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रणखंडी में दलितों के बिटौडे़ जले, हजारों का नुकसान
Updated Sun, 25 Jun 2017 12:51 AM IST
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रणखंडी में दलितों के बिटौडे़ जले, हजारों का नुकसान
देवबंद। शब्बीरपुर से उठी जातीय हिंसा की चिंगारी अभी सुलग रही है। शुक्रवार की रात्रि देवबंद के रणखंडी गांव में असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाडने का फिर से प्रयास किया। दलित समाज के पांच बिटोड़े देखते ही देखते जलकर राख हो गए। लेकिन बिटोड़ों को किसने आग के हवाले किया इसका कोई सुराग नहीं मिल सका है।
रणखंडी की पछाया पट्टी में सीताराम के पुत्र राजू, भूल्लन के पुत्र लिल्ला, रामू के पुत्र सतवीरा और सिमरी के पुत्र कर्मपाल के बिटोड़े आग में जलकर राख हो गए। हालांकि पीड़ित लोगों ने रेत व पानी आदि डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो सके। जिससे चारों लोगों का करीब 14 हजार रूपये का नुकसान हो गया। आगजनी की घटना से दलित समाज के लोगों में रोष पनप रहा है।
पीड़ितों ने प्रशासन से मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि बड़ग़ांव के शब्बीरपुर गांव से जातीय हिंसा की चिंगारी उठी थी जो करीब पौने दो महीने बाद भी सुलग रही है। हालांकि हाल फिलहाल में कोई बड़ी वारदात नहीं हुई लेकिन नफरत के सौदागार लोगों के दिलों में जहर घोलने से बाज नहीं आ रहे हैं। जबकि पुलिस इस तरह से किसी भी घटना से इंकार कर रही है। कोतवाल पंकज त्यागी ने बताया कि किसी भी व्यक्ति ने इस संबंध में कोई तहरीर नहीं दी है।
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देवबंद। शब्बीरपुर से उठी जातीय हिंसा की चिंगारी अभी सुलग रही है। शुक्रवार की रात्रि देवबंद के रणखंडी गांव में असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाडने का फिर से प्रयास किया। दलित समाज के पांच बिटोड़े देखते ही देखते जलकर राख हो गए। लेकिन बिटोड़ों को किसने आग के हवाले किया इसका कोई सुराग नहीं मिल सका है।
रणखंडी की पछाया पट्टी में सीताराम के पुत्र राजू, भूल्लन के पुत्र लिल्ला, रामू के पुत्र सतवीरा और सिमरी के पुत्र कर्मपाल के बिटोड़े आग में जलकर राख हो गए। हालांकि पीड़ित लोगों ने रेत व पानी आदि डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो सके। जिससे चारों लोगों का करीब 14 हजार रूपये का नुकसान हो गया। आगजनी की घटना से दलित समाज के लोगों में रोष पनप रहा है।
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पीड़ितों ने प्रशासन से मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि बड़ग़ांव के शब्बीरपुर गांव से जातीय हिंसा की चिंगारी उठी थी जो करीब पौने दो महीने बाद भी सुलग रही है। हालांकि हाल फिलहाल में कोई बड़ी वारदात नहीं हुई लेकिन नफरत के सौदागार लोगों के दिलों में जहर घोलने से बाज नहीं आ रहे हैं। जबकि पुलिस इस तरह से किसी भी घटना से इंकार कर रही है। कोतवाल पंकज त्यागी ने बताया कि किसी भी व्यक्ति ने इस संबंध में कोई तहरीर नहीं दी है।
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