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सैनिक के परिजनों ने एडीजी को दी घटना की जानकारी
Updated Fri, 09 Feb 2018 11:16 PM IST
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सहारनपुर। बांग्लादेश सीमा पर तैनात सीआरपीएफ के जवान गंगोह निवासी अजय कुमार के परिजन अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन से मिलने के लिए मेरठ पहुंचे। एडीजी ने उनसे घटना की जानकारी ली और कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।
सीआरपीएफ के जवान गंगोह निवासी अजय कुमार के पिता 80 वर्षीय सरदारा सिंह, अजय के भाई प्रमोद कुमार को मामूली विवाद में जेल भेजने एवं मारपीट करने की घटना को लेकर काफी बवाल मचा। यहां तक कि अजय कुमार ने बीएसएफ की नौकरी छोड़कर परिवार की रक्षा के लिए हथियार उठाने तक की चेतावनी दे डाली थी। उसने पुलिस पर उससे जेल भेजने की धमकी देने और उसके परिवार का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।
मामला शासन तक पहुंचा तो शासन ने एडीजी और डीआईजी को जांच के निर्देश दिए। इसी के तहत शुक्रवार को अजय कुमार के पिता सरदारा सिंह, भतीजा सुंदर लाल तथा बहनोई जगदीश प्रसाद मेरठ पहुंचे। एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने उनसे घटना के बारे में पूरी जानकारी ली। सरदारा सिंह ने बताया कि बिना कोई सूचना दिए उनकी फसल उजाड़ दी गई। जबकि उनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसके कागज भी उन्होंने लेखपाल को दिखाने का प्रयास किया। लेकिन लेखपाल ने उन्हें कहा कि अपने कागज कोर्ट को जाकर दिखाओ, उन्हें नहीं देखने। उनकी उम्र का ध्यान न रखते हुए उनके साथ मारपीट एवं धक्का मुक्की की गई। उसके बाद उन पर ही हत्या के प्रयास का आरोप लगाकर उन्हें जेल भिजवा दिया गया। इस उम्र में उन्हें 28 दिन जेल में रहना पड़ा और अब कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ेंगे। सरदारा सिंह ने एडीजी से इस मामले में जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की। सरदारा सिंह के भतीजे सुंदर लाल ने बताया कि एडीजी प्रशांत कुमार ने इस मामले में अजय कुमार के परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
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सीआरपीएफ के जवान गंगोह निवासी अजय कुमार के पिता 80 वर्षीय सरदारा सिंह, अजय के भाई प्रमोद कुमार को मामूली विवाद में जेल भेजने एवं मारपीट करने की घटना को लेकर काफी बवाल मचा। यहां तक कि अजय कुमार ने बीएसएफ की नौकरी छोड़कर परिवार की रक्षा के लिए हथियार उठाने तक की चेतावनी दे डाली थी। उसने पुलिस पर उससे जेल भेजने की धमकी देने और उसके परिवार का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।
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मामला शासन तक पहुंचा तो शासन ने एडीजी और डीआईजी को जांच के निर्देश दिए। इसी के तहत शुक्रवार को अजय कुमार के पिता सरदारा सिंह, भतीजा सुंदर लाल तथा बहनोई जगदीश प्रसाद मेरठ पहुंचे। एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने उनसे घटना के बारे में पूरी जानकारी ली। सरदारा सिंह ने बताया कि बिना कोई सूचना दिए उनकी फसल उजाड़ दी गई। जबकि उनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसके कागज भी उन्होंने लेखपाल को दिखाने का प्रयास किया। लेकिन लेखपाल ने उन्हें कहा कि अपने कागज कोर्ट को जाकर दिखाओ, उन्हें नहीं देखने। उनकी उम्र का ध्यान न रखते हुए उनके साथ मारपीट एवं धक्का मुक्की की गई। उसके बाद उन पर ही हत्या के प्रयास का आरोप लगाकर उन्हें जेल भिजवा दिया गया। इस उम्र में उन्हें 28 दिन जेल में रहना पड़ा और अब कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ेंगे। सरदारा सिंह ने एडीजी से इस मामले में जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की। सरदारा सिंह के भतीजे सुंदर लाल ने बताया कि एडीजी प्रशांत कुमार ने इस मामले में अजय कुमार के परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
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