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हरियाणा के किसानों ने दलितों की जमीन कब्जाई
Updated Sat, 28 Apr 2018 12:56 AM IST
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हरियाणा के किसानों ने कब्जाई बाधी के दलितों की जमीन
नकुड़ (सहारनपुर)। सीमावर्ती राज्य हरियाणा के किसानों ने बाधी गांव के दलित किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन जोतकर उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया। पीड़ित किसानों ने एसडीएम से आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा उनकी फसल और जमीन वापस दिलाने की मांग की है।
शनिवार को ग्राम प्रधान सुनील कुमार के नेतृत्व में गांव बाधी निवासी दलित किसान रगबीर, ओमबीर, ओमसिंह, मवासी, मेघसिंह, पाल्ला, रामा, उधम सिंह आदि ने तहसील कार्यालय पहुंचकर बताया कि बाधी अहतमाल के खसरा नंबर एक और दो में उन्हें कृषि भूमि के पट्टे आवंटित किए गए थे। पिछले दो दशकों से भी अधिक समय से वे अपने पट्टों पर काबिज हैं। आरोप लगाया कि हरियाणा के चैगामा और जंघेडी गांव के निवासी कई किसान फसल पकने पर उनकी जमीन पर खड़ी फसल को काटकर ले जाते हैं। इस बार भी हरियाणा के किसानों ने उनकी सैकड़ों बीघा गेहूं आदि की फसल काटकर अवैध कब्जा कर लिया है। उन्होंने कई बार स्थानीय लेखपाल को मामले की जानकारी दी। लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई।
पीड़ित किसानों का आरोप है कि दो दिन से वे तहसील मुख्यालय के चक्कर लगा रहे थे। मगर तहसील मुख्यालय पर किसी अधिकारी से उनका संपर्क नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि तहसील प्रशासन मामले के स्थायी समाधान में रुचि नहीं ले रहा है। उन्होंने एसडीएम से हरियाणा के किसानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उनकी जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की गुहार लगाई। उनका कहना है कि यदि तहसील प्रशासन ने उनकी मदद नहीं की तो वे स्वयं ही अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए रणनीति बनाने को मजबूर होंगे। ऐसी स्थिति में यदि कोई अनहोनी होती है तो उसकी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की होगी। उधर, एसडीएम युगराज सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। इसकी जांच कर करवाई की जाएगी।
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नकुड़ (सहारनपुर)। सीमावर्ती राज्य हरियाणा के किसानों ने बाधी गांव के दलित किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन जोतकर उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया। पीड़ित किसानों ने एसडीएम से आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा उनकी फसल और जमीन वापस दिलाने की मांग की है।
शनिवार को ग्राम प्रधान सुनील कुमार के नेतृत्व में गांव बाधी निवासी दलित किसान रगबीर, ओमबीर, ओमसिंह, मवासी, मेघसिंह, पाल्ला, रामा, उधम सिंह आदि ने तहसील कार्यालय पहुंचकर बताया कि बाधी अहतमाल के खसरा नंबर एक और दो में उन्हें कृषि भूमि के पट्टे आवंटित किए गए थे। पिछले दो दशकों से भी अधिक समय से वे अपने पट्टों पर काबिज हैं। आरोप लगाया कि हरियाणा के चैगामा और जंघेडी गांव के निवासी कई किसान फसल पकने पर उनकी जमीन पर खड़ी फसल को काटकर ले जाते हैं। इस बार भी हरियाणा के किसानों ने उनकी सैकड़ों बीघा गेहूं आदि की फसल काटकर अवैध कब्जा कर लिया है। उन्होंने कई बार स्थानीय लेखपाल को मामले की जानकारी दी। लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई।
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पीड़ित किसानों का आरोप है कि दो दिन से वे तहसील मुख्यालय के चक्कर लगा रहे थे। मगर तहसील मुख्यालय पर किसी अधिकारी से उनका संपर्क नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि तहसील प्रशासन मामले के स्थायी समाधान में रुचि नहीं ले रहा है। उन्होंने एसडीएम से हरियाणा के किसानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उनकी जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की गुहार लगाई। उनका कहना है कि यदि तहसील प्रशासन ने उनकी मदद नहीं की तो वे स्वयं ही अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए रणनीति बनाने को मजबूर होंगे। ऐसी स्थिति में यदि कोई अनहोनी होती है तो उसकी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की होगी। उधर, एसडीएम युगराज सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। इसकी जांच कर करवाई की जाएगी।
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