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निजी चिकित्सकों की हड़ताल से मरीज परेशान
Updated Sun, 29 Jul 2018 01:13 AM IST
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निजी चिकित्सकों की हड़ताल से मरीज परेशान
सहारनपुर। नेशनल मेडिकल कमीशन बिल को लेकर निजी चिकित्सकों का रोष लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को आईएमए से जुड़े चिकित्सक हड़ताल पर रहे। इसकी वजह से मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। चिकित्सकों के नहीं बैठने की वजह से मरीज ओपीडी से निराश होकर लौटे।
हड़ताल के दौरान आईएमए के अध्यक्ष डॉ. मोहन पांडेय ने कहा कि सरकार नेशनल मेडिकल कमीशन बिल लाने की तैयारी में है, जो अलोकतांत्रिक, गरीब, संघीय और पिछड़ों के विरोध में है। इससे केवल अमीरों को फायदा होगा। इस बिल के माध्यम से सरकार का सभी अधिकारों को केंद्रीयकृत करने का इरादा नजर आ रहा है। लोकतांत्रिक तरीके से चुने हुए एमसीआई को समाप्त कर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग का गठन पूरी तरह गलत है। चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बिल को पास किया तो आईएमए यूपी अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को बाध्य होगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उधर, चिकित्सकों की हड़ताल से मरीजों को परेशानी रही। बड़ी संख्या में मरीजों को ओपीडी से बिना इलाज के लौटना पड़ा।
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सहारनपुर। नेशनल मेडिकल कमीशन बिल को लेकर निजी चिकित्सकों का रोष लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को आईएमए से जुड़े चिकित्सक हड़ताल पर रहे। इसकी वजह से मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। चिकित्सकों के नहीं बैठने की वजह से मरीज ओपीडी से निराश होकर लौटे।
हड़ताल के दौरान आईएमए के अध्यक्ष डॉ. मोहन पांडेय ने कहा कि सरकार नेशनल मेडिकल कमीशन बिल लाने की तैयारी में है, जो अलोकतांत्रिक, गरीब, संघीय और पिछड़ों के विरोध में है। इससे केवल अमीरों को फायदा होगा। इस बिल के माध्यम से सरकार का सभी अधिकारों को केंद्रीयकृत करने का इरादा नजर आ रहा है। लोकतांत्रिक तरीके से चुने हुए एमसीआई को समाप्त कर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग का गठन पूरी तरह गलत है। चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बिल को पास किया तो आईएमए यूपी अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को बाध्य होगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उधर, चिकित्सकों की हड़ताल से मरीजों को परेशानी रही। बड़ी संख्या में मरीजों को ओपीडी से बिना इलाज के लौटना पड़ा।
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