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राशन दुकान का आवंटन निरस्त
Updated Sun, 05 Nov 2017 01:10 AM IST
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मृतक आश्रित के नाम पर फर्जीवाड़ा
कर पाई राशन की दुकान निरस्त
रामपुर मनिहारान। जिलाधिकारी के आदेश पर गांव जानखेड़ा में सुनील कुमार को आवंटित राशन डीलर की दुकान को निरस्त कर उसे अन्य डीलर से संबद्ध कर दिया गया है। मृतक आश्रित के नाम पर फर्जीवाड़ा कर राशन डीलर की दुकान आवंटित करने की शिकायत पर जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।
बता दें कि गांव की ही कांति पत्नी बालकराम ने नकुड़ तहसील कार्यालय में एक शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया गया था कि सुनील कुमार द्वारा फर्जी तरीके से मृतक विक्रम सिंह का गोदनामा तैयार कराकर मृतक आश्रित के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर उचित दर विक्रेता की नियुक्ति हासिल कर ली थी। इस बारे में जब जांच की गई तो पाया गया कि सुनील कुमार मृतक विक्रम सिंह का आश्रित नहीं है और न ही ऐसा कोई गोदनामा उन्होंने अपने जीवनकाल में उसके हक में पंजीकृत किया है। जांच में पाया गया कि सुनील कुमार ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर मृतक आश्रित में उचित दर विक्रेता का लाभ लिया है। इस जांच रिपोर्ट पर जिलाधिकारी के आदेश में बाद सुनील कुमार की उचित दर विक्रेता की दुकान को निरस्त कर इस दुकान को गांव में ही अन्य डीलर के यहां संबद्ध कर दिया गया है।
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कर पाई राशन की दुकान निरस्त
रामपुर मनिहारान। जिलाधिकारी के आदेश पर गांव जानखेड़ा में सुनील कुमार को आवंटित राशन डीलर की दुकान को निरस्त कर उसे अन्य डीलर से संबद्ध कर दिया गया है। मृतक आश्रित के नाम पर फर्जीवाड़ा कर राशन डीलर की दुकान आवंटित करने की शिकायत पर जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।
बता दें कि गांव की ही कांति पत्नी बालकराम ने नकुड़ तहसील कार्यालय में एक शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया गया था कि सुनील कुमार द्वारा फर्जी तरीके से मृतक विक्रम सिंह का गोदनामा तैयार कराकर मृतक आश्रित के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर उचित दर विक्रेता की नियुक्ति हासिल कर ली थी। इस बारे में जब जांच की गई तो पाया गया कि सुनील कुमार मृतक विक्रम सिंह का आश्रित नहीं है और न ही ऐसा कोई गोदनामा उन्होंने अपने जीवनकाल में उसके हक में पंजीकृत किया है। जांच में पाया गया कि सुनील कुमार ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर मृतक आश्रित में उचित दर विक्रेता का लाभ लिया है। इस जांच रिपोर्ट पर जिलाधिकारी के आदेश में बाद सुनील कुमार की उचित दर विक्रेता की दुकान को निरस्त कर इस दुकान को गांव में ही अन्य डीलर के यहां संबद्ध कर दिया गया है।
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