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जांच अधिकारी पर खानापूर्ति करने का आरोप
Updated Fri, 29 Sep 2017 12:55 AM IST
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जांच अधिकारी पर खानापूर्ति करने का आरोप
अंबेहटा (सहारनपुर)। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत रनियाला दयालपुर ग्राम पंचायत में मकान बनाने के लिए तैयार की गई सूची की जांच करने पहुंचे जांच अधिकारी पर मात्र खानापूर्ति करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की है।
बता दें कि करीब 15 दिन पूर्व उक्त योजना में मकान बनने वालों लोगों की सूची गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय पर चस्पा की गई थी। सूची में अपात्र लोगों को शामिल करने की शिकायत गांव के लोगों ने आनलाइन जिलाधिकारी से करते हुए सूची का सत्यापन ग्राम पंचायत की खुली बैठक में कराने की मांग की थी। शिकायत पर हुई कार्रवाई में बृहस्पतिवार को नकुड़ ब्लाक के एक ग्राम विकास अधिकारी को जांच के लिए गांव में भेजा गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि जांच अधिकारी ने मनमर्जी तरीके से जांच की तथा शिकायतकर्ता को भी मौके पर नहीं बुलाया गया। ग्रामीणों ने जब जांच अधिकारी के समक्ष खुली बैठक बुलाने की मांग रखी तो आरोप है कि उन्होंने टरका दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जांच अधिकारी की कार्यप्रणाली फर्जी सूची बनाने वाले अधिकारी को बचाने की लग रही है। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की जांच कराकर पात्रों को लाभ दिलाने की मांग की है। शिकायत करने वालों में सुरेंद्र बौद्ध, राजेश कुमार, संजय कुमार, राजू, रविंद्र और टिंकू आदि रहे। जांच अधिकारी सुनील कुमार ने इस मामले में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
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अंबेहटा (सहारनपुर)। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत रनियाला दयालपुर ग्राम पंचायत में मकान बनाने के लिए तैयार की गई सूची की जांच करने पहुंचे जांच अधिकारी पर मात्र खानापूर्ति करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की है।
बता दें कि करीब 15 दिन पूर्व उक्त योजना में मकान बनने वालों लोगों की सूची गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय पर चस्पा की गई थी। सूची में अपात्र लोगों को शामिल करने की शिकायत गांव के लोगों ने आनलाइन जिलाधिकारी से करते हुए सूची का सत्यापन ग्राम पंचायत की खुली बैठक में कराने की मांग की थी। शिकायत पर हुई कार्रवाई में बृहस्पतिवार को नकुड़ ब्लाक के एक ग्राम विकास अधिकारी को जांच के लिए गांव में भेजा गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि जांच अधिकारी ने मनमर्जी तरीके से जांच की तथा शिकायतकर्ता को भी मौके पर नहीं बुलाया गया। ग्रामीणों ने जब जांच अधिकारी के समक्ष खुली बैठक बुलाने की मांग रखी तो आरोप है कि उन्होंने टरका दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जांच अधिकारी की कार्यप्रणाली फर्जी सूची बनाने वाले अधिकारी को बचाने की लग रही है। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की जांच कराकर पात्रों को लाभ दिलाने की मांग की है। शिकायत करने वालों में सुरेंद्र बौद्ध, राजेश कुमार, संजय कुमार, राजू, रविंद्र और टिंकू आदि रहे। जांच अधिकारी सुनील कुमार ने इस मामले में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
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