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सहारनपुर स्टेशन पर अवैध कारोबार का जाल
Updated Mon, 07 May 2018 12:29 AM IST
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सहारनपुर स्टेशन पर अवैध कारोबार का जाल
सहारनपुर। रेलवे स्टेशन पर अवैध कारोबार का जाल फैल चुका है। यहां न सिर्फ टैक्स चोरी कर माल आ रहा है, बल्कि ठेकेदारों ने अधिकारियों से साठगांठ कर अंबाला से लेकर दिल्ली और मुरादाबाद तक अनाधिकृत वेंडर का ट्रेनों से लेकर प्लेटफार्म तक कब्जा है।
सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर अधिकृत वेंडर्स का तो ठेका छोड़ा ही जा रहा है, लेकिन यह ऐसा स्टेशन है, जहां गोपनीय तरीके से अनाधिकृत वेंडरों का भी ठेका छोड़ा जा रहा है। अनाधिकृत वेंडर्स का ठेका लेने वाले ठेकेदारों की जड़ें इतनी गहरी हैं कि कार्रवाई पर अधिकारियों के स्थानांतरण तक कराने की धमकी दी जाती हैं। तीन महीने पहले आरपीएफ के एक उप निरीक्षक को सिर्फ इसलिए हटवा दिया गया, क्योंकि मारपीट करने के आरोप में कुछ वेंडरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई थी।
अधिकारियों की मिलीभगत का अंदाजा इसी बात से लग रहा है कि कागजों में कार्रवाई के लिए वेंडरों को पकड़ लिया जाता है और कागजी कार्रवाई पूरी होते ही वेंडर फिर से ट्रेनों में नजर आते हैं। चार दिन पूर्व आरपीएफ प्रभारी समेत तीन लोगों पर इसी के चलते निलंबन की गाज गिरी।
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आरपीएफ के रिकार्ड के अनुसार चार महीने में साढ़े छह सौ अनाधिकृत वेंडरों को पकड़ा जा चुका है। जबकि एक सप्ताह में 50 से अधिक वेंडर पकड़े गए हैं। पिछले वर्ष तो सहारनपुर स्टेशन पर रिकार्ड में 1500 से अधिक अनाधिकृत वेंडर पकड़े गए।
अब सिर्फ वेंडर ही नहीं ट्रेनों में टैक्स चोरी का माल भी सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर उतर रहा है। ऐसा नहीं है कि अधिकारियों को इसकी जानकारी न हो। लगातार शिकायतें हो रहीं है। आरपीएफ प्रभारी संजीव शर्मा को निलंबन के मामले में कर चोरी करके लाए जा रहे माल की शिकायतों पर कार्रवाई न किए जाने का भी आरोप है। रेलवे के अन्य अधिकारियों से भी शिकायतें की गईं। कई बार स्टेशन पर छापा पड़ा और टैक्स चोरी कर लाया गया माल भी भारी मात्रा में पकड़ा गया। लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
अंबाला डिवीजन की एसीएम रीतिका वशिष्ठ का इस मामले में कहना है कि अवैध कार्यों की रोकथाम के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। जो स्टेशन पर अवैध वेंडरों एवं अन्य व्यवस्थाओं पर निगरानी रखेगी।
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सहारनपुर। रेलवे स्टेशन पर अवैध कारोबार का जाल फैल चुका है। यहां न सिर्फ टैक्स चोरी कर माल आ रहा है, बल्कि ठेकेदारों ने अधिकारियों से साठगांठ कर अंबाला से लेकर दिल्ली और मुरादाबाद तक अनाधिकृत वेंडर का ट्रेनों से लेकर प्लेटफार्म तक कब्जा है।
सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर अधिकृत वेंडर्स का तो ठेका छोड़ा ही जा रहा है, लेकिन यह ऐसा स्टेशन है, जहां गोपनीय तरीके से अनाधिकृत वेंडरों का भी ठेका छोड़ा जा रहा है। अनाधिकृत वेंडर्स का ठेका लेने वाले ठेकेदारों की जड़ें इतनी गहरी हैं कि कार्रवाई पर अधिकारियों के स्थानांतरण तक कराने की धमकी दी जाती हैं। तीन महीने पहले आरपीएफ के एक उप निरीक्षक को सिर्फ इसलिए हटवा दिया गया, क्योंकि मारपीट करने के आरोप में कुछ वेंडरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई थी।
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अधिकारियों की मिलीभगत का अंदाजा इसी बात से लग रहा है कि कागजों में कार्रवाई के लिए वेंडरों को पकड़ लिया जाता है और कागजी कार्रवाई पूरी होते ही वेंडर फिर से ट्रेनों में नजर आते हैं। चार दिन पूर्व आरपीएफ प्रभारी समेत तीन लोगों पर इसी के चलते निलंबन की गाज गिरी।
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आरपीएफ के रिकार्ड के अनुसार चार महीने में साढ़े छह सौ अनाधिकृत वेंडरों को पकड़ा जा चुका है। जबकि एक सप्ताह में 50 से अधिक वेंडर पकड़े गए हैं। पिछले वर्ष तो सहारनपुर स्टेशन पर रिकार्ड में 1500 से अधिक अनाधिकृत वेंडर पकड़े गए।
अब सिर्फ वेंडर ही नहीं ट्रेनों में टैक्स चोरी का माल भी सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर उतर रहा है। ऐसा नहीं है कि अधिकारियों को इसकी जानकारी न हो। लगातार शिकायतें हो रहीं है। आरपीएफ प्रभारी संजीव शर्मा को निलंबन के मामले में कर चोरी करके लाए जा रहे माल की शिकायतों पर कार्रवाई न किए जाने का भी आरोप है। रेलवे के अन्य अधिकारियों से भी शिकायतें की गईं। कई बार स्टेशन पर छापा पड़ा और टैक्स चोरी कर लाया गया माल भी भारी मात्रा में पकड़ा गया। लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
अंबाला डिवीजन की एसीएम रीतिका वशिष्ठ का इस मामले में कहना है कि अवैध कार्यों की रोकथाम के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। जो स्टेशन पर अवैध वेंडरों एवं अन्य व्यवस्थाओं पर निगरानी रखेगी।