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इस्लाम से खारिज बीजेपी एमएलसी बुक्कल नवाब: उलमा
Updated Wed, 25 Apr 2018 01:04 AM IST
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बुक्कल नवाब के भगवा वस्त्र धारण करने पर उलमा नाराज
देवबंद (सहारनपुर)। समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए एमएलसी बुक्कल नवाब के भगवा वस्त्र धारण कर हनुमान मंदिर में पूजा करने तथा मंदिर में घंटा चढ़ाने के मुद्दे पर देवबंदी उलमा ने सख्त नाराजगी का इजहार करते हुए कहा कि जो लोग अल्लाह के सिवा किसी ओर की इबादत करते हैं ऐसे लोग इस्लाम से खारिज हो जाते हैं।
दारुल उलूम अशरफिया के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी का कहना है कि अगर कोई मुसलमान किसी भी तरह से अल्लाह के अलावा किसी दूसरे की इबादत करता है या उस तरह के वस्त्र धारण करता है तो वो इस्लाम से खारिज है। इस्लाम धर्म में अल्लाह के सिवा किसी और की इबादत को शिर्क (गलत) माना गया है। उन्होंने कहा कि बुक्कल नवाब हों या फिर कोई भी मुसलमान अगर वे किसी दूसरे धर्म की परंपराओं को अपनाते हुए मंदिरों में जाकर पूजा करता है तो उसे इस्लामी नजरिये से इस्लाम से खारिज माना जाता है।
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देवबंद (सहारनपुर)। समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए एमएलसी बुक्कल नवाब के भगवा वस्त्र धारण कर हनुमान मंदिर में पूजा करने तथा मंदिर में घंटा चढ़ाने के मुद्दे पर देवबंदी उलमा ने सख्त नाराजगी का इजहार करते हुए कहा कि जो लोग अल्लाह के सिवा किसी ओर की इबादत करते हैं ऐसे लोग इस्लाम से खारिज हो जाते हैं।
दारुल उलूम अशरफिया के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी का कहना है कि अगर कोई मुसलमान किसी भी तरह से अल्लाह के अलावा किसी दूसरे की इबादत करता है या उस तरह के वस्त्र धारण करता है तो वो इस्लाम से खारिज है। इस्लाम धर्म में अल्लाह के सिवा किसी और की इबादत को शिर्क (गलत) माना गया है। उन्होंने कहा कि बुक्कल नवाब हों या फिर कोई भी मुसलमान अगर वे किसी दूसरे धर्म की परंपराओं को अपनाते हुए मंदिरों में जाकर पूजा करता है तो उसे इस्लामी नजरिये से इस्लाम से खारिज माना जाता है।
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