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ठोस और तरल अपशिष्ट का गांवों में ही होगा निस्तारण
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गांवों में भी होगा डोर-टू-डोर कूड़ा उठान
सहारनपुर। जिले की ग्राम पंचायतों को स्वच्छ बनाने की तैयारी चल रही है। स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में प्लास्टिक, पॉलीथिन, ठोस और तरल अपशिष्ट का प्रबंधन कर गांवों में ही निस्तारण कराया जाएगा। इसके लिए विशेष अभियान चलेगा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले की 887 ग्राम पंचायतों में 2.20 लाख शौचालय बनाए गए थे। पिछले वर्ष सितंबर माह में सहारनपुर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया था। अब स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में होने कार्यों की तैयारी की गई है। इसके लिए प्रमुुुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव की ओर से सभी जनपद के जिलाधिकारियों को गाइड लाइन जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि ग्राम पंचायतों को पूरी तरह स्वच्छ बनाया जाए। गांवों में भी डोर टू डोर कूड़ा उठान किया जाए। गांवों में उत्सर्जित होने वाले अपशिष्ट पदार्थों का समुचित प्रबंधन किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में गंदगी से उत्पन्न होने वाले संक्रामक रोगों की रोकथाम की जा सके।
ऐसे होगा सूखे कचरे का निस्तारण
ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक, पॉलिथीन, धातुओं, कागज, कपड़े थर्माकोल को कंटेनर के माध्यम से एक जगह पर एकत्र किया जाएगा। सफाई कर्मचारी गांवों में डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्र करेंगे। इसे एक निश्चित स्थान पर रखे कंटेनर में डालेंगे। यहां सह सूख कचरा स्क्रैप कारोबारी को बेचा जाएगा। इससे बदले में जो पैसा मिलेगा, उसे ग्राम पंचायत में होने वाले विकास कार्यों में लगाया जाएगा।
गंदे पानी का ऐसे करेंगे निस्तारण
ग्राम पंचायतों में घरों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केेंद्रों से निकलने वाले अपशिष्ट जल के लिए नालियों, सोखता गड्ढे, वेस्ट वाटर स्टैब्लाइजेशन पॉंड निर्माण किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए क्षेत्र के तालाबों को शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त उचित स्थान पर नए पॉंड भी निर्मित कराए जाएंगे। इसके माध्यम से उपचारित जल का प्रयोग पीने के अलावा सिंचाई और धुलाई आदि कार्यों में किया जाएगा।
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- 15 दिन चलेगा अभियान, सफाई पर रहेगा विशेष ध्यान
ग्रामीणों में उत्सर्जित होने वाले अपशिष्टों के निस्तारण के लिए सफाई कर्मचारी विशेष अभियान चलाएंगे। नालियों, मुख्य मार्गों और स्थलों पर निरंतर सफाई कराई जाएगी। ग्राम पंचायत सचिव और सहायक विकास अधिकारी पंचायत की देखरेख में यह अभियान चलेगा।
- ग्राम पंचायतों के लिए अलग-अलग बजट
अभियान में नाली निर्माण, वेस्ट स्टैब्लाइजेशन पॉंड, सोखता गड्ढों के निर्माण के लिए मनरेगा, राज्य वित्त व 14वें वित्त की धनराशि उपयोग किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत उपलब्ध एसएसडब्लूएम मद की धनराशि से 150 परिवारों वाली ग्राम पंचायतों में सात लाख, 300 परिवार वाली ग्राम पंचायतों में 12 लाख, 500 परिवार तक की ग्राम पंचायतों में 15 लाख और 500 परिवार वाली ग्राम पंचायतों के लिए 20 लाख का बजट तय किया गया है।
- पोर्टल पर करना होगा अपडेट
इस अभियान के तहत होने वाले कार्याें की प्रत्येक शनिवार को शासन के पोर्टल पर अपडेट दी जाएगा। जिला पंचायत राज विभाग को अभियान के तहत हुए कार्यों का ब्यौरा प्रत्येक शनिवार को देना। इसके अलावा ग्राम पंचायतों में क्या बदलाव आया और ग्रामीण क्या कहते हैं, इसके बार में भी जानकारी देनी होगी।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत शासन के निर्देशानुसार दूसरे चरण का कार्य शुरू किया जा रहा है। इसके तहत ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक, पॉलिथीन और ठोस एवं तरल अपशिष्ट का प्रबंधन होगा। इसके लिए ग्राम पंचायतों की जनसंख्या के आधार पर बजट जारी होगा।---मनीष कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी
