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यूपी प्रभारी समेत बसपा नेता दारुल उलूम के मोहतमिम से मिले
Updated Sat, 05 Aug 2017 12:29 AM IST
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यूपी प्रभारी समेत बसपा नेता दारुल उलूम के मोहतमिम से मिले
देवबंद (सहारनपुर)। बहुजन समाज पार्टी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी शमशुद्दीन राईम समेत बसपा नेताओं ने शुक्रवार को विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम में पहुंचकर संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी से मुलाकात की।
बसपा से निकाले गए राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी की जगह नियुक्त किए गए शमशुद्दीन राईम शुक्रवार की दोपहर दारुल उलूम के मेहमानखाने पहुंचे। जहां उन्होंने मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी से मुलाकात की। इस दौरान शमशुद्दीन राईम ने कहा कि दारुल उलूम से उनकी आस्था जुड़ी है। जिसके चलते वह बहुत पहले से यहां आने की इच्छा रखते थे। दारुल उलूम के बारे में जितना सुना था यह उससे कहीं ज्यादा है। साथ ही कहा कि उनके यहां आने का मकसद केवल बुजुर्गों से दुआएं लेना है। मोहतमिम बनारसी ने कहा कि दारुल उलूम गैर राजनीतिक इदारा है। जो किसी भी राजनीतिक दल से ताल्लुक नहीं रखता। उनका सबसे बराबर का रिश्ता है। केवल चुनाव के वक्त दारुल उलूम में नेताओं के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी जाती है। जिसके बाद संस्था के दरवाजे सभी के लिए फिर से खोल दिए जाते हैं। इस मौके पर वरिष्ठ बसपा नेता एवं अखिल भारतीय तेली महासभा के अध्यक्ष मौ. रईस मलिक, पूर्व विधायक रविंद्र मोल्हू, महिपाल सिंह माजरा, जोन कोआर्डिनेटर नरेश गौतम, कुलदीप बालियान, जनेश्वर प्रसाद, राव बाबर, नदीम मलिक, हाजी दिलशाद, हाजी हारुन आदि मौजूद रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। बहुजन समाज पार्टी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी शमशुद्दीन राईम समेत बसपा नेताओं ने शुक्रवार को विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम में पहुंचकर संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी से मुलाकात की।
बसपा से निकाले गए राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी की जगह नियुक्त किए गए शमशुद्दीन राईम शुक्रवार की दोपहर दारुल उलूम के मेहमानखाने पहुंचे। जहां उन्होंने मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी से मुलाकात की। इस दौरान शमशुद्दीन राईम ने कहा कि दारुल उलूम से उनकी आस्था जुड़ी है। जिसके चलते वह बहुत पहले से यहां आने की इच्छा रखते थे। दारुल उलूम के बारे में जितना सुना था यह उससे कहीं ज्यादा है। साथ ही कहा कि उनके यहां आने का मकसद केवल बुजुर्गों से दुआएं लेना है। मोहतमिम बनारसी ने कहा कि दारुल उलूम गैर राजनीतिक इदारा है। जो किसी भी राजनीतिक दल से ताल्लुक नहीं रखता। उनका सबसे बराबर का रिश्ता है। केवल चुनाव के वक्त दारुल उलूम में नेताओं के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी जाती है। जिसके बाद संस्था के दरवाजे सभी के लिए फिर से खोल दिए जाते हैं। इस मौके पर वरिष्ठ बसपा नेता एवं अखिल भारतीय तेली महासभा के अध्यक्ष मौ. रईस मलिक, पूर्व विधायक रविंद्र मोल्हू, महिपाल सिंह माजरा, जोन कोआर्डिनेटर नरेश गौतम, कुलदीप बालियान, जनेश्वर प्रसाद, राव बाबर, नदीम मलिक, हाजी दिलशाद, हाजी हारुन आदि मौजूद रहे।
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