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जनपद में बढा औषधीय खेती का रकबा
Updated Sun, 09 Dec 2018 12:14 AM IST
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सहारनपुर। कृषि विविधिकरण अपना रहे किसानों को औषधीय फसलों की खेती भा रही है। पिछले दो वर्षों में जनपद में औषधीय फसलों को रकबा करीब 70 हेक्टेयर बढ़ा है। इस समय लगभग 125 हेक्टेयर क्षेत्रफल में इसकी खेती हो रही है।
परंपरागत खेती में बढ़ती लागत और घटते मुनाफे के चलते किसान कृषि विविधिकरण अपना रहे हैं। जिले के किसान एलोविरा, तुलसी, सतावर, अश्वगंधा, ब्राह्मी आदि की खेती कर रहे हैं। बढ़िया मुनाफे और अच्छे उत्पादन के चलते औषधीय फसलों की खेती में खासी बढ़ोत्तरी हुई है। दो वर्ष पहले 50 से 55 हेक्टेयर में औषधीय फसलों की खेती हो रही थी, वह बढ़कर लगभग 125 हेक्टेयर हो गई है। इसमें एलोविरा, तुलसी, सतावर, अश्वगंधा, ब्राह्मी आदि औषधीय फसलें शामिल हैं। तुलसी की दो हेक्टेयर में खेती करने वाले महेंद्र सिंह, खुर्रमपुर के किसान सतीश कुमार एवं लोकेश कुमार, भागूवाला के अंजेश कुमार, ताल्हापुर के नीरज कुमार आदि किसानों का कहना है कि औषधीय फसलों की खेती के लिए जनपद का मौसम अनुकूल है। इसके अलावा उत्पादन और आमदनी भी बढ़िया होने से किसानों का रुझान औषधीय खेती की ओर हो रहा है। इसके अलावा उद्यान विभाग इसकी खेती को लेकर अनुदान भी देता है।
जनपद के किसानों में औषधीय फसलों की खेती के प्रति रुझान बढ़ा है। पिछले दो वर्ष में इसके रकबे में करीब 70 हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी हुई है। इस समय करीब 125 हेक्टेयर क्षेत्रफल में औषधीय फसलों की खेती हो रही है।
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अरुण कुमार, जिला उद्यान अधिकारी।
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परंपरागत खेती में बढ़ती लागत और घटते मुनाफे के चलते किसान कृषि विविधिकरण अपना रहे हैं। जिले के किसान एलोविरा, तुलसी, सतावर, अश्वगंधा, ब्राह्मी आदि की खेती कर रहे हैं। बढ़िया मुनाफे और अच्छे उत्पादन के चलते औषधीय फसलों की खेती में खासी बढ़ोत्तरी हुई है। दो वर्ष पहले 50 से 55 हेक्टेयर में औषधीय फसलों की खेती हो रही थी, वह बढ़कर लगभग 125 हेक्टेयर हो गई है। इसमें एलोविरा, तुलसी, सतावर, अश्वगंधा, ब्राह्मी आदि औषधीय फसलें शामिल हैं। तुलसी की दो हेक्टेयर में खेती करने वाले महेंद्र सिंह, खुर्रमपुर के किसान सतीश कुमार एवं लोकेश कुमार, भागूवाला के अंजेश कुमार, ताल्हापुर के नीरज कुमार आदि किसानों का कहना है कि औषधीय फसलों की खेती के लिए जनपद का मौसम अनुकूल है। इसके अलावा उत्पादन और आमदनी भी बढ़िया होने से किसानों का रुझान औषधीय खेती की ओर हो रहा है। इसके अलावा उद्यान विभाग इसकी खेती को लेकर अनुदान भी देता है।
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जनपद के किसानों में औषधीय फसलों की खेती के प्रति रुझान बढ़ा है। पिछले दो वर्ष में इसके रकबे में करीब 70 हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी हुई है। इस समय करीब 125 हेक्टेयर क्षेत्रफल में औषधीय फसलों की खेती हो रही है।
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अरुण कुमार, जिला उद्यान अधिकारी।