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खून हो रहा कम, शरीर बन रहे बेदम
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सहारनपुर। अनियमित खानपान, हरी सब्जियों से दूरी के चलते लोगों में खून (हीमोग्लोबिन) की कमी हो रही है, जिसका सीधा असर शरीर पर पड़ रहा है। कमजोरी आ रही है, तो अन्य बीमारियां भी शरीर को घेर रही हैं। यह बात एसबीडी जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में प्रतिदिन 100 से 120 मरीजों के हीमोग्लोबिन की जांच से सामने आ रही है। क्योंकि दस फीसदी मरीजों में तीन से सात ग्राम हीमोग्लोबिन है, तो आठ से 12 ग्राम हीमोग्लोबिन वाले मरीजों की संख्या 60 से 70 प्रतिशत है।
एसबीडी जिला अस्पताल में फिजीशियन की ओपीडी में प्रतिदिन 100 से 200 मरीज पहुंचते हैं। कई बार यह संख्या 250 या उससे भी अधिक पहुंच जाती है। फिजीशियन डॉक्टर कुनाल जैन ने बताया कि पिछले करीब छह माह से जितने मरीजों के हीमोग्लोबिन की जांच कराई जा रही है। उनमें से ज्यादातर में हीमोग्लोबिन कम आ रहा है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीज थकान, कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत करते हैं। ऐसे मरीजों की वह हीमोग्लोबिन की जांच कराते हैं। बुखार के मरीजों के भी हीमोग्लोबिन की जांच कराई जाती है। सामान्य व्यक्ति में हीमोग्लोबिन की मात्र 12 से 17 ग्राम होनी चाहिए। मगर अस्पताल में होने वाली हीमोग्लोबिन की जांच में 60 से 70 फीसदी मरीजों का हीमोग्लोबिन आठ से 12 ग्राम के बीच आ रहा है। तीन से सात ग्राम के बीच हीमोग्लोबिन के मामले गंभीर माने जाते हैं। अस्पताल की पैथोलॉजी लैब के रिकार्ड के अनुसार तीन से सात ग्राम के करीब दस फीसदी मामले सामने आते हैं। आठ से 12 ग्राम हीमोग्लोबिन के मामलों का रिकॉर्ड नहीं रखते, मगर इनकी संख्या 60 फीसदी से अधिक है।
खून की कमी के लक्षण
- आंखों की समस्या जैसे नींद नहीं आना, आंख की रोशनी कम होना।
- शरीर में थकावट रहना और शरीर में गिरावट आना।
- थकावट के कारण काम में मन नहीं लगना।
- त्वचा में पीलापन आना, होठ और नाखूनों का रंग बदलना।
- थोड़ा दूर चलने या काम करने पर सांस फूलना थकावट आना।
गर्भवती महिलाओं में अधिक समस्या
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में खून की कमी होना आम बात है। शरीर में खून की कमी से महिलाओं में थकान, कमजोरी, रंग पीला पड़ना, सांस लेने में समस्या, नाखूनों, आंखों या होठों का पीला होना और बच्चा पैदा करने में बहुत सारी समस्याओं का समाना करना पड़ सकता है। डॉक्टर बताते हैं कि जब महिला गर्भवती होती है तो उसका खून पतला हो जाता है और हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होने लगती है। गर्भावस्था में यह सामान्य है। लेकिन, यदि हीमोग्लोबिन का स्तर 9 से कम हो जाए तो ये चिंता वाली बात होती है और गर्भवती महिला को अतिरिक्त आयरन की जरूरत पड़ती है। ऐसी स्थिति में उसे अपने खानपान का खयाल रखना चाहिए।
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आयरन की कमी से होती है खून की कमी
डॉक्टर कुनाल जैन ने बताया कि शरीर में आयरन की कमी होने से खून की कमी हो जाती है। अनियमित खानपान, पौष्टिक भोजन की कमी व हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन नहीं करना इसकी मुख्य वजह है। अगर शरीर को जरूरत के हिसाब से भोजन नहीं मिले तो शरीर में खून की कमी हो जाती है। बढ़ते बच्चों व किशोरों को जब शरीर की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है तो आयरन की कमी हो जाती है। इसके अलावा महिलाओं में मासिक धर्म के समय अधिक खून बहने से रक्त की कमी हो जाती है या किसी दुर्घटना या टीबी, हड्डी का ट्यूमर, जैसी बीमारियां भी रक्त की कमी के कारण हैं। आयरन की कमी से रक्त कोशिकाएं पीली और कमजोर हो जाती हैं जिससे वे शरीर में ऑक्सीजन ठीक से प्रवाहित नहीं कर पाती हैं।
एनीमिया होने की आशंका
खून में हीमोग्लोबिन या रेड ब्लड सेल्स की कमी को एनीमिया कहते हैं। एनीमिया आयरन की कमी से होने वाली बीमारी है। हीमोग्लोबिन की कमी से शरीर की कोशिकाओं में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। कई बार शरीर रेड ब्लड सेल्स या हीमोग्लोबिन बना नहीं पाता और कई बार ज्यादा खून बह जाने से शरीर में इनकी कमी हो जाती है। आमतौर पर पुरुषों में 100 मिली ग्राम खून में 13.5 ग्राम से कम हीमोग्लोबिन और महिलाओं में 100 मिली ग्राम खून में 12 ग्राम से कम हीमोग्लोबिन हो तो इसे एनीमिया की स्थिति कहते हैं।
ऐसे दूर कर सकते हैं खून की कमी
- हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, बथुआ, चकुंदर, गाजर, ब्रोकली, पत्ता गोभी, धनिया और शलजम का सेवन करें।
