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यमुना में रेत भरने गया ग्रामीण डूबा
Updated Fri, 15 Sep 2017 01:40 AM IST
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लखनौती (सहारनपुर)। यमुना नदी में रेत लेने गया किसान भैंसा बुग्गी समेत नदी में डूब गया। इसमें उसे भैंसे की मौत हो गई जबकि किसान और बुग्गी का पता नहीं लग सका। सूचना के बाद भी प्रशासन का कोई अधिकारी वहां नहीं पहुंचा। इस पर नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। जाम लगने की सूचना पर तहसीलदार मौके पर पहुंचे और गोताखोर बुलवा कर ग्रामीण की तलाश शुरू कराई।
गंगोह के ग्राम बंदाहेड़ी निवासी 45 वर्षीय नेत्रपाल बुधवार शाम अपनी भैंसा-बुग्गी लेकर रेत भरने के लिए हलवाना घाट पर गया था। देर रात तक भी जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों उसकी चिंता हुई। रात भर वे उसे ढूंढते रहे। सुबह दिन निकलने पर ग्रामीण घाट पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि ग्रामीण के कपड़े किनारे पर पड़े हैं और कुछ दूरी पर उसका भैंसा भी मरा हुआ पड़ा था। यह सूचना मिलते ही काफी संख्या में वहां ग्रामीण इकट्ठा हो गए। उन्होंने इसकी सूचना प्रशासन को दी, लेकिन काफी देर तक जब कोई अधिकारी वहां नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों ने गंगोह-सहारनपुर मार्ग पर बीराखेड़ी के सामने जाम लगा दिया। जाम लगने की सूचना पर तहसीलदार रामदयाल रमन घाट पर पहुंचे और उन्होंने गोताखोरों को बुलवा कर लापता ग्रामीण की तलाश शुरू की। देर रात तक उसका कुछ पता नहीं चल सका था। तहसीलदार का कहना है कि यमुना नदी में पानी बहुत गहरा है इसलिए आक्सीजन का प्रबंध कर गोताखोरों को दोबारा लापता ग्रामीण की तलाशी अभियान में लगाया जाएगा। साथ ही भैंसे का पोस्टमार्टम कर हर संभव सहायता की जाएगी।
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गंगोह के ग्राम बंदाहेड़ी निवासी 45 वर्षीय नेत्रपाल बुधवार शाम अपनी भैंसा-बुग्गी लेकर रेत भरने के लिए हलवाना घाट पर गया था। देर रात तक भी जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों उसकी चिंता हुई। रात भर वे उसे ढूंढते रहे। सुबह दिन निकलने पर ग्रामीण घाट पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि ग्रामीण के कपड़े किनारे पर पड़े हैं और कुछ दूरी पर उसका भैंसा भी मरा हुआ पड़ा था। यह सूचना मिलते ही काफी संख्या में वहां ग्रामीण इकट्ठा हो गए। उन्होंने इसकी सूचना प्रशासन को दी, लेकिन काफी देर तक जब कोई अधिकारी वहां नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों ने गंगोह-सहारनपुर मार्ग पर बीराखेड़ी के सामने जाम लगा दिया। जाम लगने की सूचना पर तहसीलदार रामदयाल रमन घाट पर पहुंचे और उन्होंने गोताखोरों को बुलवा कर लापता ग्रामीण की तलाश शुरू की। देर रात तक उसका कुछ पता नहीं चल सका था। तहसीलदार का कहना है कि यमुना नदी में पानी बहुत गहरा है इसलिए आक्सीजन का प्रबंध कर गोताखोरों को दोबारा लापता ग्रामीण की तलाशी अभियान में लगाया जाएगा। साथ ही भैंसे का पोस्टमार्टम कर हर संभव सहायता की जाएगी।
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