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हर वर्ग ने दिया वोट : हाजी फजलुर्रहमान
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सहारनपुर। लोकसभा सीट सहारनपुर से जीत हासिल करने वाले हाजी फजलुर्रहमान ने कहा है कि उन्हें सर्वसमाज ने सहयोग किया और हर वर्ग ने वोट दिया। यही उनकी जीत का आधार बना। ईवीएम को लेकर बसपा सुप्रीमो के बयान से भी उन्हें इंकार नहीं है। उनका कहना है कि बहनजी ने जो कहा वह सोच समझ कर ही कहा है। वह कभी गलत नहीं कह सकतीं हैं।
सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने कहा कि परिस्थितियां विपरीत रहीं, पूरे देश में मोदी लहर चली, लेकिन उन्हें लोगों पर भरोसा था। उन्होंने नकारात्मक राजनीति नहीं की। भाईचारे की भावना को लेकर चले, जिस कारण सर्वसमाज ने सम्मान और सहयोग दिया, हर वर्ग ने उन्हें वोट दिया। उन्हें जीत का विश्वास था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा ने चुनाव को फिरकापरस्ती की ओर ले जाने का प्रयास किया था, लेकिन लोगों ने कांग्रेस और भाजपा के प्रयास को कामयाब नहीं होने दिया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा ने ही मेयर के चुनाव में उन्हें षड्यंत्र के तहत हराया था, लेकिन उन्हें कोई शिकवा नहीं है। वह मेयर का चुनाव जीत जाते तो शायद सांसद की सीट तक न पहुंच पाते।
उन्होंने कहा कि उनके लिए अब चुनौतियां कम नहीं रहेंगी। केंद्र एवं प्रदेश में भाजपा की सरकार होगी, ऐसे में अपने क्षेत्र के लिए योजनाएं लाना आसान नहीं होगा। वह अपने क्षेत्र की आवाज को जोर-शोर से उठाएंगे और क्षेत्र के विकास के लिए काम करेंगे। विकास कराना ही उनकी प्राथमिकता रहेगी।
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दो साल में सक्रिय होकर बने सांसद
हाजी फजलुर्रहमान व्यवसायिक क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी राजनीति की नहीं रही। वह दो साल पहले राजनीति में सक्रिय हुए और सहारनपुर की राजनीति में नया चेहरा बनकर उभरे। हालांकि उन्होंने राजनीति में पहला कदम 1988 में रखा। उन्होंने उस समय नगर पालिका के वार्ड संख्या 35 के लिए सभासद का चुनाव लड़ा था। उस समय वह कांग्रेस के साथ थे। लेकिन उसके बाद वह पारिवारिक एवं व्यवसायिक कारणों के चलते राजनीति से दूर हो गए। इसके बाद बसपा की ओर उनका झुकाव हुआ। दो साल पहले वह राजनीति में सक्रिय हुए और बसपा के टिकट पर मेयर का चुनाव मजबूती से लड़ा। वह काफी कम अंतर से मेयर का चुनाव हार गए थे। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और पूरी तरह सक्रिय रहे। जिस कारण बसपा ने उन पर भरोसा जताया और लोकसभा का प्रत्याशी बना दिया। देश में मोदी लहर के बावजूद सहारनपुर में उन्होंने कड़े मुकाबले में अप्रत्याशित जीत दर्ज की।
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सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने कहा कि परिस्थितियां विपरीत रहीं, पूरे देश में मोदी लहर चली, लेकिन उन्हें लोगों पर भरोसा था। उन्होंने नकारात्मक राजनीति नहीं की। भाईचारे की भावना को लेकर चले, जिस कारण सर्वसमाज ने सम्मान और सहयोग दिया, हर वर्ग ने उन्हें वोट दिया। उन्हें जीत का विश्वास था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा ने चुनाव को फिरकापरस्ती की ओर ले जाने का प्रयास किया था, लेकिन लोगों ने कांग्रेस और भाजपा के प्रयास को कामयाब नहीं होने दिया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा ने ही मेयर के चुनाव में उन्हें षड्यंत्र के तहत हराया था, लेकिन उन्हें कोई शिकवा नहीं है। वह मेयर का चुनाव जीत जाते तो शायद सांसद की सीट तक न पहुंच पाते।
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उन्होंने कहा कि उनके लिए अब चुनौतियां कम नहीं रहेंगी। केंद्र एवं प्रदेश में भाजपा की सरकार होगी, ऐसे में अपने क्षेत्र के लिए योजनाएं लाना आसान नहीं होगा। वह अपने क्षेत्र की आवाज को जोर-शोर से उठाएंगे और क्षेत्र के विकास के लिए काम करेंगे। विकास कराना ही उनकी प्राथमिकता रहेगी।
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दो साल में सक्रिय होकर बने सांसद
हाजी फजलुर्रहमान व्यवसायिक क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी राजनीति की नहीं रही। वह दो साल पहले राजनीति में सक्रिय हुए और सहारनपुर की राजनीति में नया चेहरा बनकर उभरे। हालांकि उन्होंने राजनीति में पहला कदम 1988 में रखा। उन्होंने उस समय नगर पालिका के वार्ड संख्या 35 के लिए सभासद का चुनाव लड़ा था। उस समय वह कांग्रेस के साथ थे। लेकिन उसके बाद वह पारिवारिक एवं व्यवसायिक कारणों के चलते राजनीति से दूर हो गए। इसके बाद बसपा की ओर उनका झुकाव हुआ। दो साल पहले वह राजनीति में सक्रिय हुए और बसपा के टिकट पर मेयर का चुनाव मजबूती से लड़ा। वह काफी कम अंतर से मेयर का चुनाव हार गए थे। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और पूरी तरह सक्रिय रहे। जिस कारण बसपा ने उन पर भरोसा जताया और लोकसभा का प्रत्याशी बना दिया। देश में मोदी लहर के बावजूद सहारनपुर में उन्होंने कड़े मुकाबले में अप्रत्याशित जीत दर्ज की।