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शायरी की खुशबू से लंदन को महकाएंगे डा. नवाज
Updated Sat, 12 Aug 2017 12:24 AM IST
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प्रसिद्ध कथावाचक मोरारी बापू के साथ मंच साझा करेंगे प्रख्यात शायर
देवबंद (सहारनपुर)। देश-विदेश में अपनी शायरी का जलवा बिखेरने वाले प्रख्यात शायर डा. नवाज देवबंदी अब लंदन को भी अपनी शायरी की खुशबू से महकाएंगे। लंदन में 12 से 20 अगस्त तक होने वाले कथा कार्यक्रम में डा. नवाज प्रसिद्ध कथावाचक मोरारी बापू का मंच पर साथ देंगे।
शुक्रवार को लंदन रवाना होने से पूर्व डा. नवाज देवबंदी ने बताया कि उनके लिए शायरी विभिन्न संस्कृतियों व धर्मों को एक करने का काम करने के अलावा कौमों में अपने देश के प्रति प्रेम को जाग्रत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि शायरी धर्मों व संस्कृतियों के अलावा देश को मजबूत करने के लिए पुल का काम भी करती है। डा. नवाज ने कहा कि एक धार्मिक कथावाचक के द्वारा उर्दू शायरी की प्रशंसा काबिल-ए-गर्व होने के साथ-साथ उर्दू भाषा प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि मोरारी बापू अपनी कथा के दौरान जब उनकी शायरी का बखान करते हैं तो उस समय वह यह नहीं कहते हैं कि डा. नवाज ने शेर कहा बल्कि प्रेमपूर्वक कहते हैं कि यह हमारे भाई नवाज का शायरी संदेश है। मोरारी बापू का यह दृष्टिकोण भाईचारे का शानदार प्रमाण है और आपसी एकता का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में मोरारी बापू व उनके अनुयायी उनकी शायरी को सुनते ही रहते हैं, लेकिन मोरारी बापू ने अपने साथ उर्दू शायर को लंदन ले जाकर अपने अनुयायियों के बीच उर्दू शायरी के माध्यम से आपसी भाईचारा व मानव प्रेम की शमां रोशन करने का काम किया है।
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देवबंद (सहारनपुर)। देश-विदेश में अपनी शायरी का जलवा बिखेरने वाले प्रख्यात शायर डा. नवाज देवबंदी अब लंदन को भी अपनी शायरी की खुशबू से महकाएंगे। लंदन में 12 से 20 अगस्त तक होने वाले कथा कार्यक्रम में डा. नवाज प्रसिद्ध कथावाचक मोरारी बापू का मंच पर साथ देंगे।
शुक्रवार को लंदन रवाना होने से पूर्व डा. नवाज देवबंदी ने बताया कि उनके लिए शायरी विभिन्न संस्कृतियों व धर्मों को एक करने का काम करने के अलावा कौमों में अपने देश के प्रति प्रेम को जाग्रत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि शायरी धर्मों व संस्कृतियों के अलावा देश को मजबूत करने के लिए पुल का काम भी करती है। डा. नवाज ने कहा कि एक धार्मिक कथावाचक के द्वारा उर्दू शायरी की प्रशंसा काबिल-ए-गर्व होने के साथ-साथ उर्दू भाषा प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि मोरारी बापू अपनी कथा के दौरान जब उनकी शायरी का बखान करते हैं तो उस समय वह यह नहीं कहते हैं कि डा. नवाज ने शेर कहा बल्कि प्रेमपूर्वक कहते हैं कि यह हमारे भाई नवाज का शायरी संदेश है। मोरारी बापू का यह दृष्टिकोण भाईचारे का शानदार प्रमाण है और आपसी एकता का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में मोरारी बापू व उनके अनुयायी उनकी शायरी को सुनते ही रहते हैं, लेकिन मोरारी बापू ने अपने साथ उर्दू शायर को लंदन ले जाकर अपने अनुयायियों के बीच उर्दू शायरी के माध्यम से आपसी भाईचारा व मानव प्रेम की शमां रोशन करने का काम किया है।
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