{"_id":"5b99569a867a557f6917ef10","slug":"141536775834-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गलत एवं झूठी घोषणाएं करने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गलत एवं झूठी घोषणाएं करने का आरोप
Updated Wed, 12 Sep 2018 11:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। बसपा के चंद्रजीत सिंह निक्कू ने हाईवे के शिलान्यास के दौरान भाजपा नेताओं पर झूठी घोषणाएं करने और अधिकारियों पर गलत रिपोर्ट दिए जाने का भी आरोप लगाया है।
बसपा के वार्ड 15 के सभासद चंद्रजीत सिंह निक्कू का कहना है कि मंगलवार को हाईवे के शिलान्यास केे दौरान मंच से नगर निगम सहारनपुर को ओडीएफ घोषित किया गया। जबकि सहारनपुर के सिर्फ एक कालोनी वार्ड 15 की झुग्गी झोंपड़ी में ही ढाई सौ से अधिक परिवार खुले में शौच के लिए जा रहे हैं। जबकि पूरे शहर में हजारों लोग आज भी खुले में शौच के लिए जा रहे हैं। मंच से ही शहर को साफ सुथरा घोषित किया गया। जबकि शहर की सड़कों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। मंच से सहारनपुर को गड्ढा मुक्त घोषित किया गय। जबकि हरियाणा से सहारनपुर की उत्तराखंड की सीमा तक नेशनल हाईवे देहरादून डॉट काली के मंदिर तक सहारनपुर की सड़कों में गड्ढे नहीं बल्कि गड्ढों में सड़कें हैं। मंच से सहारनपुर को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की घोषणा भी गलत की गई। जबकि हालत यह है कि शहर के कुछ फीडरों पर कई बार आठ से दस घंटे का कट लग जाता है। जबकि तीन से चार घंटे तो औसतन रोजाना ही कट लग जाता है।
उन्होंने कहा कि गलत तथ्यों की घोषणा से लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। अधिकारियों ने गलत तथ्य दिए हैं। जिस कारण घोषणाएं भी गलत हुईं हैं। जिन विभागों ने गलत तथ्य दिए हैं उन विभागों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। इस मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बसपा के वार्ड 15 के सभासद चंद्रजीत सिंह निक्कू का कहना है कि मंगलवार को हाईवे के शिलान्यास केे दौरान मंच से नगर निगम सहारनपुर को ओडीएफ घोषित किया गया। जबकि सहारनपुर के सिर्फ एक कालोनी वार्ड 15 की झुग्गी झोंपड़ी में ही ढाई सौ से अधिक परिवार खुले में शौच के लिए जा रहे हैं। जबकि पूरे शहर में हजारों लोग आज भी खुले में शौच के लिए जा रहे हैं। मंच से ही शहर को साफ सुथरा घोषित किया गया। जबकि शहर की सड़कों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। मंच से सहारनपुर को गड्ढा मुक्त घोषित किया गय। जबकि हरियाणा से सहारनपुर की उत्तराखंड की सीमा तक नेशनल हाईवे देहरादून डॉट काली के मंदिर तक सहारनपुर की सड़कों में गड्ढे नहीं बल्कि गड्ढों में सड़कें हैं। मंच से सहारनपुर को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की घोषणा भी गलत की गई। जबकि हालत यह है कि शहर के कुछ फीडरों पर कई बार आठ से दस घंटे का कट लग जाता है। जबकि तीन से चार घंटे तो औसतन रोजाना ही कट लग जाता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि गलत तथ्यों की घोषणा से लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। अधिकारियों ने गलत तथ्य दिए हैं। जिस कारण घोषणाएं भी गलत हुईं हैं। जिन विभागों ने गलत तथ्य दिए हैं उन विभागों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। इस मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है।
विज्ञापन