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जीपीएस से होगा गन्ना सर्वे
Updated Fri, 18 May 2018 12:09 AM IST
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सहारनपुर। आगामी पेराई सत्र के लिए मंडल में गन्ना सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए मंडल के तीनों जिलों में 500 से अधिक जीपीएस मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है। कई मिल क्षेत्रों में सर्वे शुरू हो चुका है जबकि अन्य में इस सप्ताह के अंत तक शुरू हो जाएगा।
आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ना सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है। सहारनपुर की नानौता, सरसावा, गागलहेड़ी, गांगनौली, मुजफ्फरनगर की तितावी, भैसाना, मोरना, और शामली की ऊन चीनी मिल क्षेत्र में गन्ना सर्वे का कार्य शुरू हो गया है। जबकि अन्य मिल क्षेत्रों में इस सप्ताह के अंत तक सर्वेक्षण का काम शुरू हो जाएगा। उप गन्ना आयुक्त डॉ. दिनेश्वर मिश्र ने बताया कि गन्ना विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक गांव में मुनादी कराकर और एसएमएस के माध्यम से गन्ना सर्वे का कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक किसान को अपने गन्ना क्षेत्रफल का घोषणा पत्र भी अनिवार्य रूप से भरना होगा। सत्यापन के दौरान मृतक, भूमिहीन और अवैध रूप से बने सदस्यों की सदस्यता को भी निरस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो किसान गन्ना समितियों के सदस्य बनना चाहते हैं, वे सदस्य बनने के लिए जरूरी दस्तावेज समिति को उपलब्ध करा सकते हैं।
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आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ना सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है। सहारनपुर की नानौता, सरसावा, गागलहेड़ी, गांगनौली, मुजफ्फरनगर की तितावी, भैसाना, मोरना, और शामली की ऊन चीनी मिल क्षेत्र में गन्ना सर्वे का कार्य शुरू हो गया है। जबकि अन्य मिल क्षेत्रों में इस सप्ताह के अंत तक सर्वेक्षण का काम शुरू हो जाएगा। उप गन्ना आयुक्त डॉ. दिनेश्वर मिश्र ने बताया कि गन्ना विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक गांव में मुनादी कराकर और एसएमएस के माध्यम से गन्ना सर्वे का कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक किसान को अपने गन्ना क्षेत्रफल का घोषणा पत्र भी अनिवार्य रूप से भरना होगा। सत्यापन के दौरान मृतक, भूमिहीन और अवैध रूप से बने सदस्यों की सदस्यता को भी निरस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो किसान गन्ना समितियों के सदस्य बनना चाहते हैं, वे सदस्य बनने के लिए जरूरी दस्तावेज समिति को उपलब्ध करा सकते हैं।
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