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सीएम करेंगे चीनी मिल में जेडएलडी का शिलान्यास
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:00 AM IST
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नानौता (सहारनपुर)। किसान सहकारी चीनी मिल, नानौता की आसवानी इकाई में 30 करोड़ की लागत से जेडएलडी (जीरो लिक्विड डिस्चार्ज ) का शिलान्यास आगामी कुछ दिनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जाएगा। जिससे कृष्णा नदी पूरी तरह से स्वच्छ रह पाएगी। तो वहीं जल्द ही चीनी मिल क्षेत्रीय किसानों का 90 प्रतिशत गन्ना भुगतान भी करने जा रही है।
बृहस्पतिवार को किसान सहकारी चीनी मिल में आयोजित पत्रकार वार्ता में जीएम एसडी सिंह ने बताया कि भारत सरकार के एथेनॉल उत्पादन को प्रोत्साहित करने / उत्पादन बढ़ाने की नीति के अंतर्गत उप्र शासन के निर्देशन में उप्र सहकारी चीनी मिल संघ, लखनऊ के प्रयास से नानौता आसवानी इकाई में सीपीसीबी के मानकों के अनुरूप बायोकम्पोस्ट आधारित जेडएलडी (शून्य उत्सर्जन प्रवाह ) संयंत्र की करीब 30 करोड़ की लागत से जल्द ही स्थापना की जाएगी। जिसका शिलान्यास आगामी दिनों में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जाएगा। इस संयंत्र के लगने से आसवानी (डिस्टलरी) से निकलने वाले गंदे पानी की निकट से होकर जाने वाली कृष्णा नदी में जाने की संभावना पूरी तरह से खत्म होगी। क्योंकि इस संयंत्र की मदद से निकलने वाले गंदे पानी से 90 प्रतिशत तक बायलर स्टीम बनाई जाएगी, जबकि बचे 10 प्रतिशत से बायोकम्पोस्ट खाद में प्रयोग किया जाएगा।
किसानों का जल्द होगा बकाया गन्ना भुगतान
जीएम एसडी सिंह ने बताया कि शासन स्तर से गन्ना किसानों का बकाया भुगतान के लिए प्रदेश की चीनी मिलों को 885 करोड़ रुपये रिलीज किया गया है। नानौता चीनी मिल पर क्षेत्रीय किसानों का करीब 106 करोड़ रुपये बकाया है। जिसमें से शासन स्तर से करीब 70 से 80 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे। जिससे करीब 90 प्रतिशत बकाया भुगतान हो जाएगा, जबकि बकाया 10 प्रतिशत चीनी मिल अपने संसाधनों से कर पाएगी। जीएम ने बताया कि आगामी 28 अक्टूबर से चीनी मिल चलने के शासन स्तर से आदेश आ चुके है। इस बार चीनी मिल सत्र का पेराई लक्ष्य 80 लाख क्विंटल रखा गया है। इस दौरान आसवानी प्रबंधक प्रदीप पुंडीर, प्रमोद राणा आदि उपस्थित रहेे।
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बृहस्पतिवार को किसान सहकारी चीनी मिल में आयोजित पत्रकार वार्ता में जीएम एसडी सिंह ने बताया कि भारत सरकार के एथेनॉल उत्पादन को प्रोत्साहित करने / उत्पादन बढ़ाने की नीति के अंतर्गत उप्र शासन के निर्देशन में उप्र सहकारी चीनी मिल संघ, लखनऊ के प्रयास से नानौता आसवानी इकाई में सीपीसीबी के मानकों के अनुरूप बायोकम्पोस्ट आधारित जेडएलडी (शून्य उत्सर्जन प्रवाह ) संयंत्र की करीब 30 करोड़ की लागत से जल्द ही स्थापना की जाएगी। जिसका शिलान्यास आगामी दिनों में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जाएगा। इस संयंत्र के लगने से आसवानी (डिस्टलरी) से निकलने वाले गंदे पानी की निकट से होकर जाने वाली कृष्णा नदी में जाने की संभावना पूरी तरह से खत्म होगी। क्योंकि इस संयंत्र की मदद से निकलने वाले गंदे पानी से 90 प्रतिशत तक बायलर स्टीम बनाई जाएगी, जबकि बचे 10 प्रतिशत से बायोकम्पोस्ट खाद में प्रयोग किया जाएगा।
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किसानों का जल्द होगा बकाया गन्ना भुगतान
जीएम एसडी सिंह ने बताया कि शासन स्तर से गन्ना किसानों का बकाया भुगतान के लिए प्रदेश की चीनी मिलों को 885 करोड़ रुपये रिलीज किया गया है। नानौता चीनी मिल पर क्षेत्रीय किसानों का करीब 106 करोड़ रुपये बकाया है। जिसमें से शासन स्तर से करीब 70 से 80 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे। जिससे करीब 90 प्रतिशत बकाया भुगतान हो जाएगा, जबकि बकाया 10 प्रतिशत चीनी मिल अपने संसाधनों से कर पाएगी। जीएम ने बताया कि आगामी 28 अक्टूबर से चीनी मिल चलने के शासन स्तर से आदेश आ चुके है। इस बार चीनी मिल सत्र का पेराई लक्ष्य 80 लाख क्विंटल रखा गया है। इस दौरान आसवानी प्रबंधक प्रदीप पुंडीर, प्रमोद राणा आदि उपस्थित रहेे।
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