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पेयजल समस्या
Updated Mon, 05 Jun 2017 01:36 AM IST
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गंगोह(सहारनपुर)। अधिकारियों की उदासीनता के चलते भीषण गर्मी में अनाज मंडी में अपनी फसल लाने वाने किसान, मजदूर और व्यापारी पीने के पानी की बूंद-बूंद को तरस गए है। जहां मंडी में लगे तमाम हैंडपंपों के हलक सूख चुके हैं, वहीं वाटर टैंक की सफाई न होने से उसमें पक्षियों के शव पड़े है, जो सड़ रहे हैं। एसडीएम भी अनेक बार पेयजल आपूर्ति को दुरुस्त करने के निर्देश दे चुके हैं। इसके बावजूद अधिकारी बजट न आने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते है। किसानों, मजदूरों और व्यापारियों ने शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
बता दें कि अनाज मंडी में यूं तो शुद्ध पेयजल हेतु वाटर टैंक के अलावा आधा दर्जन से ज्यादा हैंडपंप लगे हुए है। वर्तमान में मात्र एक हैंडपंप चालू हालत में है। उक्त हैंडपंप भी व्यापारियों द्वारा लगवाया गया है, जो नाकाफी है। सफाई न होने के चलते वाटर टैंक का पानी भी पीने काबिल नहीं रह गया है। मंडी से संबद्ध राजेश कुमार, राजकुमार प्रजापति, प्रताप सिंह, रमेश चंद, धनेंद्र गर्ग, राजेंद्र कुमार, कृष्णलाल, बलबीर सिंह एवं किसानों मुल्की बालू, विकास मुबारिकपुर, अमरीश खैरसाल, रियासत बालू, विजेंद्र गांधीनगर आदि के अलावा भाकियू ने भी एसडीएम से समस्या के समाधान की मांग की थी।
तत्कालीन उपजिलाधिकारी शमशाद हुसैन ने मंडी सचिव को अप्रैल माह में गेहूं का सीजन शुरू होते ही हैंडपंपों को ठीक करवाने, अन्यथा मंडी में चारों कोनों पर मिट्टी के मटके रखवाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मंडी अधिकारियों ने मंडी के मेन गेट पर एक मटका रखवाकर अपने कार्य की इतिश्री कर ली।
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व्यापार मंडल नेताओं मोल्हडमल गर्ग, चौधरी सोरण सिंह, प्रदीप तायल, रामगोपाल सिंघल, योगेश गर्ग, ब्रजेश सैनी ने अन्य मंडियों के समान वाटर कूलर लगवाने की मांग की है। इस बारे में मंडी सचिव ब्रजपाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मंडी के हैंडपंपों के खराब होने की सूचना उच्चाधिकारियों को भिजवा दी गई है, लेकिन अभी तक इसके लिए कोई बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है।
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बता दें कि अनाज मंडी में यूं तो शुद्ध पेयजल हेतु वाटर टैंक के अलावा आधा दर्जन से ज्यादा हैंडपंप लगे हुए है। वर्तमान में मात्र एक हैंडपंप चालू हालत में है। उक्त हैंडपंप भी व्यापारियों द्वारा लगवाया गया है, जो नाकाफी है। सफाई न होने के चलते वाटर टैंक का पानी भी पीने काबिल नहीं रह गया है। मंडी से संबद्ध राजेश कुमार, राजकुमार प्रजापति, प्रताप सिंह, रमेश चंद, धनेंद्र गर्ग, राजेंद्र कुमार, कृष्णलाल, बलबीर सिंह एवं किसानों मुल्की बालू, विकास मुबारिकपुर, अमरीश खैरसाल, रियासत बालू, विजेंद्र गांधीनगर आदि के अलावा भाकियू ने भी एसडीएम से समस्या के समाधान की मांग की थी।
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तत्कालीन उपजिलाधिकारी शमशाद हुसैन ने मंडी सचिव को अप्रैल माह में गेहूं का सीजन शुरू होते ही हैंडपंपों को ठीक करवाने, अन्यथा मंडी में चारों कोनों पर मिट्टी के मटके रखवाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मंडी अधिकारियों ने मंडी के मेन गेट पर एक मटका रखवाकर अपने कार्य की इतिश्री कर ली।
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व्यापार मंडल नेताओं मोल्हडमल गर्ग, चौधरी सोरण सिंह, प्रदीप तायल, रामगोपाल सिंघल, योगेश गर्ग, ब्रजेश सैनी ने अन्य मंडियों के समान वाटर कूलर लगवाने की मांग की है। इस बारे में मंडी सचिव ब्रजपाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मंडी के हैंडपंपों के खराब होने की सूचना उच्चाधिकारियों को भिजवा दी गई है, लेकिन अभी तक इसके लिए कोई बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है।