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प्रधानमंत्री आवास योजना:2
Updated Thu, 19 Apr 2018 12:29 AM IST
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सहारनपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों से वेरीफिकेशन के नाम पर उगाही के आरोप लग रहे हैं। शांति नगर के अंकित ने मंगलवार को तहसील दिवस में पहुंचकर अधिकारियों से शिकायत की है। नगर निगम क्षेत्र के साथ ही नगर पंचायतों से भी इस तरह की शिकायतें की गई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जनपद में बड़े पैमाने पर आवेदन किए गए थे। पात्रों के वेरीफिकेशन का जिम्मा विजन एआईएस एनजीओ को दिया गया है। मगर वेरीफिकेशन करने वाली टीमों पर पात्रों से रुपये मांगने के आरोप लग रहे हैं। पेपर मिल रोड निवासी सिंगारवती, रमजानपुरा निवासी तारावती पत्नी मामचंद, संजीव कुमार पुत्र जयपाल निवासी पीर माजरा और शोबी पुत्र शकील अहमद निवासी गोटेशाह आदि ने डीएम को लिखे पत्र में वेरीफिकेशन करने वाली टीमों पर रुपये मांगने के आरोप लगाए हैं। उधर, विजन एआईएस के टीम लीडर रामाराव ने स्वीकार किया है कि उनकी टीम के कुछ सदस्यों ने पहले इस तरह से पात्रों से रुपये मांगे हैं, जिनको उन्होंने खुद पुलिस को पकड़वाया है। यदि कोई पात्रों से रुपया मांगता है तो पात्रों को चाहिए कि उसकी शिकायत जरूर करें, जिससे कार्रवाई की जा सके।
चार तरह से लाभान्वित करती है योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना चार तरह से पात्रों को लाभ पहुंचाती है। पहला व्यक्तिगत आवास निर्माण। इसके तहत उन लोगों को लाभान्वित किया जाता है, जिनके पास कच्चे मकान हैं। दूसरा है व्यक्तिगत आवास विस्तार यानी जिनके पास मात्र एक मकान है उनको दूसरा मकान देना। तीसरा है क्रेडिट लिंक सब्सिडी इसके तहत जिन लोगों के पास जमीन है, मगर मकान नहीं बना पा रहे हैं उन्हें लोन मुहैया कराया जाता है और चौथा किराये पर रहने वाले लोगों को कम से कम रुपये में आवास मुहैया कराना है।
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रुपये मांगने के आरोप निराधार: मैनेजर
प्रधानमंत्री आवास योजना में विजन एआईएस एनजीओ को पात्रों के वेरीफिकेशन के लिए सीएलसी (शहरी आजीविका मिशन) कर्मचारी मुहैया करा रहा है। सीएलसी के मैनेजर प्रदीप यादव ने उनकी टीम के किसी भी सदस्य के द्वारा रुपये मांगने की बात से इनकार किया है। साथ ही स्वीकार भी किया कि उनके एक कर्मचारी ने कुछ दिन पहले पात्र से पैसे मांगे थे, जिसकी शिकायत के बाद उक्त कर्मचारी को हटा दिया गया।
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प्रधानमंत्री आवास योजना पर अभी कोई काम नहीं चल रहा है। रुपये मांगने की कोई शिकायत अभी तक मुझ तक नहीं पहुंची है। ऐसे में मुझे नहीं लगता कि कोई व्यक्ति पैसा मांग रहा होगा।
आरके कौशिक, परियोजना निदेशक, डूडा।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जनपद में बड़े पैमाने पर आवेदन किए गए थे। पात्रों के वेरीफिकेशन का जिम्मा विजन एआईएस एनजीओ को दिया गया है। मगर वेरीफिकेशन करने वाली टीमों पर पात्रों से रुपये मांगने के आरोप लग रहे हैं। पेपर मिल रोड निवासी सिंगारवती, रमजानपुरा निवासी तारावती पत्नी मामचंद, संजीव कुमार पुत्र जयपाल निवासी पीर माजरा और शोबी पुत्र शकील अहमद निवासी गोटेशाह आदि ने डीएम को लिखे पत्र में वेरीफिकेशन करने वाली टीमों पर रुपये मांगने के आरोप लगाए हैं। उधर, विजन एआईएस के टीम लीडर रामाराव ने स्वीकार किया है कि उनकी टीम के कुछ सदस्यों ने पहले इस तरह से पात्रों से रुपये मांगे हैं, जिनको उन्होंने खुद पुलिस को पकड़वाया है। यदि कोई पात्रों से रुपया मांगता है तो पात्रों को चाहिए कि उसकी शिकायत जरूर करें, जिससे कार्रवाई की जा सके।
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चार तरह से लाभान्वित करती है योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना चार तरह से पात्रों को लाभ पहुंचाती है। पहला व्यक्तिगत आवास निर्माण। इसके तहत उन लोगों को लाभान्वित किया जाता है, जिनके पास कच्चे मकान हैं। दूसरा है व्यक्तिगत आवास विस्तार यानी जिनके पास मात्र एक मकान है उनको दूसरा मकान देना। तीसरा है क्रेडिट लिंक सब्सिडी इसके तहत जिन लोगों के पास जमीन है, मगर मकान नहीं बना पा रहे हैं उन्हें लोन मुहैया कराया जाता है और चौथा किराये पर रहने वाले लोगों को कम से कम रुपये में आवास मुहैया कराना है।
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रुपये मांगने के आरोप निराधार: मैनेजर
प्रधानमंत्री आवास योजना में विजन एआईएस एनजीओ को पात्रों के वेरीफिकेशन के लिए सीएलसी (शहरी आजीविका मिशन) कर्मचारी मुहैया करा रहा है। सीएलसी के मैनेजर प्रदीप यादव ने उनकी टीम के किसी भी सदस्य के द्वारा रुपये मांगने की बात से इनकार किया है। साथ ही स्वीकार भी किया कि उनके एक कर्मचारी ने कुछ दिन पहले पात्र से पैसे मांगे थे, जिसकी शिकायत के बाद उक्त कर्मचारी को हटा दिया गया।
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प्रधानमंत्री आवास योजना पर अभी कोई काम नहीं चल रहा है। रुपये मांगने की कोई शिकायत अभी तक मुझ तक नहीं पहुंची है। ऐसे में मुझे नहीं लगता कि कोई व्यक्ति पैसा मांग रहा होगा।
आरके कौशिक, परियोजना निदेशक, डूडा।