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अधिकारियों की टीम ने निकाले अभिलेख
Updated Fri, 18 May 2018 12:09 AM IST
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बिहारीगढ़ (सहारनपुर)। प्राथमिक विद्यालय में बीएसए द्वारा गठित टीम ने बृहस्पतिवार को पहुंचकर जांच की और आलमारी के ताले तुड़वा कर बंद अभिलेख निकलवाए।
प्राथमिक विद्यालय बिहारीगढ़ का विभाग द्वारा अंग्रेजी माध्यम शिक्षा के लिए चयन होने के बाद यहां तैनात प्रधानाध्यापिका सुशीला देवी को अलीपुर संभालकी में स्थानांतरित कर दिया गया था। इनके स्थान पर नूतन वर्मा को भेजा गया था। स्थानांतरण के बाद सुशीला देवी चिकित्सा अवकाश पर चली गईं। खंड शिक्षा अधिकारी राजमोहन द्वारा नूतन वर्मा को कार्य भार तो ग्रहण करा दिया गया था, लेकिन अभिलेख उपलब्ध न होने कारण संचालन में दिक्कत आ रही थी। इस पर बीएसए ने टीम गठित करके अभिलेख उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे। बृहस्पतिवार को खंड शिक्षा अधिकारी राजमोहन एवं सुनील कुमार गौड़ स्कूल पहुंचे और अलमारी के ताले तुड़वा कर अभिलेख नूतन वर्मा को उपलब्ध कराये। इस पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अभिलेखों तो ताला बंद करने के मामले में जांच की जाएगी। उधर, प्रधानाध्यपिका सुशीला देवी का कहना है कि अलमारी की चाबियां और समस्त अभिलेख पहले से ही नूतन वर्मा के पास थे। साजिश के तहत विभाग को गुमराह कर सूचनाएं नहीं भेज रही थीं। वह ताले टूटने के कुछ देर बार ही खुद भी स्कूल पहुंच गई थीं। उन्होंने स्कूल से ही चाबियां लेकर खंड शिक्षा अधिकारी को दिखा भी दी थी। उन पर लगाए गए सारे आरोप मिथ्या हैं।
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प्राथमिक विद्यालय बिहारीगढ़ का विभाग द्वारा अंग्रेजी माध्यम शिक्षा के लिए चयन होने के बाद यहां तैनात प्रधानाध्यापिका सुशीला देवी को अलीपुर संभालकी में स्थानांतरित कर दिया गया था। इनके स्थान पर नूतन वर्मा को भेजा गया था। स्थानांतरण के बाद सुशीला देवी चिकित्सा अवकाश पर चली गईं। खंड शिक्षा अधिकारी राजमोहन द्वारा नूतन वर्मा को कार्य भार तो ग्रहण करा दिया गया था, लेकिन अभिलेख उपलब्ध न होने कारण संचालन में दिक्कत आ रही थी। इस पर बीएसए ने टीम गठित करके अभिलेख उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे। बृहस्पतिवार को खंड शिक्षा अधिकारी राजमोहन एवं सुनील कुमार गौड़ स्कूल पहुंचे और अलमारी के ताले तुड़वा कर अभिलेख नूतन वर्मा को उपलब्ध कराये। इस पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अभिलेखों तो ताला बंद करने के मामले में जांच की जाएगी। उधर, प्रधानाध्यपिका सुशीला देवी का कहना है कि अलमारी की चाबियां और समस्त अभिलेख पहले से ही नूतन वर्मा के पास थे। साजिश के तहत विभाग को गुमराह कर सूचनाएं नहीं भेज रही थीं। वह ताले टूटने के कुछ देर बार ही खुद भी स्कूल पहुंच गई थीं। उन्होंने स्कूल से ही चाबियां लेकर खंड शिक्षा अधिकारी को दिखा भी दी थी। उन पर लगाए गए सारे आरोप मिथ्या हैं।
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