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हादसे में बुजुर्ग की मौत पर हंगामा, जाम लगाया
Updated Sat, 08 Dec 2018 12:32 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। गन्ना लदी ट्रैक्टर ट्राली शुक्रवार को कासिमपुरा रेलवे फाटक के समीप पलट गई। जिसके नीचे दबकर बुजुर्ग की मौत हो गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने देवबंद-कासिमपुरा रोड पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारी मृतक परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़े थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई थानों का फोर्स मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने मृतक परिवार को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर किसी तरह जाम खुलवाया।
शुक्रवार को नूनाबड़ी गांव निवासी राहिल डंघेड़ा से ट्रैक्टर ट्राली में गन्ना लादकर कासिमपुरा गांव से होता हुआ शुगर मिल जा रहा था। जब वह कासिमपुरा रेलवे फाटक के समीप पहुंचा तो स्पीड ब्रेकर से गुजरते समय ओवरलोड ट्रैक्टर ट्राली अचानक पलट गई। इस दौरान सड़क किनारे बनी पुलिया पर बैठकर मूंगफली बेच रहा कासिमपुरा गांव निवासी इलम चंद पुत्र ब्रह्म सिंह (65) गन्नों के नीचे दब गया। मौके पर दौड़कर पहुंचे ग्रामीणों ने बमुश्किल उसे बाहर निकाला और उपचार के लिए चिकित्सक के यहां लेकर गए, लेकिन चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने पर काफी देर बाद एसडीएम ऋतु पुनिया, सीओ सिद्धार्थ सिंह और कोतवाल अभिषेक सिरोही पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास करने लगे, लेकिन गुस्साए ग्रामीण मृतक परिवार को उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग पर अड़े रहे। जिसके चलते देवबंद-कासिमपुरा मार्ग पर दोनों ओर वाहनों का लंबा जाम लग गया। इस बीच जानकारी मिलने पर भीम आर्मी के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष दीपक बौद्ध कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंच गए। हालात को भांपते हुए उच्चाधिकारियों ने पीएसी के साथ ही गागलहेड़ी, गंगोह, नानौता, बड़गांव, नागल समेत कई थानों का फोर्स देवबंद के लिए रवाना कर दिया। बाद में एसडीएम ऋतु पुनिया ने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30 हजार रुपये देने और पांच लाख रुपये शासन स्तर से मुआवजे के लिए संस्तुति किए जाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीण जाम खोलने के लिए तैयार हुए। बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जाम खुलने के कई घंटे बाद तक भी पुलिस ने सड़क के बीच पलटे ट्रैक्टर ट्राली को नहीं हटवाया। जिसकी वजह से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और उन्हें वाहन निकालने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ी।
मुआवजे के लिए शासन को लिखा जाएगा पत्र: एसडीएम
देवबंद। एसडीएम ऋतु पुनिया ने बताया कि राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत मृतक परिवार को 30 हजार रुपये के अलावा परिवार के मुुखिया जिनकी आय 75 हजार रुपये सालाना से कम है और उसकी किसी दुघर्टना में मृत्यु हो जाती है तो उसको शासन की तरफ से पांच लाख रुपये सहायता दिलाए जाने का प्रावधान है। जिसके संबंध में शासन को पत्र लिखा जाएगा।
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शुक्रवार को नूनाबड़ी गांव निवासी राहिल डंघेड़ा से ट्रैक्टर ट्राली में गन्ना लादकर कासिमपुरा गांव से होता हुआ शुगर मिल जा रहा था। जब वह कासिमपुरा रेलवे फाटक के समीप पहुंचा तो स्पीड ब्रेकर से गुजरते समय ओवरलोड ट्रैक्टर ट्राली अचानक पलट गई। इस दौरान सड़क किनारे बनी पुलिया पर बैठकर मूंगफली बेच रहा कासिमपुरा गांव निवासी इलम चंद पुत्र ब्रह्म सिंह (65) गन्नों के नीचे दब गया। मौके पर दौड़कर पहुंचे ग्रामीणों ने बमुश्किल उसे बाहर निकाला और उपचार के लिए चिकित्सक के यहां लेकर गए, लेकिन चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने पर काफी देर बाद एसडीएम ऋतु पुनिया, सीओ सिद्धार्थ सिंह और कोतवाल अभिषेक सिरोही पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास करने लगे, लेकिन गुस्साए ग्रामीण मृतक परिवार को उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग पर अड़े रहे। जिसके चलते देवबंद-कासिमपुरा मार्ग पर दोनों ओर वाहनों का लंबा जाम लग गया। इस बीच जानकारी मिलने पर भीम आर्मी के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष दीपक बौद्ध कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंच गए। हालात को भांपते हुए उच्चाधिकारियों ने पीएसी के साथ ही गागलहेड़ी, गंगोह, नानौता, बड़गांव, नागल समेत कई थानों का फोर्स देवबंद के लिए रवाना कर दिया। बाद में एसडीएम ऋतु पुनिया ने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30 हजार रुपये देने और पांच लाख रुपये शासन स्तर से मुआवजे के लिए संस्तुति किए जाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीण जाम खोलने के लिए तैयार हुए। बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जाम खुलने के कई घंटे बाद तक भी पुलिस ने सड़क के बीच पलटे ट्रैक्टर ट्राली को नहीं हटवाया। जिसकी वजह से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और उन्हें वाहन निकालने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ी।
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मुआवजे के लिए शासन को लिखा जाएगा पत्र: एसडीएम
देवबंद। एसडीएम ऋतु पुनिया ने बताया कि राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत मृतक परिवार को 30 हजार रुपये के अलावा परिवार के मुुखिया जिनकी आय 75 हजार रुपये सालाना से कम है और उसकी किसी दुघर्टना में मृत्यु हो जाती है तो उसको शासन की तरफ से पांच लाख रुपये सहायता दिलाए जाने का प्रावधान है। जिसके संबंध में शासन को पत्र लिखा जाएगा।
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