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बरसात में फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा सफेद गिडार
Updated Fri, 27 Jul 2018 12:40 AM IST
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फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा सफेद गिडार
सहारनपुर। बरसात में फसलों पर सफेद गिडार का प्रकोप बढ़ गया है। यह कीट फसल की उन जड़ों को खाकर नष्ट करता है जिससे पौधा भूमि से पोषक तत्व अवशोषित करता है। इसके चलते प्रभावित पौधे सूख जाते हैं।
वर्षा ऋतु में सफेद गिडार का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। करीब 18 मिलीमीटर लंबा और 7 मिली मीटर चौड़ा यह कीट हल्के भूरे रंग का होता है। यह कीट पौधों के छोटी छोटी जड़ों को खाकर नष्ट कर देता है। इस कीट की खासियत यह है कि भूमि के काफी नीचे तक चला जाता है। जिससे कीटनाशकों का प्रयोग भी इसे नुकसान नहीं पहुंचा पाता। जुलाई में बारिश का प्रभाव बढ़ते ही यह कीट फसलों की उन जड़ों को खाना शुरू कर देता है जो जमीन से पोषक तत्व ग्रहण करती है। इसके चलते प्रभावित पौधे सूख जाते हैं। मूंगफली, ज्वार, बाजरा, मिर्च, भिंडी, बैंगन, गन्ना आदि फसलों पर इसका प्रकोप सबसे अधिक पड़ता है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी एवं फसल सुरक्षा विभाग के प्रोफेसर डॉ. आईके कुशवाहा ने बताया कि सफेद गिडार पर नियंत्रण के लिए प्रभावित फसल के पास किसी पेड़ पर लाइट ट्रैप के साथ ही एनीसोल फेरोमान लगाए। इसके साथ ही लाइट ट्रैप के नीचे पानी भरे बर्तन में मिट्टी का तेल डाल दें। रात के समय सफेद गिडार के व्यस्क आकर्षित होकर लाइट ट्रैप पर आते हैं और उसके नीचे रखे पानी में गिरकर मर जाते हैं। इसके अलावा मिट्टी में फसल बुआई से पहले बिवेरिया बेसियाना, मेटेराइजियम और जैव कारकों का प्रयोग किया जा सकता है।
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सहारनपुर। बरसात में फसलों पर सफेद गिडार का प्रकोप बढ़ गया है। यह कीट फसल की उन जड़ों को खाकर नष्ट करता है जिससे पौधा भूमि से पोषक तत्व अवशोषित करता है। इसके चलते प्रभावित पौधे सूख जाते हैं।
वर्षा ऋतु में सफेद गिडार का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। करीब 18 मिलीमीटर लंबा और 7 मिली मीटर चौड़ा यह कीट हल्के भूरे रंग का होता है। यह कीट पौधों के छोटी छोटी जड़ों को खाकर नष्ट कर देता है। इस कीट की खासियत यह है कि भूमि के काफी नीचे तक चला जाता है। जिससे कीटनाशकों का प्रयोग भी इसे नुकसान नहीं पहुंचा पाता। जुलाई में बारिश का प्रभाव बढ़ते ही यह कीट फसलों की उन जड़ों को खाना शुरू कर देता है जो जमीन से पोषक तत्व ग्रहण करती है। इसके चलते प्रभावित पौधे सूख जाते हैं। मूंगफली, ज्वार, बाजरा, मिर्च, भिंडी, बैंगन, गन्ना आदि फसलों पर इसका प्रकोप सबसे अधिक पड़ता है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी एवं फसल सुरक्षा विभाग के प्रोफेसर डॉ. आईके कुशवाहा ने बताया कि सफेद गिडार पर नियंत्रण के लिए प्रभावित फसल के पास किसी पेड़ पर लाइट ट्रैप के साथ ही एनीसोल फेरोमान लगाए। इसके साथ ही लाइट ट्रैप के नीचे पानी भरे बर्तन में मिट्टी का तेल डाल दें। रात के समय सफेद गिडार के व्यस्क आकर्षित होकर लाइट ट्रैप पर आते हैं और उसके नीचे रखे पानी में गिरकर मर जाते हैं। इसके अलावा मिट्टी में फसल बुआई से पहले बिवेरिया बेसियाना, मेटेराइजियम और जैव कारकों का प्रयोग किया जा सकता है।
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