमीटर की भूमि किसानों से कब्जे से मुक्त करा दी है। अभी कुछ भूमि और मुक्त करानी है। लखनौती में भी लगभग तीन किलोमीटर की भूमि कब्जामुक्त कराई जानी है। इस भूमि को कब्जामुक्त कराकर रेलवे फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण कर रहे अधिकारियों को कब्जा दिलाया जाएगा। इसमें प्रशासन को काफी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए पीएसी की मांग की गई है।
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वह तो सिर्फ सही मुआवजा की मांग कर रहे हैं
ग्राम सुमरी ख्वाजा के लोग कब्जा देने से इंकार नहीं कर रहे हैं, सिर्फ सही मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने रेलवे के अधिकारियों पर पक्षपात करने का आरोप लगाया।
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गांव के जोगेंद्र का कहना है कि उन्हें जमीन देने में कोई दिक्कत नहीं है और न ही कोई विरोध करना चाहते हैं, लेकिन उनके साथ पक्षपात किया जा रहा है। मुजफ्फरनगर के किसानों को जो मुआवजा दिया जा रहा है, उन्हें भी वहीं मुआवजा दिया जाए। नौरता का कहना है कि जमीन तो पहले ही दे चुके, लेकिन जिस समय जमीन दी गई थी, मुआवजा भी उसी समय दिया जाना चाहिए था। तो फिर कोई दिक्कत ही नहीं थी। राजकुमार का कहना है कि मुजफ्फरनगर के किसानों की जमीन और उनकी जमीन एक जैसी है तो मुआवजा अलग-अलग क्यों दिया जा रहा है। उन्हें भी वही मुआवजा दिया जाए। कालूराम कहते हैं कि काम कोई नहीं रोकना चाहता, लेकिन अपना अधिकार तो चाहिए। हमारी जमीन का हमें काफी कम मुआवजा दिया जा रहा है। इसके लिए ही मांग की जा रही है।
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- कार्य तेजी से चल रहा है
फ्रेट कॉरिडोर के अधिकारियों का कहना है कि कार्य काफी तेजी से चल रहा है। कुछ गांवों में भूमि पर अभी रेलवे को कब्जा नहीं मिल पाया है।
एक सप्ताह में पूरी भूमि कब्जामुक्त कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है। सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर कार्य शुरू कराया जा रहा है।