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सहारनपुर। जिले की ग्राम पंचायतों को स्वच्छ बनाने की तैयारी चल रही है। स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में प्लास्टिक, पॉलीथिन, ठोस और तरल अपशिष्ट का प्रबंधन कर गांवों में ही निस्तारण कराया जाएगा। इसके लिए विशेष अभियान चलेगा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले की 887 ग्राम पंचायतों में 2.20 लाख शौचालय बनाए गए थे। पिछले वर्ष सितंबर माह में सहारनपुर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया था। अब स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में होने कार्यों की तैयारी की गई है। इसके लिए प्रमुुुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव की ओर से सभी जनपद के जिलाधिकारियों को गाइड लाइन जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि ग्राम पंचायतों को पूरी तरह स्वच्छ बनाया जाए। गांवों में भी डोर टू डोर कूड़ा उठान किया जाए। गांवों में उत्सर्जित होने वाले अपशिष्ट पदार्थों का समुचित प्रबंधन किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में गंदगी से उत्पन्न होने वाले संक्रामक रोगों की रोकथाम की जा सके।
ऐसे होगा सूखे कचरे का निस्तारण
ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक, पॉलिथीन, धातुओं, कागज, कपड़े थर्माकोल को कंटेनर के माध्यम से एक जगह पर एकत्र किया जाएगा। सफाई कर्मचारी गांवों में डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्र करेंगे। इसे एक निश्चित स्थान पर रखे कंटेनर में डालेंगे। यहां सह सूख कचरा स्क्रैप कारोबारी को बेचा जाएगा। इससे बदले में जो पैसा मिलेगा, उसे ग्राम पंचायत में होने वाले विकास कार्यों में लगाया जाएगा।
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गंदे पानी का ऐसे करेंगे निस्तारण
ग्राम पंचायतों में घरों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केेंद्रों से निकलने वाले अपशिष्ट जल के लिए नालियों, सोखता गड्ढे, वेस्ट वाटर स्टैब्लाइजेशन पॉंड निर्माण किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए क्षेत्र के तालाबों को शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त उचित स्थान पर नए पॉंड भी निर्मित कराए जाएंगे। इसके माध्यम से उपचारित जल का प्रयोग पीने के अलावा सिंचाई और धुलाई आदि कार्यों में किया जाएगा।
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- 15 दिन चलेगा अभियान, सफाई पर रहेगा विशेष ध्यान
ग्रामीणों में उत्सर्जित होने वाले अपशिष्टों के निस्तारण के लिए सफाई कर्मचारी विशेष अभियान चलाएंगे। नालियों, मुख्य मार्गों और स्थलों पर निरंतर सफाई कराई जाएगी। ग्राम पंचायत सचिव और सहायक विकास अधिकारी पंचायत की देखरेख में यह अभियान चलेगा।
- ग्राम पंचायतों के लिए अलग-अलग बजट
अभियान में नाली निर्माण, वेस्ट स्टैब्लाइजेशन पॉंड, सोखता गड्ढों के निर्माण के लिए मनरेगा, राज्य वित्त व 14वें वित्त की धनराशि उपयोग किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत उपलब्ध एसएसडब्लूएम मद की धनराशि से 150 परिवारों वाली ग्राम पंचायतों में सात लाख, 300 परिवार वाली ग्राम पंचायतों में 12 लाख, 500 परिवार तक की ग्राम पंचायतों में 15 लाख और 500 परिवार वाली ग्राम पंचायतों के लिए 20 लाख का बजट तय किया गया है।
- पोर्टल पर करना होगा अपडेट
इस अभियान के तहत होने वाले कार्याें की प्रत्येक शनिवार को शासन के पोर्टल पर अपडेट दी जाएगा। जिला पंचायत राज विभाग को अभियान के तहत हुए कार्यों का ब्यौरा प्रत्येक शनिवार को देना। इसके अलावा ग्राम पंचायतों में क्या बदलाव आया और ग्रामीण क्या कहते हैं, इसके बार में भी जानकारी देनी होगी।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत शासन के निर्देशानुसार दूसरे चरण का कार्य शुरू किया जा रहा है। इसके तहत ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक, पॉलिथीन और ठोस एवं तरल अपशिष्ट का प्रबंधन होगा। इसके लिए ग्राम पंचायतों की जनसंख्या के आधार पर बजट जारी होगा।---मनीष कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी