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समस्याओं को लेकर तहसील पर गरजे किसान
Updated Fri, 26 Jan 2018 12:57 AM IST
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रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। भाकियू की पंचायत में विद्युत की बढ़ाई हुई दरों को वापस लेने, बकाया गन्ने का भुगतान, पावर कार्पोरेशन द्वारा किसानों पर दर्ज किए गए झूठे मुकदमों को वापस लेने और बाजार में नकली कीट दवाईयों की ब्रिकी को बंद कराने को लेकर किसानों ने हंगामा किया। तहसील अध्यक्ष चौधरी जगपाल ने कहा कि यदि भाजपा का भी अन्य सरकारों की तरह किसानों के प्रति यही रवैया रहा तो वह उसके खिलाफ आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
शिवपुरी कालोनी में आयोजित किसानों की मासिक पंचायत में चौधरी जगपाल ने कहा कि भाजपा सरकार में किसानों का पावर कार्पोरेशन द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है। उन पर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। कहा कि विभाग भ्रष्टाचारी हो सकता है परंतु किसान अपने खून पसीने की कमाई से अपने परिवार का पेट पालता है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने विद्युत कीमतों में वृद्धि कर किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा हमला किया है। किसानों की खून पसीने की कमाई फसल का भुगतान नहीं किया जा रहा है। बाजार में नकली कीट नाशक दवाईयों को धड़ल्ले से बेचा जा रहा है जिसका कुप्रभाव किसानों की फसल पर पड़ रहा है। बाद में किसान तहसील कार्यालय पर पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन एसडीएम राकेश कुमार को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में मा. सेवाराम, तरशपाल, प्रदीप कुमार, कीरत सिंह, विजय पाल, ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।
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शिवपुरी कालोनी में आयोजित किसानों की मासिक पंचायत में चौधरी जगपाल ने कहा कि भाजपा सरकार में किसानों का पावर कार्पोरेशन द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है। उन पर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। कहा कि विभाग भ्रष्टाचारी हो सकता है परंतु किसान अपने खून पसीने की कमाई से अपने परिवार का पेट पालता है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने विद्युत कीमतों में वृद्धि कर किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा हमला किया है। किसानों की खून पसीने की कमाई फसल का भुगतान नहीं किया जा रहा है। बाजार में नकली कीट नाशक दवाईयों को धड़ल्ले से बेचा जा रहा है जिसका कुप्रभाव किसानों की फसल पर पड़ रहा है। बाद में किसान तहसील कार्यालय पर पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन एसडीएम राकेश कुमार को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में मा. सेवाराम, तरशपाल, प्रदीप कुमार, कीरत सिंह, विजय पाल, ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।
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