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गोवंशीय पशु के मरने का आरोप लगा ग्रामीणों ने किया हंगामा
Updated Thu, 06 Sep 2018 12:25 AM IST
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अंबेहटा (सहारनपुर)। रणदेवा गांव में स्थित गोशाला में गोवंशीय पशु के मर जाने पर ग्रामीणों ने हंगामा किया। ग्रामीणों ने उसके भूख से मरने का आरोप लगाते हुए पीएम कराने की मांग की। मौके पर पहुंचे कोतवाल ने ग्रामीणों को समझा बुझा कर शांत किया।
बता दें कि रणदेवा गांव में काफी समय से गोशाला का संचालन हो रहा है। गोशाला में वर्तमान में करीब एक हजार गोवंशीय पशु हैं। बुधवार को गोशाला में 9 गोवंशीय पशु की मौत हो गई। मृत गोवंश को कुछ लोग ट्रैक्टर बुग्गी में डालकर ले जा रहे थे। जैसे ही इसकी भनक ग्रामीणों को लगी तो ग्रामीणों ने भैरूमऊ गांव के पास उन्हें रोक लिया। बुग्गी पर पड़ी तिरपाल उठाकर देखा गया तो उसमें नौ पशु मृत मिले। जिस पर ग्रामीण भड़क गए तथा हंगामा करने लगे। ग्रामीणों का आरोप है कि गोशाला में प्रबंध ठीक न होने की वजह से हर रोज गोवंश की मौत हो रही है। ग्रामीणों ने मृत गोवंश का पीएम कराने की मांग की। सूचना पाकर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नकुड़ मुकेश गौतम मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान गोवंश का पीएम कराने के लिए सहारनपुर से पशु चिकित्सकों की टीम भी बुला ली गई। कोतवाल के काफी समझाने पर ग्रामीण शांत हो गए जिस कारण पशु टीम को बैरंग लौटना पड़ा। हंगामा करने वालों में रामकुमार शर्मा, विनीत शर्मा, महिपाल सिंह, कालू शर्मा आदि रहे। उधर, गोशाला समिति के अध्यक्ष चौधरी हरिपाल सिंह का कहना है कि गोवंश की मौत भूख से नहीं बल्कि स्वाभाविक मौत है। गोशाला में सभी गोवंश के लिए चारे की समुचित व्यवस्था है।
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बता दें कि रणदेवा गांव में काफी समय से गोशाला का संचालन हो रहा है। गोशाला में वर्तमान में करीब एक हजार गोवंशीय पशु हैं। बुधवार को गोशाला में 9 गोवंशीय पशु की मौत हो गई। मृत गोवंश को कुछ लोग ट्रैक्टर बुग्गी में डालकर ले जा रहे थे। जैसे ही इसकी भनक ग्रामीणों को लगी तो ग्रामीणों ने भैरूमऊ गांव के पास उन्हें रोक लिया। बुग्गी पर पड़ी तिरपाल उठाकर देखा गया तो उसमें नौ पशु मृत मिले। जिस पर ग्रामीण भड़क गए तथा हंगामा करने लगे। ग्रामीणों का आरोप है कि गोशाला में प्रबंध ठीक न होने की वजह से हर रोज गोवंश की मौत हो रही है। ग्रामीणों ने मृत गोवंश का पीएम कराने की मांग की। सूचना पाकर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नकुड़ मुकेश गौतम मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान गोवंश का पीएम कराने के लिए सहारनपुर से पशु चिकित्सकों की टीम भी बुला ली गई। कोतवाल के काफी समझाने पर ग्रामीण शांत हो गए जिस कारण पशु टीम को बैरंग लौटना पड़ा। हंगामा करने वालों में रामकुमार शर्मा, विनीत शर्मा, महिपाल सिंह, कालू शर्मा आदि रहे। उधर, गोशाला समिति के अध्यक्ष चौधरी हरिपाल सिंह का कहना है कि गोवंश की मौत भूख से नहीं बल्कि स्वाभाविक मौत है। गोशाला में सभी गोवंश के लिए चारे की समुचित व्यवस्था है।
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