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विकास प्राधिकरण ने सड़क खोदकर छोड़ी, लोग परेशान
Updated Sat, 09 Jun 2018 12:12 AM IST
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सहारनपुर। विकास प्राधिकरण (एसडीए) की लापरवाही लाखों यात्रियों पर भारी पड़ रही है। मामला सहारनपुर-नागल-देवबंद मार्ग का है, जिसे सीसी बनाया जाना है। निर्माण का जिम्मा विकास प्राधिकरण के पास है, जिसने करीब एक महीने से पुरानी सड़क को खोदकर छोड़ा हुआ है, मगर नई सड़क का निर्माण अभी तक शुरू नहीं कराया है। खास बात यह है कि सड़क सात जुलाई तक कंपलीट की जानी है। मगर विकास प्राधिकरण के अधिकारी सोए हुए हैं। यह मार्ग बंद होने के कारण यहां से गुजरने वाले लाखों लोगों को परेशानी हो रही है।
पेपर मिल रोड का डेढ़ किलोमीटर से अधिक का टुकड़ा वर्षों से जर्जर है। विकास प्राधिकरण ने इस रोड को बनवाने का जिम्मा लिया था। करीब पच्चीस दिन पहले निर्माण शुरू होने की बात कहकर सहारनपुर-देवबंद मार्ग को बंद करा दिया था। टारगेट था कि सड़क को सात जुलाई 2018 तक कंपलीट कर लिया जाएगा। चूंकि यह सीसी बनाई जानी है। ऐसे में प्राधिकरण ने सड़क के 1800 मीटर के टुकड़े पर बिछी तारकोल की सड़क को खुदवाकर किनारे लगाया था। उम्मीद थी कि प्राधिकरण तेजी से काम कर इस मार्ग से गुजरने वाले और बसे लोगों को जल्द राहत देगा। मगर हैरत की बात यह है कि सड़क का निर्माण पूरी तरह बंद है। दिन भर वाहनों के चलने से उड़ने वाली धूल से लोग परेशान हैं। प्राधिकरण के अधिकारी सड़क के निर्माण का कार्य शुरू न होने के लिए ट्रैफिक को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। आरोप है कि पुलिस प्रशासन का सहयोग नहीं मिलने की वजह से सड़क पर लगातार वाहन दौड़ रहे हैं, जबकि सीसी रोड के लिए ट्रैफिक को पूरी तरह बंद किया जाना जरूरी है।
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निर्माण शुरू होने के बाद 45 दिन लगेंगे
1800 मीटर लंबी सड़क को बनाने में प्राधिकरण को काम शुरू होने के बाद कम से कम 45 दिन का वक्त लगेगा। नियम है कि सीसी रोड बनने के बाद 28 दिन तक कोई भी वाहन सड़क के ऊपर से न चलने दिया जाए। यानी तय है कि यदि आज भी काम शुरू हो जाए तो सड़क के चालू होने में कम से कम ढाई महीने का समय जरूर लगेगा। सड़क की लंबाई और चौड़ाई की बात करें तो 1800 मीटर लंबाई वाली इस सड़क की चौड़ाई सात मीटर रहेगी। मोटाई छह इंच की गिट्टी के अलावा 26 सेंटी मीटर की रहेगी। सड़क के निर्माण में तीन करोड़ रुपये की लागत आएगी।
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एक महीने में हुआ केवल यह काम
पेपर मिल रोड पर अब तक हुए काम की बात करें तो पिछले एक महीने में प्राधिकरण केवल सड़क से तारकोल की सड़क हटाकर कुछ जगहों पर गड्ढों में पत्थर डालकर उनपर रोलर चलाया है। यानी मुख्य काम अभी बाकी है और प्राधिकरण के पास अब एक महीने से भी कम समय बचा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर पिछले कई दिनों से जानबूझकर काम बंद किया गया है।
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बर्बाद हो रहा यात्रियों का पैसा और समय
पेपर मिल रोड से होकर वाहन नागल, देवबंद, मुजफ्फरनगर और मेरठ की ओर निकलते हैं। इस मार्ग पर लोकल बसें चलती हैं, जो देवबंद तक जाती हैं। पिछले एक महीने से बसों का संचालन पूरी तरह बंद है। यह बसें अब गागलहेड़ी से होकर गुजर रही हैं। ऐसे में बस संचालकों ने किराये में 30 से 35 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी की हुई है। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मजबूरन अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, चूंकि बस लंबा सफर तय कर रही है। ऐसे में समय भी अधिक लग रहा है।
