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अचरज है कि जल में रहकर मछली को प्यास है

Thu, 30 Aug 2018 01:12 AM IST
Updated Thu, 30 Aug 2018 01:12 AM IST
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अचरज है कि जल में रहकर मछली को प्यास है
सहारनपुर। आर्य समाज खलासी लाइन में वेद प्रचार प्रसार सप्ताह का शुभारंभ किया गया। मुंबई से आए भजनोपदेशक विरेंद्र मिश्रा ने भजन सुनाते हुए कहा कि आनंद स्त्रोत बह रहा, पर तू उदास है, अचरज है कि जल में रहकर मछली को प्यास है। मुजफ्फरनगर से आए वैदिक प्रवक्ता आचार्य संजीव आर्य ने कहा कि संसार की सबसे बड़ी शक्ति गायत्री मंत्र है। परमात्मा ने जो विचार दिए हैं वही वेद हैं। इसका मनन करने से प्राणों की रक्षा होती है। मुख्य यजमान प्रधान विजय कुमार रहे। डा. पूर्णचंद्र शास्त्री, ओम प्रकाश आर्य, शोभा आर्य, अनिता आर्य, सुरेंद्र चौहान, रविकांत राणा, सुरेश सेठी, शांति देवी, रविंद्र आर्य, सोमदत्त आर्य, राम किशोरी, किशनपाल, डा. राजवीर सिंह, ब्रह्मदेव, योगराज शर्मा, सुरेंद्र कुमार, रोशनलाल मौजूद रहे।
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