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भवन जर्जर
Updated Sun, 02 Sep 2018 01:09 AM IST
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नानौता। गांव टिकरौल में आंगनबाड़ी केंद्र की टूटी छत के नीचे मासूम बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं। आंगनबाड़ी कर्मियों ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर भवन निर्माण कराने की मांग की है।
ब्लॉक नानौता के गांव टिकरौल में आंगनबाड़ी केंद्र जिस भवन में पिछले काफी समय से चल रहा है। वह भवन इतना जर्जर हो गया है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। केन्द्र पर कार्यरत आंगनबाड़ी कर्मी सुबलेश देवी, जगबीरी देवी, पुष्पा देवी ने बताया कि जिस भवन के कमरे में उनके द्वारा बच्चों को पढ़ाया व सत्तू आदि पुष्टाहार दिया जाता है उस कमरे की हालत बड़ी दयनीय है इस कमरे की छत की कड़ियां टूट गई हैं। बारिश होने पर सारी छतें टपकती हैं। इतना ही नहीं छत का मलबा कमरे में पड़ा है। इससे भवन किसी भी प्रकार से सुरक्षित नहीं रह गया है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर जर्जर भवन के पुनर्निर्माण की मांग की है।
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ब्लॉक नानौता के गांव टिकरौल में आंगनबाड़ी केंद्र जिस भवन में पिछले काफी समय से चल रहा है। वह भवन इतना जर्जर हो गया है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। केन्द्र पर कार्यरत आंगनबाड़ी कर्मी सुबलेश देवी, जगबीरी देवी, पुष्पा देवी ने बताया कि जिस भवन के कमरे में उनके द्वारा बच्चों को पढ़ाया व सत्तू आदि पुष्टाहार दिया जाता है उस कमरे की हालत बड़ी दयनीय है इस कमरे की छत की कड़ियां टूट गई हैं। बारिश होने पर सारी छतें टपकती हैं। इतना ही नहीं छत का मलबा कमरे में पड़ा है। इससे भवन किसी भी प्रकार से सुरक्षित नहीं रह गया है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर जर्जर भवन के पुनर्निर्माण की मांग की है।
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