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यातायात दबाव बढ़ने से शहर में जाम
सहारनपुर-देवबंद मार्ग का यातायात शहर के बीचोबीच से गुजरने के कारण जाम का कारण बन रहा है। खासतौर से शाम के समय यातायात दबाव बढ़ जाता है, जिससे शहर के अधिकांश हिस्सों में जाम लग जाता है। यही स्थिति जेल चुंगी तक रहती है।
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परिचर्चा:-
स्थानीय निवासियों और दुकानदारों की मुसीबत बढ़ी
फोटो सहित
सहारनपुर। टूटी सड़क पर दौड़ रहीं कारें और टेंपो दिन भर धूल उड़ा रहे हैं। यह धूल सड़क किनारे बसे लोगों और दुकानदारों की परेशानी का सबब बनी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन भर भारी धूल उड़कर सांसों के जरिए लोगों के भीतर जाकर उन्हें बीमार बना रही है। दिल और सांस के मरीजों को अधिक परेशानी हो रही है।
चाय की दुकान चलाने वाले चरण सिंह ने बताया कि कई दिन से सड़क पर काम बंद है। यदि सड़क बनाई ही नहीं जानी थी तो तोड़ी क्यों। इससे बेहतर तो पहले ही थे। बताया कि सड़क पर यातायात बंद होने की वजह से दुकानदारी ठप सी हो गई है। धूल लगातार उन्हें बीमार कर रही है। दुकान के बाहर सड़क पर पाइप डालकर पानी छिड़क रहे राजेंद्र यादव ने सड़क पर काम शुरू न होने पर नाराजगी व्यक्त की। प्राधिकरण के अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। बलीराम ने भी सड़क के निर्माण का कार्य शुरू न होने पर नाराजगी व्यक्त की है।
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यह बात सही है कि बिना ट्रैफिक रोके सीसी रोड का निर्माण नहीं कराया जा सकेगा। मैंने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया है। हम चौपहिया या तिपहिया वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह बंद कर और दुपहिया वाहनों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर जल्द ही काम शुरू कराने वाले हैं। कोशिश यही है कि काम समय से निपटे और लोगों को बेहतर सड़क दी जा सके।
ज्ञानेंद्र सिंह, कार्यवाहक उपाध्यक्ष, एसडीए।
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पेपर मिल रोड का डेढ़ किलोमीटर से अधिक का टुकड़ा वर्षों से जर्जर है। विकास प्राधिकरण ने इस रोड को बनवाने का जिम्मा लिया था। करीब पच्चीस दिन पहले निर्माण शुरू होने की बात कहकर सहारनपुर-देवबंद मार्ग को बंद करा दिया था। टारगेट था कि सड़क को सात जुलाई 2018 तक कंपलीट कर लिया जाएगा। चूंकि यह सीसी बनाई जानी है। ऐसे में प्राधिकरण ने सड़क के 1800 मीटर के टुकड़े पर बिछी तारकोल की सड़क को खुदवाकर किनारे लगाया था। उम्मीद थी कि प्राधिकरण तेजी से काम कर इस मार्ग से गुजरने वाले और बसे लोगों को जल्द राहत देगा। मगर हैरत की बात यह है कि सड़क का निर्माण पूरी तरह बंद है। दिन भर वाहनों के चलने से उड़ने वाली धूल से लोग परेशान हैं। प्राधिकरण के अधिकारी सड़क के निर्माण का कार्य शुरू न होने के लिए ट्रैफिक को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। आरोप है कि पुलिस प्रशासन का सहयोग नहीं मिलने की वजह से सड़क पर लगातार वाहन दौड़ रहे हैं, जबकि सीसी रोड के लिए ट्रैफिक को पूरी तरह बंद किया जाना जरूरी है।
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निर्माण शुरू होने के बाद 45 दिन लगेंगे
