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संसाधनों का नहीं करते उपयोग, कैसे व्यवस्थित हो यातायात
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संसाधनों का नहीं करते उपयोग, कैसे व्यवस्थित हो यातायात
सहारनपुर। शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है। चौराहों पर यातायात पुलिसकर्मी खड़े हैं और ट्रैफिक लाइटें भी लगी हुईं हैं। लेकिन संसाधनों का उपयोग ही नहीं किया जा रहा है। ट्रैफिक लाइटों का संचालन ही नहीं कराया जा सका। न तो यातायात पुलिस ही इसका प्रयोग करा पा रही है। न ही नगर निगम शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीर है। ट्रैफिक लाइटों का प्रयोग न हो पाने को लेकर यातायात पुलिस और नगर निगम एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं, लोग चौराहों पर अपनी मर्जी से वाहनों को दौड़ा रहे हैं। इससे कई बार वाहन आपस में भिड़ जाते हैं और जाम की स्थिति भी बन जाती है।
अव्यवस्थित यातायात शहर के लिए मुसीबत बन गया है। चौराहों पर लगी ट्रैफिक लाइटें आज तक संचालित नहीं हो सकीं हैं। लाखों रुपये खर्च कर चार साल पूर्व शहर के प्रमुख चौराहों पर लगाई गईं थीं। प्रयोग के तौर पर चलवाकर भी देखा गया था। लेकिन उसके बाद बंद कर दी गईं। ट्रैफिक लाइटों का उपयोग करने की किसी ने जरूरत नहीं नहीं समझी। नगर निगम ने ही इन लाइटों का रख-रखाव किया जबकि यातायात पुलिस विभाग में पुलिसकर्मियों की संख्या काफी कम है।
शहर के चौराहों का आलम यह है कि यातायात पुलिसकर्मी बेशक हाथ से रुकने का इशारा करता रहे, लेकिन वाहन चालक अपनी मनमर्जी से वाहनों को दौड़ा रहे हैं। स्थिति न सिर्फ जाम की बन रही है, बल्कि कई बार वाहन आपस में भिड़ भी रहे हैं। शहर के घंटाघर, अस्पताल चौराहा, बाजोरिया चौक, दीवानी तिराहे पर रोजाना ही इस प्रकार यातायात अव्यवस्थित हो रहा है।
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ट्रैफिक लाइटों के लिए नगर निगम जिम्मेदार : एसपी यातायात
एसपी यातायात अपर्णा गुप्ता का कहना है कि पुलिस यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने का पूरा प्रयास कर रही है। नियम तोड़ने पर चालान भी किए जा रहे हैं। चौराहों पर लगी ट्रैफिक लाइटों को संचालित करने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। कई बार नगर निगम को ट्रैफिक लाइटें ठीक कराने के लिए पत्र भेजा जा चुका है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
यातायात पुलिस ने ही बंद कराई ट्रैफिक लाइटें : नगरायुक्त
नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि शहर के चौराहों पर सहारनपुर विकास प्राधिकरण द्वारा ट्रैफिक लाइटें लगवाई गईं थीं। एसडीए ने ट्रैफिक लाइटें नगर निगम को हस्तांतरित की थीं। नगर निगम ने इसका संचालन शुरू कराकर यातायात पुलिस को हस्तांतरित कर दिया। लेकिन यातायात पुलिस इनको संभाल नहीं पाई और लाइटें बंद करा दी गईं। ट्रैफिक लाइटें बिल्कुल ठीक हैं। यातायात पुलिस इन्हें चलवा नहीं पा रही है। यातायात पुलिस ने ही ट्रैफिक लाइटें बंद कराईं हैं।
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सहारनपुर। शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है। चौराहों पर यातायात पुलिसकर्मी खड़े हैं और ट्रैफिक लाइटें भी लगी हुईं हैं। लेकिन संसाधनों का उपयोग ही नहीं किया जा रहा है। ट्रैफिक लाइटों का संचालन ही नहीं कराया जा सका। न तो यातायात पुलिस ही इसका प्रयोग करा पा रही है। न ही नगर निगम शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीर है। ट्रैफिक लाइटों का प्रयोग न हो पाने को लेकर यातायात पुलिस और नगर निगम एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं, लोग चौराहों पर अपनी मर्जी से वाहनों को दौड़ा रहे हैं। इससे कई बार वाहन आपस में भिड़ जाते हैं और जाम की स्थिति भी बन जाती है।
अव्यवस्थित यातायात शहर के लिए मुसीबत बन गया है। चौराहों पर लगी ट्रैफिक लाइटें आज तक संचालित नहीं हो सकीं हैं। लाखों रुपये खर्च कर चार साल पूर्व शहर के प्रमुख चौराहों पर लगाई गईं थीं। प्रयोग के तौर पर चलवाकर भी देखा गया था। लेकिन उसके बाद बंद कर दी गईं। ट्रैफिक लाइटों का उपयोग करने की किसी ने जरूरत नहीं नहीं समझी। नगर निगम ने ही इन लाइटों का रख-रखाव किया जबकि यातायात पुलिस विभाग में पुलिसकर्मियों की संख्या काफी कम है।
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शहर के चौराहों का आलम यह है कि यातायात पुलिसकर्मी बेशक हाथ से रुकने का इशारा करता रहे, लेकिन वाहन चालक अपनी मनमर्जी से वाहनों को दौड़ा रहे हैं। स्थिति न सिर्फ जाम की बन रही है, बल्कि कई बार वाहन आपस में भिड़ भी रहे हैं। शहर के घंटाघर, अस्पताल चौराहा, बाजोरिया चौक, दीवानी तिराहे पर रोजाना ही इस प्रकार यातायात अव्यवस्थित हो रहा है।
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ट्रैफिक लाइटों के लिए नगर निगम जिम्मेदार : एसपी यातायात
एसपी यातायात अपर्णा गुप्ता का कहना है कि पुलिस यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने का पूरा प्रयास कर रही है। नियम तोड़ने पर चालान भी किए जा रहे हैं। चौराहों पर लगी ट्रैफिक लाइटों को संचालित करने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। कई बार नगर निगम को ट्रैफिक लाइटें ठीक कराने के लिए पत्र भेजा जा चुका है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
यातायात पुलिस ने ही बंद कराई ट्रैफिक लाइटें : नगरायुक्त
नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि शहर के चौराहों पर सहारनपुर विकास प्राधिकरण द्वारा ट्रैफिक लाइटें लगवाई गईं थीं। एसडीए ने ट्रैफिक लाइटें नगर निगम को हस्तांतरित की थीं। नगर निगम ने इसका संचालन शुरू कराकर यातायात पुलिस को हस्तांतरित कर दिया। लेकिन यातायात पुलिस इनको संभाल नहीं पाई और लाइटें बंद करा दी गईं। ट्रैफिक लाइटें बिल्कुल ठीक हैं। यातायात पुलिस इन्हें चलवा नहीं पा रही है। यातायात पुलिस ने ही ट्रैफिक लाइटें बंद कराईं हैं।