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शहर के भीतर सफाई कर बाहरी वार्ड में फैला रहे कचरा
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सहारनपुर। नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में पहला स्थान हासिल करने का लक्ष्य रखा है। शहर में सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दिन के साथ ही रात में भी सफाई कराई जा रही है, मगर हैरत की बात यह है कि नगर निगम के वाहनों से शहर के भीतर से कचरा उठाकर बाहरी वार्डों में सड़कों पर डाला जा रहा है। जिसे लेकर स्थानीय लोगों में रोष है।
नगर निगम लंबे समय से कमेला कॉलोनी क्षेत्र में खुले में ही कचरा डालता आ रहा है। कचरा डालने के लिए नगर निगम ने नई जगह शकलापुरी मार्ग को चुना है। शकलापुरी मार्ग से सटी नहर, जो वर्षों से सूखी पड़ी है। निगम पिछले करीब दस दिन से उस नहर में कचरे की गाड़ियां उडे़ल रहा है, जिसकी वजह से स्थानीय कॉलोनियों के लोगों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। खास बात यह है कि शकलापुरी में प्राचीनकालीन शिव मंदिर है, जिसमें पूजा के लिए हर सोमवार को भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। साथ ही जिस स्थान पर कचरा डाला जा रहा है, उससे करीब सौ मीटर दूर मस्जिद और कुछ ही दूरी पर मंदिर है। कुर्बान, महफूज और संजय वर्मा ने बताया कि गंदगी की वजह से आसपास की कॉलोनीवासियों को परेशानी हो रही है।
कचरा प्रबंधन की ठोस व्यवस्था नहीं
नगर निगम बनने के दस साल बाद भी कचरा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं, स्मार्ट सिटी योजना में चयन को भी 19 जनवरी को एक वर्ष पूरा होने जा रहा है, मगर कचरे का निस्तारण करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। निगम सूत्रों ने बताया कि कचरा प्रबंधन के लिए जमीन खरीदने को करीब 12 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, मगर अभी तक जमीन फाइनल नहीं हो सकी है। जिसकी वजह से कचरा समस्या बना हुआ है।
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शकलापुरी मार्ग पर कचरा डाले जाने की मुझे जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो यह गंभीर मामला है। ऐसा नहीं है कि कहीं भी कचरा डाल दिया जाए। टीम भेजकर कचरे को तुरंत हटवाया जाएगा। इसके अलावा रही बात कचरा प्रबंधन की, हम ऐसी व्यवस्था करने जा रहे हैं कि कचरे से खाद और बिजली बनेगी। - ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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नगर निगम लंबे समय से कमेला कॉलोनी क्षेत्र में खुले में ही कचरा डालता आ रहा है। कचरा डालने के लिए नगर निगम ने नई जगह शकलापुरी मार्ग को चुना है। शकलापुरी मार्ग से सटी नहर, जो वर्षों से सूखी पड़ी है। निगम पिछले करीब दस दिन से उस नहर में कचरे की गाड़ियां उडे़ल रहा है, जिसकी वजह से स्थानीय कॉलोनियों के लोगों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। खास बात यह है कि शकलापुरी में प्राचीनकालीन शिव मंदिर है, जिसमें पूजा के लिए हर सोमवार को भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। साथ ही जिस स्थान पर कचरा डाला जा रहा है, उससे करीब सौ मीटर दूर मस्जिद और कुछ ही दूरी पर मंदिर है। कुर्बान, महफूज और संजय वर्मा ने बताया कि गंदगी की वजह से आसपास की कॉलोनीवासियों को परेशानी हो रही है।
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कचरा प्रबंधन की ठोस व्यवस्था नहीं
नगर निगम बनने के दस साल बाद भी कचरा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं, स्मार्ट सिटी योजना में चयन को भी 19 जनवरी को एक वर्ष पूरा होने जा रहा है, मगर कचरे का निस्तारण करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। निगम सूत्रों ने बताया कि कचरा प्रबंधन के लिए जमीन खरीदने को करीब 12 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, मगर अभी तक जमीन फाइनल नहीं हो सकी है। जिसकी वजह से कचरा समस्या बना हुआ है।
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शकलापुरी मार्ग पर कचरा डाले जाने की मुझे जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो यह गंभीर मामला है। ऐसा नहीं है कि कहीं भी कचरा डाल दिया जाए। टीम भेजकर कचरे को तुरंत हटवाया जाएगा। इसके अलावा रही बात कचरा प्रबंधन की, हम ऐसी व्यवस्था करने जा रहे हैं कि कचरे से खाद और बिजली बनेगी। - ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।