{"_id":"5a43eaec4f1c1b96368b7157","slug":"171514400492-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"समस्याओं को लेकर किसानों ने जुलूस निकाल किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समस्याओं को लेकर किसानों ने जुलूस निकाल किया प्रदर्शन
Updated Thu, 28 Dec 2017 12:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसानों ने जुलूस निकालकर किया प्रदर्शन
देवबंद (सहारनपुर)। पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा ने बुधवार को पश्चिम प्रदेश के निर्माण समेत किसान, मजदूर व व्यापारियों की समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सहारनपुर-मुजफ्फरनगर मार्ग पर चक्का जाम, जुलूस और प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को 15 सूत्रीय ज्ञापन भेजकर समस्याओं के त्वरित निस्तारण की मांग की।
मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ता जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए मोहल्ला सराय, तलहेड़ी चुंगी, मंगलौर चौकी, बस स्टैंड से होते हुए मुजफ्फरनगर चुंगी पहुंचे, जहां रास्ता जाम कर दिया। वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती समस्याओं का एक मात्र हल पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण है। क्योंकि उत्तर प्रदेश बड़ा राज्य होने के कारण भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कानून व्यवस्था लचर है। आजादी से लेकर आज तक किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य तो दूर लागत मूल्य भी नहीं मिल पाया। जिस कारण किसान कर्जे में आत्महत्या करने के लिए मजबूर है। प्रदर्शन के उपरांत एसडीएम रामविलास यादव को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण कराने, अलग राज्य के विकास के लिए 50 हजार करोड़ का पैकेज देने, पश्चिम प्रदेश में शिक्षित युवाओं को रोजगार देने हेतु बड़े उद्योग लगाने, किसानों के सभी कर्जे माफ करने, फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने, किसान आयोग का गठन करने, गन्ना मूल्य 500 रुपये कुंतल दिलाने, चीनी मिलों पर बकाया भुगतान को ब्याज सहित दिलवाने, चीनी मिलों में घटतौली रोकने, एक कुंतल गन्ने से एक किलो कटौती नहीं काटने, किसानों को खाद के लिए मैली निशुल्क दिलाने, किसानों को निशुल्क बिजली कनेक्शन दिलाने, शस्त्र लाइसेंस की फीस पहले की तरह 60 व 100 रुपये कराने, किसानों के शिक्षित बच्चों के लिए गांवों में कुटीर उद्योग लगवाने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों में राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र चौधरी, कैसर आलम, राजेंद्र सिंह मान, डा. पहल सिंह सैनी, आशीष कपिल, विनोद सैनी, गुलविंदर सिंह, भूरा त्यागी, रूपक चौधरी, अरुण कुमार, मो. सुलेमान, रियासत, फारूख, आसिम मलिक आदि रहे।
विज्ञापन
देवबंद (सहारनपुर)। पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा ने बुधवार को पश्चिम प्रदेश के निर्माण समेत किसान, मजदूर व व्यापारियों की समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सहारनपुर-मुजफ्फरनगर मार्ग पर चक्का जाम, जुलूस और प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को 15 सूत्रीय ज्ञापन भेजकर समस्याओं के त्वरित निस्तारण की मांग की।
मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ता जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए मोहल्ला सराय, तलहेड़ी चुंगी, मंगलौर चौकी, बस स्टैंड से होते हुए मुजफ्फरनगर चुंगी पहुंचे, जहां रास्ता जाम कर दिया। वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती समस्याओं का एक मात्र हल पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण है। क्योंकि उत्तर प्रदेश बड़ा राज्य होने के कारण भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कानून व्यवस्था लचर है। आजादी से लेकर आज तक किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य तो दूर लागत मूल्य भी नहीं मिल पाया। जिस कारण किसान कर्जे में आत्महत्या करने के लिए मजबूर है। प्रदर्शन के उपरांत एसडीएम रामविलास यादव को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें पृथक पश्चिम प्रदेश का निर्माण कराने, अलग राज्य के विकास के लिए 50 हजार करोड़ का पैकेज देने, पश्चिम प्रदेश में शिक्षित युवाओं को रोजगार देने हेतु बड़े उद्योग लगाने, किसानों के सभी कर्जे माफ करने, फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने, किसान आयोग का गठन करने, गन्ना मूल्य 500 रुपये कुंतल दिलाने, चीनी मिलों पर बकाया भुगतान को ब्याज सहित दिलवाने, चीनी मिलों में घटतौली रोकने, एक कुंतल गन्ने से एक किलो कटौती नहीं काटने, किसानों को खाद के लिए मैली निशुल्क दिलाने, किसानों को निशुल्क बिजली कनेक्शन दिलाने, शस्त्र लाइसेंस की फीस पहले की तरह 60 व 100 रुपये कराने, किसानों के शिक्षित बच्चों के लिए गांवों में कुटीर उद्योग लगवाने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों में राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र चौधरी, कैसर आलम, राजेंद्र सिंह मान, डा. पहल सिंह सैनी, आशीष कपिल, विनोद सैनी, गुलविंदर सिंह, भूरा त्यागी, रूपक चौधरी, अरुण कुमार, मो. सुलेमान, रियासत, फारूख, आसिम मलिक आदि रहे।
विज्ञापन