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पेड़ों की नीलामी कैंसिल होने से नाराज ठेकेदारों का हंगामा
Updated Wed, 26 Sep 2018 12:22 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। राजकीय पायलट वर्कशाप के प्रांगण में खड़े पुराने पेड़ों की नीलामी न होने से नाराज ठेकेदारों ने रोष प्रकट करते हुए हंगामा किया। ठेकेदारों ने सत्तादल के नेताओं पर नीलामी प्रक्रिया में दखलंदाजी करने का आरोप लगाया है।
रेलवे रोड स्थित राजकीय पायलट वर्कशाप के प्रांगण में खड़े यूके लिप्टस के पुराने 20 पेड़ों की मंगलवार को नीलामी होनी थी। जिसके लिए बाकायदा समाचार पत्रों में विज्ञापन भी जारी किया गया था। निर्धारित तिथि पर सहारनपुर व मुजफ्फरनगर से कई ठेकेदार नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा लेने पहुंचे, लेकिन दोपहर तक नीलामी प्रक्रिया को आरंभ नहीं किया गया। इतना ही नहीं एकाएक नीलामी कैंसिल करने का नोटिस लगाते हुए चार अक्तूबर को सहारनपुर जिला उद्योग केंद्र में कराए जाने की घोषणा कर दी गई। जिससे ठेकेदारों में रोष फैल गया। हंगामा व विरोध बढ़ते देख नीलामी कराने सहारनपुर और गाजियाबाद से पहुंचे अधिकारियों ने स्थानीय कर्मियों की मदद से पुलिस को मौके पर बुला लिया। नीलामी में हिस्सा लेने पहुंचे ठेकेदारों का आरोप था कि अप्रैल माह से अब तक कई मर्तबा नीलामी की तारीख आगे बढ़ाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि 15 यूकेलिप्टस और पांच अन्य पेड़ों की नीलामी होनी है। आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के कुछ नेता नीलामी ना करा स्वयं पेड़ों को सस्ते दामों में खरीदकर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। इस मौके पर तंजीम, डा. समीर, डा. हयात, हाजी नासिर, तंजीम, इल्तजा आदि मौजूद रहे। उधर, जिला उद्योग केंद्र अधिकारी कल्पना सक्सेना से जब इस बाबत उनका पक्ष जानना चाहा तो संपर्क नहीं हो सका।
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रेलवे रोड स्थित राजकीय पायलट वर्कशाप के प्रांगण में खड़े यूके लिप्टस के पुराने 20 पेड़ों की मंगलवार को नीलामी होनी थी। जिसके लिए बाकायदा समाचार पत्रों में विज्ञापन भी जारी किया गया था। निर्धारित तिथि पर सहारनपुर व मुजफ्फरनगर से कई ठेकेदार नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा लेने पहुंचे, लेकिन दोपहर तक नीलामी प्रक्रिया को आरंभ नहीं किया गया। इतना ही नहीं एकाएक नीलामी कैंसिल करने का नोटिस लगाते हुए चार अक्तूबर को सहारनपुर जिला उद्योग केंद्र में कराए जाने की घोषणा कर दी गई। जिससे ठेकेदारों में रोष फैल गया। हंगामा व विरोध बढ़ते देख नीलामी कराने सहारनपुर और गाजियाबाद से पहुंचे अधिकारियों ने स्थानीय कर्मियों की मदद से पुलिस को मौके पर बुला लिया। नीलामी में हिस्सा लेने पहुंचे ठेकेदारों का आरोप था कि अप्रैल माह से अब तक कई मर्तबा नीलामी की तारीख आगे बढ़ाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि 15 यूकेलिप्टस और पांच अन्य पेड़ों की नीलामी होनी है। आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के कुछ नेता नीलामी ना करा स्वयं पेड़ों को सस्ते दामों में खरीदकर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। इस मौके पर तंजीम, डा. समीर, डा. हयात, हाजी नासिर, तंजीम, इल्तजा आदि मौजूद रहे। उधर, जिला उद्योग केंद्र अधिकारी कल्पना सक्सेना से जब इस बाबत उनका पक्ष जानना चाहा तो संपर्क नहीं हो सका।
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