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आज भी नहीं हुई सुनवाई, एनजीटी ने अब दी 9 मार्च की तारीख
Updated Sat, 13 Jan 2018 12:29 AM IST
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सहारनपुर। खनन खुलने की बाट जोह रहे जनपद वासियों को शुक्रवार को भी निराशा का सामना करना पड़ा। एनजीटी में शुक्रवार को मामले की सुनवाई नहीं हो सकी है। अब इस मामले की सुनवाई 9 मार्च को होगी।
शुक्रवार को खनन और उसके परिवहन को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में तारीख लगी थी। इसके चलते जनपद वासियों की निगाहें पूरा दिन इस पर लगी रहीं। एनजीटी में मामले की पैरवी कर रहे खान अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि मामले में आज भी सुनवाई नहीं हो सकी। पुराना और पेचीदा मामला होने से ट्रिब्यूनल को इसे समझने के लिए समय की दरकार थी। इसी आधार पर इस मामले की सुनवाई के लिए 9 मार्च की तारीख दी गई है। बता दें कि जिले में खनन और उसके परिवहन पर फरवरी 2016 से एनजीटी ने रोक लगा रखी है। जिसके चलते जिले में होने वाले विकास कार्य ठप हो गए हैं। जनता की समस्या और सरकारी निर्माण कार्यों में बाधा आने के चलते जिलाधिकारी पीके पांडे ने वैध प्रपत्रों के साथ अन्य जनपदों से खनन सामग्री लाने की बात कर रखी है। उनका साफ निर्देश है कि वैध प्रपत्रों के बिना खनन सामग्री लाने वालों पर कार्रवाई होगी। अब 9 मार्च की तारीख लगने से खनन कारोबार और निर्माण कार्यों से जुडे़ श्रमिकों का इंतजार ओर लंबा हो गया है।
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शुक्रवार को खनन और उसके परिवहन को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में तारीख लगी थी। इसके चलते जनपद वासियों की निगाहें पूरा दिन इस पर लगी रहीं। एनजीटी में मामले की पैरवी कर रहे खान अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि मामले में आज भी सुनवाई नहीं हो सकी। पुराना और पेचीदा मामला होने से ट्रिब्यूनल को इसे समझने के लिए समय की दरकार थी। इसी आधार पर इस मामले की सुनवाई के लिए 9 मार्च की तारीख दी गई है। बता दें कि जिले में खनन और उसके परिवहन पर फरवरी 2016 से एनजीटी ने रोक लगा रखी है। जिसके चलते जिले में होने वाले विकास कार्य ठप हो गए हैं। जनता की समस्या और सरकारी निर्माण कार्यों में बाधा आने के चलते जिलाधिकारी पीके पांडे ने वैध प्रपत्रों के साथ अन्य जनपदों से खनन सामग्री लाने की बात कर रखी है। उनका साफ निर्देश है कि वैध प्रपत्रों के बिना खनन सामग्री लाने वालों पर कार्रवाई होगी। अब 9 मार्च की तारीख लगने से खनन कारोबार और निर्माण कार्यों से जुडे़ श्रमिकों का इंतजार ओर लंबा हो गया है।
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