1800 मीटर लंबी सड़क को बनाने में प्राधिकरण को काम शुरू होने के बाद कम से कम 45 दिन का वक्त लगेगा। नियम है कि सीसी रोड बनने के बाद 28 दिन तक कोई भी वाहन सड़क के ऊपर से न चलने दिया जाए। यानी तय है कि यदि आज भी काम शुरू हो जाए तो सड़क के चालू होने में कम से कम ढाई महीने का समय जरूर लगेगा। सड़क की लंबाई और चौड़ाई की बात करें तो 1800 मीटर लंबाई वाली इस सड़क की चौड़ाई सात मीटर रहेगी। मोटाई छह इंच की गिट्टी के अलावा 26 सेंटी मीटर की रहेगी। सड़क के निर्माण में तीन करोड़ रुपये की लागत आएगी।
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एक महीने में हुआ केवल यह काम
पेपर मिल रोड पर अब तक हुए काम की बात करें तो पिछले एक महीने में प्राधिकरण केवल सड़क से तारकोल की सड़क हटाकर कुछ जगहों पर गड्ढों में पत्थर डालकर उनपर रोलर चलाया है। यानी मुख्य काम अभी बाकी है और प्राधिकरण के पास अब एक महीने से भी कम समय बचा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर पिछले कई दिनों से जानबूझकर काम बंद किया गया है।
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बर्बाद हो रहा यात्रियों का पैसा और समय
पेपर मिल रोड से होकर वाहन नागल, देवबंद, मुजफ्फरनगर और मेरठ की ओर निकलते हैं। इस मार्ग पर लोकल बसें चलती हैं, जो देवबंद तक जाती हैं। पिछले एक महीने से बसों का संचालन पूरी तरह बंद है। यह बसें अब गागलहेड़ी से होकर गुजर रही हैं। ऐसे में बस संचालकों ने किराये में 30 से 35 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी की हुई है। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मजबूरन अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, चूंकि बस लंबा सफर तय कर रही है। ऐसे में समय भी अधिक लग रहा है।
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यातायात दबाव बढ़ने से शहर में जाम
सहारनपुर-देवबंद मार्ग का यातायात शहर के बीचोबीच से गुजरने के कारण जाम का कारण बन रहा है। खासतौर से शाम के समय यातायात दबाव बढ़ जाता है, जिससे शहर के अधिकांश हिस्सों में जाम लग जाता है। यही स्थिति जेल चुंगी तक रहती है।
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परिचर्चा:-
स्थानीय निवासियों और दुकानदारों की मुसीबत बढ़ी
फोटो सहित
सहारनपुर। टूटी सड़क पर दौड़ रहीं कारें और टेंपो दिन भर धूल उड़ा रहे हैं। यह धूल सड़क किनारे बसे लोगों और दुकानदारों की परेशानी का सबब बनी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन भर भारी धूल उड़कर सांसों के जरिए लोगों के भीतर जाकर उन्हें बीमार बना रही है। दिल और सांस के मरीजों को अधिक परेशानी हो रही है।
चाय की दुकान चलाने वाले चरण सिंह ने बताया कि कई दिन से सड़क पर काम बंद है। यदि सड़क बनाई ही नहीं जानी थी तो तोड़ी क्यों। इससे बेहतर तो पहले ही थे। बताया कि सड़क पर यातायात बंद होने की वजह से दुकानदारी ठप सी हो गई है। धूल लगातार उन्हें बीमार कर रही है। दुकान के बाहर सड़क पर पाइप डालकर पानी छिड़क रहे राजेंद्र यादव ने सड़क पर काम शुरू न होने पर नाराजगी व्यक्त की। प्राधिकरण के अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। बलीराम ने भी सड़क के निर्माण का कार्य शुरू न होने पर नाराजगी व्यक्त की है।
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यह बात सही है कि बिना ट्रैफिक रोके सीसी रोड का निर्माण नहीं कराया जा सकेगा। मैंने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया है। हम चौपहिया या तिपहिया वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह बंद कर और दुपहिया वाहनों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर जल्द ही काम शुरू कराने वाले हैं। कोशिश यही है कि काम समय से निपटे और लोगों को बेहतर सड़क दी जा सके।
ज्ञानेंद्र सिंह, कार्यवाहक उपाध्यक्ष, एसडीए।