- एनीमिया से ग्रस्त लोग अपने सूप, रोटी, सांभर या करी में इन सब्जियों का उपयोग कर सकते हैं।
- सेब, अनार, पपीता अंजीर भी बहुत लाभकारी रहते हैं।
- मुनक्का को रात में लोहे की कड़ाही में पानी में छह घंटे भिगोने के बाद प्रयोग करें, ऐसा करने से तेजी से खून में आयरन की मात्रा बढ़ती है।
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एसबीडी जिला अस्पताल में फिजीशियन की ओपीडी में प्रतिदिन 100 से 200 मरीज पहुंचते हैं। कई बार यह संख्या 250 या उससे भी अधिक पहुंच जाती है। फिजीशियन डॉक्टर कुनाल जैन ने बताया कि पिछले करीब छह माह से जितने मरीजों के हीमोग्लोबिन की जांच कराई जा रही है। उनमें से ज्यादातर में हीमोग्लोबिन कम आ रहा है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीज थकान, कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत करते हैं। ऐसे मरीजों की वह हीमोग्लोबिन की जांच कराते हैं। बुखार के मरीजों के भी हीमोग्लोबिन की जांच कराई जाती है। सामान्य व्यक्ति में हीमोग्लोबिन की मात्र 12 से 17 ग्राम होनी चाहिए। मगर अस्पताल में होने वाली हीमोग्लोबिन की जांच में 60 से 70 फीसदी मरीजों का हीमोग्लोबिन आठ से 12 ग्राम के बीच आ रहा है। तीन से सात ग्राम के बीच हीमोग्लोबिन के मामले गंभीर माने जाते हैं। अस्पताल की पैथोलॉजी लैब के रिकार्ड के अनुसार तीन से सात ग्राम के करीब दस फीसदी मामले सामने आते हैं। आठ से 12 ग्राम हीमोग्लोबिन के मामलों का रिकॉर्ड नहीं रखते, मगर इनकी संख्या 60 फीसदी से अधिक है।
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खून की कमी के लक्षण
- आंखों की समस्या जैसे नींद नहीं आना, आंख की रोशनी कम होना।
- शरीर में थकावट रहना और शरीर में गिरावट आना।
- थकावट के कारण काम में मन नहीं लगना।
- त्वचा में पीलापन आना, होठ और नाखूनों का रंग बदलना।
- थोड़ा दूर चलने या काम करने पर सांस फूलना थकावट आना।
गर्भवती महिलाओं में अधिक समस्या
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में खून की कमी होना आम बात है। शरीर में खून की कमी से महिलाओं में थकान, कमजोरी, रंग पीला पड़ना, सांस लेने में समस्या, नाखूनों, आंखों या होठों का पीला होना और बच्चा पैदा करने में बहुत सारी समस्याओं का समाना करना पड़ सकता है। डॉक्टर बताते हैं कि जब महिला गर्भवती होती है तो उसका खून पतला हो जाता है और हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होने लगती है। गर्भावस्था में यह सामान्य है। लेकिन, यदि हीमोग्लोबिन का स्तर 9 से कम हो जाए तो ये चिंता वाली बात होती है और गर्भवती महिला को अतिरिक्त आयरन की जरूरत पड़ती है। ऐसी स्थिति में उसे अपने खानपान का खयाल रखना चाहिए।
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आयरन की कमी से होती है खून की कमी
डॉक्टर कुनाल जैन ने बताया कि शरीर में आयरन की कमी होने से खून की कमी हो जाती है। अनियमित खानपान, पौष्टिक भोजन की कमी व हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन नहीं करना इसकी मुख्य वजह है। अगर शरीर को जरूरत के हिसाब से भोजन नहीं मिले तो शरीर में खून की कमी हो जाती है। बढ़ते बच्चों व किशोरों को जब शरीर की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है तो आयरन की कमी हो जाती है। इसके अलावा महिलाओं में मासिक धर्म के समय अधिक खून बहने से रक्त की कमी हो जाती है या किसी दुर्घटना या टीबी, हड्डी का ट्यूमर, जैसी बीमारियां भी रक्त की कमी के कारण हैं। आयरन की कमी से रक्त कोशिकाएं पीली और कमजोर हो जाती हैं जिससे वे शरीर में ऑक्सीजन ठीक से प्रवाहित नहीं कर पाती हैं।
एनीमिया होने की आशंका
खून में हीमोग्लोबिन या रेड ब्लड सेल्स की कमी को एनीमिया कहते हैं। एनीमिया आयरन की कमी से होने वाली बीमारी है। हीमोग्लोबिन की कमी से शरीर की कोशिकाओं में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। कई बार शरीर रेड ब्लड सेल्स या हीमोग्लोबिन बना नहीं पाता और कई बार ज्यादा खून बह जाने से शरीर में इनकी कमी हो जाती है। आमतौर पर पुरुषों में 100 मिली ग्राम खून में 13.5 ग्राम से कम हीमोग्लोबिन और महिलाओं में 100 मिली ग्राम खून में 12 ग्राम से कम हीमोग्लोबिन हो तो इसे एनीमिया की स्थिति कहते हैं।
ऐसे दूर कर सकते हैं खून की कमी
- हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, बथुआ, चकुंदर, गाजर, ब्रोकली, पत्ता गोभी, धनिया और शलजम का सेवन करें।
- एनीमिया से ग्रस्त लोग अपने सूप, रोटी, सांभर या करी में इन सब्जियों का उपयोग कर सकते हैं।
- सेब, अनार, पपीता अंजीर भी बहुत लाभकारी रहते हैं।
- मुनक्का को रात में लोहे की कड़ाही में पानी में छह घंटे भिगोने के बाद प्रयोग करें, ऐसा करने से तेजी से खून में आयरन की मात्रा बढ़ती है।