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सोशल मीडिया पर भी बताए जा रहे हैं हिंसा के कारण
Updated Sat, 01 Jul 2017 01:03 AM IST
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सोशल मीडिया पर भी बताए जा रहे हैं हिंसा के कारण
सहारनपुर। जातीय हिंसा से झुलस चुके सहारनपुर में अब उनके कारणों की चर्चा आम हो गई है। प्रमुख सचिव गृह की रिपोर्ट में विपक्षी नेताओं के दलित-मुस्लिम गठजोड़ की आशंका के बाद अब सोशल मीडिया पर भी इन्हीं कारणों केे वायरल किया जा रहा है। इसमें बसपा और कांग्रेस नेताओं पर तंज कसा जा रहा है।
विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद सहारनपुर में बसपा ने बड़े पैमाने पर फेरबदल किया। नौ बार के सांसद रशीद मसूद, पूर्व सांसद मंसूर अली सहित कई मुस्लिम चेहरों केे पार्टी में शामिल किया। इसके पीछे साफतौर दलित-मुस्लिम गठजोड़ की संभावनाओं को माना जा रहा है। हालांकि इस बीच जातिय हिंसा के बाद उभरी भीम आर्मी ने जरुर बसपा को डैमेज करने की कोशिश की। मगर, कांग्रेस के मैदान में कूदने से पूरा मामला राजनीतिक हो गया। इसमें दलितों केे रिझाने की पूरजोर कवायद भी की गई। यही कारण है कि अब सोशल मीडिया पर हिंसा के कारणों को हवा दी जा रही है। इसमें यह मुख्य मुद्दा बनाया जा रहा है।
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सहारनपुर। जातीय हिंसा से झुलस चुके सहारनपुर में अब उनके कारणों की चर्चा आम हो गई है। प्रमुख सचिव गृह की रिपोर्ट में विपक्षी नेताओं के दलित-मुस्लिम गठजोड़ की आशंका के बाद अब सोशल मीडिया पर भी इन्हीं कारणों केे वायरल किया जा रहा है। इसमें बसपा और कांग्रेस नेताओं पर तंज कसा जा रहा है।
विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद सहारनपुर में बसपा ने बड़े पैमाने पर फेरबदल किया। नौ बार के सांसद रशीद मसूद, पूर्व सांसद मंसूर अली सहित कई मुस्लिम चेहरों केे पार्टी में शामिल किया। इसके पीछे साफतौर दलित-मुस्लिम गठजोड़ की संभावनाओं को माना जा रहा है। हालांकि इस बीच जातिय हिंसा के बाद उभरी भीम आर्मी ने जरुर बसपा को डैमेज करने की कोशिश की। मगर, कांग्रेस के मैदान में कूदने से पूरा मामला राजनीतिक हो गया। इसमें दलितों केे रिझाने की पूरजोर कवायद भी की गई। यही कारण है कि अब सोशल मीडिया पर हिंसा के कारणों को हवा दी जा रही है। इसमें यह मुख्य मुद्दा बनाया जा रहा है।
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