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ठेकेदारों ने लगाया निविदा निरस्त का आरोप
Updated Wed, 06 Dec 2017 12:03 AM IST
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सहारनपुर। ठेकेदारों ने गन्ना विभाग पर नियमों को ताक पर रखकर निविदा निरस्त करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निविदाओं को नियमानुसार स्वीकृत की जाए। उधर, जिला गन्ना अधिकारी ने कहा कि निविदाएं नियमानुसार खोली जा रही है और इसमें पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।
मंगलवार को ठेकेदारों ने कहा कि गन्ना विभाग की ओर से संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए जिले के सरकारी विभागों में पंजीकृत ठेकेदारों से निविदाएं मांगी गई थी। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि गन्ना विभाग के अधिकारियों द्वारा अपने चहेते ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुुंचाने की नीयत से कुछ निविदाएं 24 व 25 नवंबर को खोली गई थी। लेकिन निविदा में रेट ज्यादा देखकर प्रोपराइटर वाली फर्म को बताकर उन्हें बाहर कर दिया। ठेकेदारों का कहना है कि मुजफ्फरनगर के गन्ना विभाग और सिंचाई विभाग समेत कई विभागों में प्रोपराइटरशिप वाले ठेकेदार की निविदा स्वीकृत कर गई तो गन्ना विभाग क्यों नहीं कर रही है। निरंकार त्यागी, राजीव त्यागी, नरेंद्र चौधरी, अमित चौधरी, विकास चौधरी, प्रताप चौधरी, जगप्रवेश आदि रहे। उधर, जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने बताया कि निविदाओं को खोलने का कार्य पूरी तरह से नियमानुसार किया जा रहा है। इसमें पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।
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मंगलवार को ठेकेदारों ने कहा कि गन्ना विभाग की ओर से संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए जिले के सरकारी विभागों में पंजीकृत ठेकेदारों से निविदाएं मांगी गई थी। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि गन्ना विभाग के अधिकारियों द्वारा अपने चहेते ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुुंचाने की नीयत से कुछ निविदाएं 24 व 25 नवंबर को खोली गई थी। लेकिन निविदा में रेट ज्यादा देखकर प्रोपराइटर वाली फर्म को बताकर उन्हें बाहर कर दिया। ठेकेदारों का कहना है कि मुजफ्फरनगर के गन्ना विभाग और सिंचाई विभाग समेत कई विभागों में प्रोपराइटरशिप वाले ठेकेदार की निविदा स्वीकृत कर गई तो गन्ना विभाग क्यों नहीं कर रही है। निरंकार त्यागी, राजीव त्यागी, नरेंद्र चौधरी, अमित चौधरी, विकास चौधरी, प्रताप चौधरी, जगप्रवेश आदि रहे। उधर, जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने बताया कि निविदाओं को खोलने का कार्य पूरी तरह से नियमानुसार किया जा रहा है। इसमें पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।
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