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वाणिज्यकर विभाग के एडिश्नल कमिश्नर से मिले व्यापारी
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वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर से मिले व्यापारी
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को वाणिज्य कर विभाग के नवागंतुक एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 एलआर गुप्ता से मुलाकात की। उन्होंने व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
शनिवार को दिल्ली रोड स्थित वाणिज्य कर भवन में व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शीतल टंडन के नेतृत्व में व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने नवागंतुक एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 को गांधी स्मृति सम्मान चिह्न देकर स्वागत किया। व्यापारियों ने कहा कि पिछले चार वर्षों के वैट प्रणाली के तहत अंतिम कर निर्धारण में फार्म-सी के आने में देरी या ना आने की स्थिति में व्यापारियों को कर और ब्याज का भुगतान करना पड़ता है। अब जीएसटी प्रणाली लागू हुए पौने दो साल हो चुके हैं। ऐसे में राज्य सरकार को पिछले वर्षों के कर निर्धारण के लिए सी-फार्म की अनिवार्यता को समाप्त कर देना चाहिए। साथ ही कर निर्धारण में केंद्रीय बिक्री कर और वाणिज्य कर के तहत लगाई गई कर राशि पर ब्याज की छूट दी जानी चाहिए। एडिशनल कमिश्नर ने कहा कि विभाग और व्यापारी एक दूसरे के पूरक हैं। परिक्षेत्र के किसी भी पंजीकृत व्यापारी को उनके विभाग के किसी अधिकारी एवं कर्मचारी के कारण किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस दौरान संजय भसीन, अनिल गर्ग, रमेश अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
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सहारनपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को वाणिज्य कर विभाग के नवागंतुक एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 एलआर गुप्ता से मुलाकात की। उन्होंने व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
शनिवार को दिल्ली रोड स्थित वाणिज्य कर भवन में व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शीतल टंडन के नेतृत्व में व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने नवागंतुक एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 को गांधी स्मृति सम्मान चिह्न देकर स्वागत किया। व्यापारियों ने कहा कि पिछले चार वर्षों के वैट प्रणाली के तहत अंतिम कर निर्धारण में फार्म-सी के आने में देरी या ना आने की स्थिति में व्यापारियों को कर और ब्याज का भुगतान करना पड़ता है। अब जीएसटी प्रणाली लागू हुए पौने दो साल हो चुके हैं। ऐसे में राज्य सरकार को पिछले वर्षों के कर निर्धारण के लिए सी-फार्म की अनिवार्यता को समाप्त कर देना चाहिए। साथ ही कर निर्धारण में केंद्रीय बिक्री कर और वाणिज्य कर के तहत लगाई गई कर राशि पर ब्याज की छूट दी जानी चाहिए। एडिशनल कमिश्नर ने कहा कि विभाग और व्यापारी एक दूसरे के पूरक हैं। परिक्षेत्र के किसी भी पंजीकृत व्यापारी को उनके विभाग के किसी अधिकारी एवं कर्मचारी के कारण किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस दौरान संजय भसीन, अनिल गर्ग, रमेश अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
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