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चुनौती बना स्वच्छ भारत मिशन
Updated Mon, 05 Feb 2018 12:53 AM IST
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सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत मिशन जनपद में अधिकारियों के लिए चुनौती बन गया है। क्योंकि साढ़े तीन साल पहले शुरू हुई योजना में अभी तक 887 में से 230 गांव ही खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) हो पाए हैं। पहले अक्टूबर 2018 तक जनपद को ओडीएफ घोषित करना था। मगर अब समय सीमा घटाकर जून माह कर दी गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जाने वाले शौचालयों के निर्माण की रफ्तार जनपद में बहुत धीमी चल रही है। साढ़े तीन साल पहले यह योजना शुरू की गई थी। अभी तक 230 गांव ही ओडीएफ बन पाए हैं, जिनमें तमाम प्रकार की खामियां और धांधली भी सामने आ चुकी है। जनपद को अक्टूबर 2018 तक ओडीएफ घोषित करना था। मगर, अब जून माह तक जिले को ओडीएफ घोषित करने के निर्देश शासन ने दिए है। इसको लेकर अधिकारियों के पसीने छूट गए हैं।
शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन और जिला पंचायज राज अधिकारी सतीश कुमार ने स्वच्छ भारत मिशन को लेकर ग्राम पंचायत अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी, जिसमें कार्य पूरे नहीं होने पर सीडीओ ने संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाई तो हंगामा हो गया था। अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए एक एडीओ को चार्ज से हटाकर जिला पंचायत राज विभाग से संबंद्ध कर दिया था। मुजफ्फराबद के सचिव भीमसेन को निलंबित किया गया और 16 से स्पष्टीकरण मांगा गया। इससे साफ है कि अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन के तहत काम पूरा नहीं करा पा रहे हैं। अभी डेढ़ लाख शौचालय बनाए जाने और कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन का कहना है कि कार्य को निर्धारित समय में पूरा करा लिया जाएगा।
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गणतंत्र दिवस पर नहीं कर पाए 100 गांव ओडीएफ घोषित
सहारनपुर। जिला पंचायत राज विभाग अभी तक 230 गांवों को ही ओडीएफ घोषित कर पाया है। गणतंत्र दिवस पर 100 और गांवों को ओडीएफ घोषित करना था। मगर, विभाग इन्हें ओडीएफ घोषित नहीं कर पाया। इसके पीछे सरकारी तंत्र की उदासीनता साफ नजर आती है। अब इन 100 गांवों को ओडीएफ बनाने के लिए मार्च का समय रखा गया है। स्वच्छ भारत मिशन को लेकर शासन भी लगातार अपडेट ले रहा है। सरकार लोकसभा चुनाव 2019 से पहले काम पूरा कराना चाहती है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जाने वाले शौचालयों के निर्माण की रफ्तार जनपद में बहुत धीमी चल रही है। साढ़े तीन साल पहले यह योजना शुरू की गई थी। अभी तक 230 गांव ही ओडीएफ बन पाए हैं, जिनमें तमाम प्रकार की खामियां और धांधली भी सामने आ चुकी है। जनपद को अक्टूबर 2018 तक ओडीएफ घोषित करना था। मगर, अब जून माह तक जिले को ओडीएफ घोषित करने के निर्देश शासन ने दिए है। इसको लेकर अधिकारियों के पसीने छूट गए हैं।
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शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन और जिला पंचायज राज अधिकारी सतीश कुमार ने स्वच्छ भारत मिशन को लेकर ग्राम पंचायत अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी, जिसमें कार्य पूरे नहीं होने पर सीडीओ ने संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाई तो हंगामा हो गया था। अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए एक एडीओ को चार्ज से हटाकर जिला पंचायत राज विभाग से संबंद्ध कर दिया था। मुजफ्फराबद के सचिव भीमसेन को निलंबित किया गया और 16 से स्पष्टीकरण मांगा गया। इससे साफ है कि अधिकारी स्वच्छ भारत मिशन के तहत काम पूरा नहीं करा पा रहे हैं। अभी डेढ़ लाख शौचालय बनाए जाने और कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन का कहना है कि कार्य को निर्धारित समय में पूरा करा लिया जाएगा।
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गणतंत्र दिवस पर नहीं कर पाए 100 गांव ओडीएफ घोषित
सहारनपुर। जिला पंचायत राज विभाग अभी तक 230 गांवों को ही ओडीएफ घोषित कर पाया है। गणतंत्र दिवस पर 100 और गांवों को ओडीएफ घोषित करना था। मगर, विभाग इन्हें ओडीएफ घोषित नहीं कर पाया। इसके पीछे सरकारी तंत्र की उदासीनता साफ नजर आती है। अब इन 100 गांवों को ओडीएफ बनाने के लिए मार्च का समय रखा गया है। स्वच्छ भारत मिशन को लेकर शासन भी लगातार अपडेट ले रहा है। सरकार लोकसभा चुनाव 2019 से पहले काम पूरा कराना चाहती है।