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सहकारी समितियों की हड़ताल के कारण खाद व बीज को तरसे किसान
Updated Sat, 17 Nov 2018 12:29 AM IST
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बड़गांव (सहारनपुर)। पिछले 15 दिनों से चली आ रही सहकारी समितियों की हड़ताल के कारण क्षेत्रीय किसान अब खाद-बीज को लेकर बेहद परेशान नजर आ रहे हैं। पिछले कई दिनों से हड़ताल के कारण किसान बाजारों से बढ़ी दरों पर खाद व बीज लेने के लिए मजबूर हैं। किसानों ने खेतों में बुवाई के समय खाद व बीज की व्यवस्था कराने की सरकार से मांग की है।
बता दें कि किसान सहकारी समितियों कर्मचारी पिछले 15 दिनों से अपने कर्मचारी को राज्य कर्मचारियों की तरह वेतन राजकोष से दिया जाना और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया का भुगतान व कार्यरत सचिवों व आंकिक की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष सहित अन्य कई मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को भी क्षेत्र की सभी सहकारी समितियों के मुख्य गेट पर ताले लटके रहे। किसान सुरेंद्र सिंह, अरविंद राणा, शिवकुमार सिंह, सुखपाल सिंह, सुंदर सिंह, बृजमोहन, नरेंद्र सिंह, टीटू आदि का कहना है कि इस समय गेहूं, आलू ,मसूर, सरसों, बरसीम आदि की बुवाई खेतों में चल रही है, जिसमें किसानों को डीएपी व एनपीके, यूरिया आदि खाद की बेहद आवश्यकता पड़ रही है। समितियों में हड़ताल हो जाने से किसान बाजारों की प्राइवेट दुकानों से खाद बीज महंगे दामों पर खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। पीड़ित किसानों का कहना है कि समितियों में डीएपी खाद 1290 रुपये का मिल रहा है, जबकि बाजार से यह खाद 150-200 रुपये मंहगे दामों पर मिल रही है, वहीं बाजारों से खरीदे गये खाद बीज में मिलावट की भी किसानों को आशंका है, लेकिन मजबूरी के चलते उन्हें यह खरीदना पड़ रहा है। सहकारी समिति बड़गांव के एमडी पंकज पंवार का कहना है कि पिछले 15 दिन से जिले की सभी समितियों में यह हड़ताल चल रही है। इस कारण कोई भी कर्मचारी इस समय समितियों में मौजूद नहीं है। उधर, क्षेत्रीय किसानों ने सरकार से मांग की है शीघ्र ही किसानों को खेतों में बुवाई करने के लिए खाद, बीज की व्यवस्था करानी चाहिए नहीं तो उनकी फसल बुवाई का समय हाथों से निकल जाएगा।
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बता दें कि किसान सहकारी समितियों कर्मचारी पिछले 15 दिनों से अपने कर्मचारी को राज्य कर्मचारियों की तरह वेतन राजकोष से दिया जाना और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया का भुगतान व कार्यरत सचिवों व आंकिक की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष सहित अन्य कई मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को भी क्षेत्र की सभी सहकारी समितियों के मुख्य गेट पर ताले लटके रहे। किसान सुरेंद्र सिंह, अरविंद राणा, शिवकुमार सिंह, सुखपाल सिंह, सुंदर सिंह, बृजमोहन, नरेंद्र सिंह, टीटू आदि का कहना है कि इस समय गेहूं, आलू ,मसूर, सरसों, बरसीम आदि की बुवाई खेतों में चल रही है, जिसमें किसानों को डीएपी व एनपीके, यूरिया आदि खाद की बेहद आवश्यकता पड़ रही है। समितियों में हड़ताल हो जाने से किसान बाजारों की प्राइवेट दुकानों से खाद बीज महंगे दामों पर खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। पीड़ित किसानों का कहना है कि समितियों में डीएपी खाद 1290 रुपये का मिल रहा है, जबकि बाजार से यह खाद 150-200 रुपये मंहगे दामों पर मिल रही है, वहीं बाजारों से खरीदे गये खाद बीज में मिलावट की भी किसानों को आशंका है, लेकिन मजबूरी के चलते उन्हें यह खरीदना पड़ रहा है। सहकारी समिति बड़गांव के एमडी पंकज पंवार का कहना है कि पिछले 15 दिन से जिले की सभी समितियों में यह हड़ताल चल रही है। इस कारण कोई भी कर्मचारी इस समय समितियों में मौजूद नहीं है। उधर, क्षेत्रीय किसानों ने सरकार से मांग की है शीघ्र ही किसानों को खेतों में बुवाई करने के लिए खाद, बीज की व्यवस्था करानी चाहिए नहीं तो उनकी फसल बुवाई का समय हाथों से निकल जाएगा।
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