{"_id":"598dfb934f1c1b64368b484c","slug":"151502477203-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मच्छरदानी बांटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मच्छरदानी बांटी
Updated Sat, 12 Aug 2017 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नकुड़ (सहारनपुर)। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेंगू, मलेरिया व टाइफाइड आदि बुखार से बचाव के लिए ग्रामीणों से अपने आसपास साफ -सफाई रखने तथा जल भराव न होने देने की सलाह दी। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीणों को दवाई युक्त मच्छरदानी भी बांटी गई।
शुक्रवार को गांव कांसेपुर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम डीपी सिंह ने ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया व टाइफाइड आदि बुखार के लक्षण व उनसे बचाव के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि कई बार व्यक्ति अपनी छोटी सी लापरवाही के कारण गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपने आसपास पानी इकट्ठा न होने देने तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की। अपर निदेशक डा. मधु सक्सेना व जिला मलेरिया अधिकारी डा. शिवंका गौड़ ने ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया व टाइफाइड आदि बुखार के लक्षण दिखते ही पीड़ित को तुरंत नजदीक स्वास्थ्य केंद्र में दिखाने की अपील की। सीएचसी अधीक्षक डा. रोहित वालिया व मलेरिया इंस्पेक्टर मनोज कौशिक ने बताया कि मलेरिया व डेंगू का सबसे अधिक प्रकोप यमुना किनारे के गांवों में देखने को मिलता है। इनसे बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर गांव-गांव कार्यक्रम आयोजित कर बचाव के लिए ग्रामीणों को दवाई युक्त मच्छरदानी बांटी जा रही हैं। सीएचसी अधिक्षक ने बताया कि गांव कांसेपुर में ग्रामीणों को 346 मच्छरदानियां बांटी गईं। उन्होंने बताया कि मच्छरदानियों पर दवाइयां लगी हुई हैं, जिससे मच्छरदानी पर मच्छर के बैठते ही मर जाएगा। इस मौके पर श्रद्धानंद, कमल सोनी, अब्दुल हमीद आदि कर्मचारी रहे।
विज्ञापन
शुक्रवार को गांव कांसेपुर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम डीपी सिंह ने ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया व टाइफाइड आदि बुखार के लक्षण व उनसे बचाव के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि कई बार व्यक्ति अपनी छोटी सी लापरवाही के कारण गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपने आसपास पानी इकट्ठा न होने देने तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की। अपर निदेशक डा. मधु सक्सेना व जिला मलेरिया अधिकारी डा. शिवंका गौड़ ने ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया व टाइफाइड आदि बुखार के लक्षण दिखते ही पीड़ित को तुरंत नजदीक स्वास्थ्य केंद्र में दिखाने की अपील की। सीएचसी अधीक्षक डा. रोहित वालिया व मलेरिया इंस्पेक्टर मनोज कौशिक ने बताया कि मलेरिया व डेंगू का सबसे अधिक प्रकोप यमुना किनारे के गांवों में देखने को मिलता है। इनसे बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर गांव-गांव कार्यक्रम आयोजित कर बचाव के लिए ग्रामीणों को दवाई युक्त मच्छरदानी बांटी जा रही हैं। सीएचसी अधिक्षक ने बताया कि गांव कांसेपुर में ग्रामीणों को 346 मच्छरदानियां बांटी गईं। उन्होंने बताया कि मच्छरदानियों पर दवाइयां लगी हुई हैं, जिससे मच्छरदानी पर मच्छर के बैठते ही मर जाएगा। इस मौके पर श्रद्धानंद, कमल सोनी, अब्दुल हमीद आदि कर्मचारी रहे।
विज्ञापन