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एनजीटी से रोक हटी नहीं, शुरू हो गया अवैध खनन का कारोबार
Updated Thu, 07 Dec 2017 12:17 AM IST
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सहारनपुर। खनन पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की रोक बरकरार है, मगर सुनवाई के दौरान आदेशों का हवाला देकर अवैध खनन का कारोबार शुरू होने लगा है। जबकि सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के पक्ष को सुनकर एनजीटी ने केवल खनन की ई टेंडरिंग प्रक्रिया को शुरू करने का निर्देश दिया है। खनन की टेंडरिंग प्रक्रिया एनजीटी की ओर से जारी आदेश और देखरेख में ही होगा। उधर, बुधवार को इस मामले में सुनवाई के बाद इस मामले में अगली तारीख 14 दिसंबर तय की गई है। प्रशासन ने ई टेंडरिंग को लेकर अपनी प्रक्रिया को शुरू कर दिया है।
अवैध खनन की शिकायत पर एनजीटी ने सहारनपुर में किसी तरह के खनन और परिवहन पर रोक लगा रखी है। पिछले दो साल से सहारनपुुर में खनन और परिवहन पर रोक लगी है, एनजीटी में लगातार इस मामले में सुनवाई चल रही है। बुधवार को इस मामले में 14 दिसंबर की तारिख तय हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों की माने तो चार दिसंबर को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखा था और आश्वस्त किया था कि अवैध खनन को रोकने के लिए ई टेंडरिंग की व्यवस्था की गई है। इस पर बिना कोई आदेश जारी करते हुए एनजीटी ने राज्य सरकार से टेंडर प्रक्रिया शुुरू करने का निर्देश दिया। मगर, इसकी आड़ में अवैध खनन से जुड़े लोगों ने अलग-अलग अफवाहें फैलानी शुरू कर दी और उत्तराखंड, हरियाणा से अवैध खनन के तार को जोड़ लिया है।
रात के अंधेरे में निकल रहे खनन वाहन
एनजीटी से खनन पर रोक नहीं हटने के बावजूद उत्तराखंड की सीमा से जुड़े स्टोन क्रशर से खनन परिवहन धड़ल्ले से शुरू कर दिया गया है। सहारनपुर में सक्रिय गैंग ने एनजीटी में सुनवाई की आड़ और अफसरों की नजदीकी का हवाला देकर बड़े पैमाने पर उत्तराखंड से खनन वाहनों को सहारनपुर में भेज रहा है। बिहारीगढ़ और फतेहपुर की सीमा से जुड़े क्षेत्रों से यह खेल जारी है। सूत्रों की मानें तो अवैध खनन से जुड़े इसी गैंग की सक्रियता से बेहट क्षेत्र में अवैध खनन का खेल बड़े पैमाने पर किया जा रहा था, जिसे प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पकड़ा था। अब उत्तराखंड की सीमा पर स्थित स्टोन क्रशर के जरिए खनन सामग्री सहारनपुर में लाई जा रही है।
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एनजीटी की ओर से अभी खनन पर किसी तरह के रोक हटाने का आदेश नहीं जारी हुआ है। एनजीटी ने ई टेंडरिंग की प्रक्रिया को शुरू करने का निर्देश दिया है और यह पूरी प्रक्रिया ट्रिब्यूनल की देखरेख में होगी। हमने टेंडर प्रक्रिया शुुरू करा दी है। अफवाह फैलाने वाले और अवैध काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पीके पांडेय, जिलाधिकारी
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अवैध खनन की शिकायत पर एनजीटी ने सहारनपुर में किसी तरह के खनन और परिवहन पर रोक लगा रखी है। पिछले दो साल से सहारनपुुर में खनन और परिवहन पर रोक लगी है, एनजीटी में लगातार इस मामले में सुनवाई चल रही है। बुधवार को इस मामले में 14 दिसंबर की तारिख तय हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों की माने तो चार दिसंबर को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखा था और आश्वस्त किया था कि अवैध खनन को रोकने के लिए ई टेंडरिंग की व्यवस्था की गई है। इस पर बिना कोई आदेश जारी करते हुए एनजीटी ने राज्य सरकार से टेंडर प्रक्रिया शुुरू करने का निर्देश दिया। मगर, इसकी आड़ में अवैध खनन से जुड़े लोगों ने अलग-अलग अफवाहें फैलानी शुरू कर दी और उत्तराखंड, हरियाणा से अवैध खनन के तार को जोड़ लिया है।
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रात के अंधेरे में निकल रहे खनन वाहन
एनजीटी से खनन पर रोक नहीं हटने के बावजूद उत्तराखंड की सीमा से जुड़े स्टोन क्रशर से खनन परिवहन धड़ल्ले से शुरू कर दिया गया है। सहारनपुर में सक्रिय गैंग ने एनजीटी में सुनवाई की आड़ और अफसरों की नजदीकी का हवाला देकर बड़े पैमाने पर उत्तराखंड से खनन वाहनों को सहारनपुर में भेज रहा है। बिहारीगढ़ और फतेहपुर की सीमा से जुड़े क्षेत्रों से यह खेल जारी है। सूत्रों की मानें तो अवैध खनन से जुड़े इसी गैंग की सक्रियता से बेहट क्षेत्र में अवैध खनन का खेल बड़े पैमाने पर किया जा रहा था, जिसे प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पकड़ा था। अब उत्तराखंड की सीमा पर स्थित स्टोन क्रशर के जरिए खनन सामग्री सहारनपुर में लाई जा रही है।
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एनजीटी की ओर से अभी खनन पर किसी तरह के रोक हटाने का आदेश नहीं जारी हुआ है। एनजीटी ने ई टेंडरिंग की प्रक्रिया को शुरू करने का निर्देश दिया है और यह पूरी प्रक्रिया ट्रिब्यूनल की देखरेख में होगी। हमने टेंडर प्रक्रिया शुुरू करा दी है। अफवाह फैलाने वाले और अवैध काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पीके पांडेय, जिलाधिकारी