फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   मोहंड थाने में लूट के बाद स्थापित हुआ था बिहारीगढ़ थाना

मोहंड थाने में लूट के बाद स्थापित हुआ था बिहारीगढ़ थाना

Sun, 10 Sep 2017 12:40 AM IST
Updated Sun, 10 Sep 2017 12:40 AM IST
विज्ञापन
मोहंड थाने में लूट के बाद स्थापित हुआ था बिहारीगढ़ थाना
सहारनपुर। उत्तराखंड की सीमा पर स्थित थाना बिहारीगढ़ रविवार को अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर रहा है। एक समय में इस थाने का क्षेत्र काफी बड़ा था और वर्तमान में उत्तराखंड के कई थाने इसकी चौकियां हुआ करती थी। पहाड़ों के बीच स्थित मोहंड थाने में 1917 में किसी डाकू ने लूट लिया था। इसके बाद अंग्रेजी हुकूमत ने बिहारीगढ़ थाने की स्थापना की थी। रविवार को थाने की स्थापना के 100 साल पूरा होने पर पुलिस महकमे की ओर से भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
विज्ञापन

शिवालिक पहाड़ियों के बीच स्थित बिहारीगढ़ थाना सहारनपुर के महत्वपूूर्ण थानों में शामिल है। उत्तराखंड की सीमा के अलावा इस थाना क्षेत्र में बरसाती नदी और नहरें पुलिस के लिए चुनौती बनती है। बरसात के दिनों में इनमें बाढ़ के चलते गांवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पुलिस की रहती है। एसएसपी बबलू कुमार बताते हैं कि बिहारीगढ़ थाने की स्थापना के वक्त बुग्गावाला इसकी पुलिस चौकी थी। रिकार्ड के अनुसार थाने में उस वक्त स्थापना के वक्त इस थाने का हल्का रुड़की और सहारनपुर तहसील में आता था। यहां 39 चौकीदार हुआ करते थे और आजादी के पहले से शुक्रवार को लगने वाली पैठ पर पुलिस बल तैनात होता था। 1941 में थाने की जनसंख्या 81 हजार 862 थी। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि पुलिस महकमे के लिए यह बेहद ऐतिहासिक क्षण है। रविवार को थाना परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसमें प्रदेश के आयुुष मंत्री डा. धर्म सिंह सैनी मुख्य अतिथि होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed