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सांप्रदायिक सौहार्द खराब होने की जिम्मेदारी श्रीश्री रविशंकर की होगी: बदरुद्दीन
Updated Sun, 11 Mar 2018 11:48 PM IST
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सांप्रदायिक सौहार्द खराब होने की जिम्मेदारी श्रीश्री रविशंकर की होगी: बदरुद्दीन
देवबंद (सहारनपुर)। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के अध्यक्ष व सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने बाबरी मस्जिद-रामजन्म भूमि विवाद को लेकर कोर्ट के बाहर मध्यस्थता का प्रयास कर रहे ऑर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर की बयानबाजी पर कहा कि यदि देश का सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ता है तो उसकी जिम्मेदारी श्रीश्री रविशंकर की होगी।
दारुल उलूम में राब्ता-ए-मदारिस-ए-इस्लामिया अरबिया के इजलास में शिरकत करने पहुंचे मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने खास बातचीत में कहा कि आज मुल्क के हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। जिसके बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया जाता तो ये हालात और भी घातक हो सकते हैं। जिसका सबसे ज्यादा नुकसान देशवासियों को उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद-रामजन्म भूमि का मसला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि इस मुद्दे पर कोर्ट के बाहर कोई फैसला नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला सुनाएगी वो बोर्ड को मंजूर होगा। इसके बाद इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार की बयानबाजी करने की कोई गुंजाइश ही नहीं बचती। लेकिन उसके बावजूद इस मसले पर लगातार नये नये बयान आ रहे हैं। मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि कोर्ट के बाहर मध्यस्थता का प्रयास कर रहे श्रीश्री रविशंकर जिस तरह के बयान दे रहे हैं, उससे नफरत का माहौल बन रहा है। अगर इस मुद्दे को लेकर मुल्क का सांप्रदायिक सौहार्द खराब होता है तो उसकी जिम्मेदारी श्रीश्री रविशंकर की होगी।
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देवबंद (सहारनपुर)। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के अध्यक्ष व सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने बाबरी मस्जिद-रामजन्म भूमि विवाद को लेकर कोर्ट के बाहर मध्यस्थता का प्रयास कर रहे ऑर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर की बयानबाजी पर कहा कि यदि देश का सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ता है तो उसकी जिम्मेदारी श्रीश्री रविशंकर की होगी।
दारुल उलूम में राब्ता-ए-मदारिस-ए-इस्लामिया अरबिया के इजलास में शिरकत करने पहुंचे मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने खास बातचीत में कहा कि आज मुल्क के हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। जिसके बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया जाता तो ये हालात और भी घातक हो सकते हैं। जिसका सबसे ज्यादा नुकसान देशवासियों को उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद-रामजन्म भूमि का मसला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि इस मुद्दे पर कोर्ट के बाहर कोई फैसला नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला सुनाएगी वो बोर्ड को मंजूर होगा। इसके बाद इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार की बयानबाजी करने की कोई गुंजाइश ही नहीं बचती। लेकिन उसके बावजूद इस मसले पर लगातार नये नये बयान आ रहे हैं। मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि कोर्ट के बाहर मध्यस्थता का प्रयास कर रहे श्रीश्री रविशंकर जिस तरह के बयान दे रहे हैं, उससे नफरत का माहौल बन रहा है। अगर इस मुद्दे को लेकर मुल्क का सांप्रदायिक सौहार्द खराब होता है तो उसकी जिम्मेदारी श्रीश्री रविशंकर की होगी।
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