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अपराध को न्यूनतम स्तर पर लाने को जिला स्तर पर मजबूत टीमें बनाएं- सीएम
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सहारनपुर। प्रदेश में अपराध का स्तर न्यूनतम करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला स्तर पर मजबूत टीमों के गठन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अपराधियों में वर्दी का भय होना चाहिए और जनता के मन में वर्दी का भरोसा।
शनिवार को सहारनपुर सर्किट हाउस में मंडलीय कानून व्यवस्था की समीक्षा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन अधिकारियों में काम के प्रति उमंग न हो उनको घर भेजने की व्यवस्था की जानी चाहिए। औपचारिकता निभाने वाले एवं भ्रष्ट अधिकारियों की प्रदेश को रत्ती भर जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी जिले के पुलिस अधीक्षक प्रत्येक दिन सुबह 9 बजे से 11 बजे तक जनता की समस्याएं सुनकर निवारण करें, अपने क्षेत्र का औचक निरीक्षण करें, संवेदनशील इलाके चिह्नित कर उनमें पुलिस गश्त बढ़ाएं, थाना स्तर पर उपद्रवी तत्वों को चिह्नित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को जल्द से जल्द एंटी-रोमियो स्क्वॉड गठित करने का निर्देश दिया और एक जुलाई को कॉलेज, स्कूल खुलने से पहले एन्टी-रोमियो स्क्वॉड का गठन हो जाना चाहिए। महिला पुलिस कर्मियों की सहायता से कॉलेज और स्कूलों में महिलाओं को जागरूक करें, हैंड बिल के जरिए ऐसे अपराधों के बारे में जागरूकता लाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं, बालिकाओं के खिलाफ अपराधों से सख्ती से निपटेगी। इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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भू-माफिया और अवैध खनन करने वालों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करें और ऐसे लोगों की संपत्तियां भी जब्त करने की दिशा में काम होना चाहिए। अवैध बूचड़खानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। गोवंश की हत्या एक संवेदनशील मुद्दा है और कई बार दंगों का भी कारण बनता है। भले ही लोग गाय को पालकर उसकी सेवा न कर पाएं, लेकिन उसको चोट लगते देखकर वह दुखी हो जाते हैं इसलिए उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए सभी अवैध बूचड़खानों को तत्काल प्रभाव से बंद करवाएं। जहरीली शराब और मादक द्रव्यों की बिक्री रोकने को ठोस कदम उठाएं। मुनाफाखोरी की आड़ में किसी की जान नहीं जाने दी जा सकती है। पंजाब के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मादक द्रव्यों का ख1तरा हो सकता है। प्रशासन को चौकन्ना रहकर इस खतरे के खिलाफ लड़ाई लड़नी है और युवाओं को इसकी चपेट में आने से बचाना है।
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शनिवार को सहारनपुर सर्किट हाउस में मंडलीय कानून व्यवस्था की समीक्षा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन अधिकारियों में काम के प्रति उमंग न हो उनको घर भेजने की व्यवस्था की जानी चाहिए। औपचारिकता निभाने वाले एवं भ्रष्ट अधिकारियों की प्रदेश को रत्ती भर जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी जिले के पुलिस अधीक्षक प्रत्येक दिन सुबह 9 बजे से 11 बजे तक जनता की समस्याएं सुनकर निवारण करें, अपने क्षेत्र का औचक निरीक्षण करें, संवेदनशील इलाके चिह्नित कर उनमें पुलिस गश्त बढ़ाएं, थाना स्तर पर उपद्रवी तत्वों को चिह्नित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
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महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को जल्द से जल्द एंटी-रोमियो स्क्वॉड गठित करने का निर्देश दिया और एक जुलाई को कॉलेज, स्कूल खुलने से पहले एन्टी-रोमियो स्क्वॉड का गठन हो जाना चाहिए। महिला पुलिस कर्मियों की सहायता से कॉलेज और स्कूलों में महिलाओं को जागरूक करें, हैंड बिल के जरिए ऐसे अपराधों के बारे में जागरूकता लाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं, बालिकाओं के खिलाफ अपराधों से सख्ती से निपटेगी। इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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भू-माफिया और अवैध खनन करने वालों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करें और ऐसे लोगों की संपत्तियां भी जब्त करने की दिशा में काम होना चाहिए। अवैध बूचड़खानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। गोवंश की हत्या एक संवेदनशील मुद्दा है और कई बार दंगों का भी कारण बनता है। भले ही लोग गाय को पालकर उसकी सेवा न कर पाएं, लेकिन उसको चोट लगते देखकर वह दुखी हो जाते हैं इसलिए उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए सभी अवैध बूचड़खानों को तत्काल प्रभाव से बंद करवाएं। जहरीली शराब और मादक द्रव्यों की बिक्री रोकने को ठोस कदम उठाएं। मुनाफाखोरी की आड़ में किसी की जान नहीं जाने दी जा सकती है। पंजाब के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मादक द्रव्यों का ख1तरा हो सकता है। प्रशासन को चौकन्ना रहकर इस खतरे के खिलाफ लड़ाई लड़नी है और युवाओं को इसकी चपेट में आने से बचाना है।