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परिवार समाज की सबसे छोटी इकाई : दुबलिश
Updated Tue, 13 Feb 2018 01:04 AM IST
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परिवार समाज की सबसे छोटी इकाई : दुबलिश
देवबंद (सहारनपुर)। भारत विकास परिषद (शाश्वत) शाखा द्वारा माता-पिता के सम्मान में बरगद की छांव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें परिषद सदस्यों के माता-पिता को पटका और सम्मान भेंट किया गया।
रणखंडी रोड स्थित बैंक्वेट हाल में कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती और स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि परिषद के क्षेत्रीय सचिव अनुराग दुबलिश और प्रांतीय महासचिव नीता दुबलिश ने कहा कि परिवार समाज की सबसे छोटी इकाई होता है। एक संस्कारित परिवार ही अच्छे समाज का निर्माण करने में सहायक हो सकता है। अपने परिवार के बुजुर्गों का सम्मान करना सभी का सामाजिक और नैतिक दायित्व है। जिला सचिव अमित बंसल और समाजसेवी अशोक गुप्ता ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माता-पिता को ईश्वर का रूप माना गया है। उनकी सेवा ईश्वरीय सेवा मानी गई है। माता-पिता की सेवा से ईश्वर भी खुश होकर परिवार को सुख स्मृद्धि प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में बुजुर्गों को सम्मानित करते हुए परिवार के लिए अनेक बार भावुकता के क्षण भी आए। संचालन देवीदयाल शर्मा और अरुण गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर पंकज गुप्ता, राजीव शर्मा, अजय गर्ग, डॉ. पवन सवई, राजन छाबड़ा, विजय गुप्ता, कुलदीप चौहान, संजय सलूजा, डॉ. अरविंद जौहरी, मनीष अग्रवाल, पुनीत बंसल, रूपेश सैनी, शशिकांत भारद्वाज, सचिन तायल, विपिन गर्ग, आकाश गर्ग आदि मौजूद रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। भारत विकास परिषद (शाश्वत) शाखा द्वारा माता-पिता के सम्मान में बरगद की छांव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें परिषद सदस्यों के माता-पिता को पटका और सम्मान भेंट किया गया।
रणखंडी रोड स्थित बैंक्वेट हाल में कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती और स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि परिषद के क्षेत्रीय सचिव अनुराग दुबलिश और प्रांतीय महासचिव नीता दुबलिश ने कहा कि परिवार समाज की सबसे छोटी इकाई होता है। एक संस्कारित परिवार ही अच्छे समाज का निर्माण करने में सहायक हो सकता है। अपने परिवार के बुजुर्गों का सम्मान करना सभी का सामाजिक और नैतिक दायित्व है। जिला सचिव अमित बंसल और समाजसेवी अशोक गुप्ता ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माता-पिता को ईश्वर का रूप माना गया है। उनकी सेवा ईश्वरीय सेवा मानी गई है। माता-पिता की सेवा से ईश्वर भी खुश होकर परिवार को सुख स्मृद्धि प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में बुजुर्गों को सम्मानित करते हुए परिवार के लिए अनेक बार भावुकता के क्षण भी आए। संचालन देवीदयाल शर्मा और अरुण गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर पंकज गुप्ता, राजीव शर्मा, अजय गर्ग, डॉ. पवन सवई, राजन छाबड़ा, विजय गुप्ता, कुलदीप चौहान, संजय सलूजा, डॉ. अरविंद जौहरी, मनीष अग्रवाल, पुनीत बंसल, रूपेश सैनी, शशिकांत भारद्वाज, सचिन तायल, विपिन गर्ग, आकाश गर्ग आदि मौजूद रहे।
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