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भूमि का मुआवजा कम मिलने से किसान नाखुश, प्रदर्शन किया
Updated Fri, 20 Jul 2018 12:14 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। देवबंद-रुड़की रेल मार्ग के निर्माण के लिए रेलवे द्वारा चिह्नित की गई भूमि का मुआवजा कम मिलने से किसान नाखुश हैं। बृहस्पतिवार को सहारनपुर मुजफ्फरनगर हाईवे के समीप निर्माण के लिए मशीनें लेकर पहुंची टीम का किसानों ने विरोध करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि जब तक उन्हें अपनी जमीनों को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता वह काम शुरू नहीं होने देंगे।
प्रस्तावित देवबंद-रुड़की रेल मार्ग के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य चल रहा है। देवबंद से रुड़की जाने वाली रेल लाइन के लिए सहारनपुर मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे-59 के ऊपर से ट्रेन गुजरेगी। जिसके लिए यहां ओवरब्रिज बनाया जाना है। बृहस्पतिवार को ओवरब्रिज का कार्य शुरू करने के लिए पहुंची टीम को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन भी किया। विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान इरशद अहमद, बिजेंद्र सैनी, रविंद्र सैनी, इनाम कुरैशी, महीपाल सैनी, जीशान अहमद आदि का कहना था कि रेलवे विभाग द्वारा उनकी भूमि की सही कीमत न देकर बहुत कम मुआवजा दिया जा रहा है। जब तक उन्हें जमीन की सही कीमत नहीं मिलती वह रेलवे लाइन का कार्य शुरु नहीं होने देंगे। उनका यह भी कहना था कि पटवारी ने उनकी भूमि की कीमत को सर्किल रेट से भी कम दर्शाया है। जिसके चलते उनकी जमीन कोडियों के भाव जा रही है। किसानों ने रेलवे विभाग से आबादी क्षेत्र की भूमि की कीमत सर्किल रेट से दो गुना और खेत व जंगल की भूमि का मूल्य सर्किल रेट से चार गुना दिए जाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों में नरेश सैनी, मौ. दानिश, मरगूब अहमद, विक्रम सैनी, अभय सैनी, नूर हसन, अताउल्लाह, आशिक आदि शामिल रहे।
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प्रस्तावित देवबंद-रुड़की रेल मार्ग के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य चल रहा है। देवबंद से रुड़की जाने वाली रेल लाइन के लिए सहारनपुर मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे-59 के ऊपर से ट्रेन गुजरेगी। जिसके लिए यहां ओवरब्रिज बनाया जाना है। बृहस्पतिवार को ओवरब्रिज का कार्य शुरू करने के लिए पहुंची टीम को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन भी किया। विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान इरशद अहमद, बिजेंद्र सैनी, रविंद्र सैनी, इनाम कुरैशी, महीपाल सैनी, जीशान अहमद आदि का कहना था कि रेलवे विभाग द्वारा उनकी भूमि की सही कीमत न देकर बहुत कम मुआवजा दिया जा रहा है। जब तक उन्हें जमीन की सही कीमत नहीं मिलती वह रेलवे लाइन का कार्य शुरु नहीं होने देंगे। उनका यह भी कहना था कि पटवारी ने उनकी भूमि की कीमत को सर्किल रेट से भी कम दर्शाया है। जिसके चलते उनकी जमीन कोडियों के भाव जा रही है। किसानों ने रेलवे विभाग से आबादी क्षेत्र की भूमि की कीमत सर्किल रेट से दो गुना और खेत व जंगल की भूमि का मूल्य सर्किल रेट से चार गुना दिए जाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों में नरेश सैनी, मौ. दानिश, मरगूब अहमद, विक्रम सैनी, अभय सैनी, नूर हसन, अताउल्लाह, आशिक आदि शामिल रहे।
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