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भाजपा की जिला और महानगर कार्यकारिणी में बदलाव तय
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सहारनपुर। लोकसभा चुनाव में सहारनपुर सीट हारने के बाद भाजपा की जिला और महानगर कार्यकारिणी में बदलाव होना तय माना जा रहा है। कई पदाधिकारियों पर गाज गिर सकती है और नए चेहरों को संगठन में जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही हैं।
भाजपा की जिला और महानगर कार्यकारिणी का कार्यकाल बीते वर्ष नवंबर माह में पूरा हो गया था, लेकिन लोकसभा चुनाव को देखते हुए छह माह का समय बढ़ा दिया गया था। पार्टी सूत्र बताते हैं कि संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव होना है। नेताओं द्वारा हार की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद से कई पदाधिकारियों को पदमुक्त भी किया जाएगा और नए चेहरों को संगठन में जगह मिलेगी। सहारनपुर के जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष पद पर भी नए चेहरे ही सामने आ सकते हैं।
वरिष्ठ नेताओं उपेक्षा भी हार का बड़ा कारण
सहारनपुर। जिला और महानगर कार्यकारिणी सहित प्रकोष्ठों में कई ऐसे लोगों को पदाधिकारी बनाया गया है, जो कुछ समय पूर्व भाजपा में शामिल हुए थे। इसके चलते पार्टी के वरिष्ठ और पुराने नेताओं की उपेक्षा की गई। यह बात संगठन में कई बार उठती रही। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के सामने भी जिले और महानगर के यह बात कई बार रखी गई। इसी वजह से भाजपा में गुटबाजी हावी है। यही कारण था कि 2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा अपनी ए श्रेणी की सहारनपुर नगर सीट हार गई थी और अब लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को हार का मुंह देखना पड़ा है।
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भाजपा की जिला और महानगर कार्यकारिणी का कार्यकाल बीते वर्ष नवंबर माह में पूरा हो गया था, लेकिन लोकसभा चुनाव को देखते हुए छह माह का समय बढ़ा दिया गया था। पार्टी सूत्र बताते हैं कि संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव होना है। नेताओं द्वारा हार की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद से कई पदाधिकारियों को पदमुक्त भी किया जाएगा और नए चेहरों को संगठन में जगह मिलेगी। सहारनपुर के जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष पद पर भी नए चेहरे ही सामने आ सकते हैं।
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वरिष्ठ नेताओं उपेक्षा भी हार का बड़ा कारण
सहारनपुर। जिला और महानगर कार्यकारिणी सहित प्रकोष्ठों में कई ऐसे लोगों को पदाधिकारी बनाया गया है, जो कुछ समय पूर्व भाजपा में शामिल हुए थे। इसके चलते पार्टी के वरिष्ठ और पुराने नेताओं की उपेक्षा की गई। यह बात संगठन में कई बार उठती रही। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के सामने भी जिले और महानगर के यह बात कई बार रखी गई। इसी वजह से भाजपा में गुटबाजी हावी है। यही कारण था कि 2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा अपनी ए श्रेणी की सहारनपुर नगर सीट हार गई थी और अब लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को हार का मुंह देखना पड़ा है।
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